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जीटी रोड को टोल फ्री करने की फिर उठी मांग, संघर्ष के लिए सोशल मीडिया पर हो रहे एकजुट
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Tue, 04 Apr 2017 11:51 PM IST
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पानीपत
- फोटो : पानीपत
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। औद्योगिक नगरी पानीपत के लोग जीटी रोड को टोल फ्री करने के लिए फिर एकजुट होने लगे हैं। शहरवासियों ने इस बार टोल फ्री होने के लिए लंबी लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी है। शहरवासियों को एकजुट करने के लिए सोशल मीडिया पर भी ग्रुप बना लिया गया है। इसका हर सदस्य समर्थन कर रहा है। लोगों के एकजुट होने से टोल को लेकर प्रशासन और टोल प्रबंधन की परेशानी शुरू हो गई हैं।
शहर के बीचोंबीच जीटी रोड पर कई सौ करोड़ की लागत से एलिवेटेड हाईवे बनाया गया है। इसके करनाल की तरफ टोल बैरियर स्थापित है। इसे 18 जुलाई 2008 को शुरू किया गया था। पानीपत के लोगों ने उस वक्त टोल के विरोध में आवाज उठाई थी। इसके बाद पानीपत नंबर की रजिस्टर्ड गाड़ियों को कुछ छूट दे दी गई थी। लेकिन, अब शहरवासी पूरी तरह से टोल फ्री रोड चाहते हैं। शहरवासी जल्द ही प्रशासनिक अधिकारियों और टोल प्रबंधन से मिलकर अपनी मांग रखेंगे।
व्हाट्स एप ग्रुप में भाजपा मीडिया प्रभारी ग्रुप एडमिन
शहरवासियों को टोल फ्री सफर करवाने के लिए एक व्हाट्स एप ग्रुप बनाया गया है। इसा नाम भी टोल फ्री रखा है। इसमें भाजपा के मीडिया प्रभारी दीपक सलूजा ग्रुप एडमिन हैं। इसके अलावा इंसार बाजार के प्रधान गौरव लिखा और पूर्व जिला पार्षद जोगिंद्र स्वामी भी ग्रुप एडमिन हैं। शहरवासी इसका लगातार समर्थन कर रहे हैं। कई सदस्य तो इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने का दावा कर रहे हैं।
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एलिवेटेड हाईवे का प्रयोग किए बिना टोल, इसलिए विरोध
पानीपत की रजिस्टर्ड गाड़ियों को टोल पर मात्र पांच रुपये का चार्ज एक बार देना पड़ता है। लेकिन, शहरवासी इसका भी विरोध कर हैं। इंसार बाजार के प्रधान गौरव लिखा ने बताया कि पानीपत में करीब दस किलोमीटर लंबा एलिवेटेड हाईवे है। पानीपत के लोगों को इसका एक प्रतिशत भी लाभ नहीं मिल पाया है। इसके चलते सेक्टर-18, एल्डीको, बाबरपुर मंडी और करनाल की तरफ के गांवों में जाने के लिए भी शहरवासियों को टोल चुकाना पड़ता है।
डाहर टोल पर आसपास के ग्रामीण फ्री
शहरवासियों का कहना है कि पानीपत-रोहतक नेशनल हाईवे पर डाहर गांव में टोल टैक्स बैरियर है। स्थानीय लोगों ने टोल शुरू होते ही विरोध शुरू कर दिया था। इसके चलते अधिकारियों को डाहर और नौल्था के ग्रामीणों का टोल फ्री करना पड़ा था। अब इसी मुद्दे को आधार बनाकर शहरवासी लड़ाई लड़ने के लिए एकजुट हुए हैं। शहरवासियों का कहना है कि वे अब इसको फ्री कराकर ही रहेंगे।
एलिवेटेड हाईवे के नीचे लंबे समय से नहीं सुविधा, अब रास्ता खुला
शहरवासियों को सबसे ज्यादा परेशानी एलिवेटेड हाईवे के बनने के बाद हुई है। पहले प्रोजेक्ट में एलिवेटेड हाईवे के नीचे पार्किंग और अन्य जन सुविधाओं को स्थापित किया जाना था। लेकिन, कंपनी ने इन सबको नजरअंदाज कर दिया। करीब पांच साल पहले तत्कालीन उपायुक्त ने जन सुविधा को देखते हुए पार्किंग शुरू कराई थी। वह डेवलेप नहीं हो पाई थी। डीसी चंद्रशेखर खरे ने हाल में इस मामले को प्रमुखता से लिया और एलिवेटेड हाईवे के नीचे टाइल लगवाने के साथ यहां पर कई जन सुविधा स्थापित करने का फैसला लिया है। इसको लेकर आईओसीएल से करीब पौने सात करोड़ रुपये के एक प्रोजेक्ट पर एमओयू साइन किया है। इसकी दो करोड़ रुपये की ग्रांट भी मंजूर कर दी गई है।
पानीपत टोल को फ्री कराने जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। पानीपत की रजिस्टर्ड गाड़ियों को पहले से ही छूट दी जा रही है। फिर भी किसी तरह की मांग उठती है तो टोल प्रबंधन और एनएचएआई से बात की जाएगी।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी, पानीपत।
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पानीपत। औद्योगिक नगरी पानीपत के लोग जीटी रोड को टोल फ्री करने के लिए फिर एकजुट होने लगे हैं। शहरवासियों ने इस बार टोल फ्री होने के लिए लंबी लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी है। शहरवासियों को एकजुट करने के लिए सोशल मीडिया पर भी ग्रुप बना लिया गया है। इसका हर सदस्य समर्थन कर रहा है। लोगों के एकजुट होने से टोल को लेकर प्रशासन और टोल प्रबंधन की परेशानी शुरू हो गई हैं।
शहर के बीचोंबीच जीटी रोड पर कई सौ करोड़ की लागत से एलिवेटेड हाईवे बनाया गया है। इसके करनाल की तरफ टोल बैरियर स्थापित है। इसे 18 जुलाई 2008 को शुरू किया गया था। पानीपत के लोगों ने उस वक्त टोल के विरोध में आवाज उठाई थी। इसके बाद पानीपत नंबर की रजिस्टर्ड गाड़ियों को कुछ छूट दे दी गई थी। लेकिन, अब शहरवासी पूरी तरह से टोल फ्री रोड चाहते हैं। शहरवासी जल्द ही प्रशासनिक अधिकारियों और टोल प्रबंधन से मिलकर अपनी मांग रखेंगे।
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व्हाट्स एप ग्रुप में भाजपा मीडिया प्रभारी ग्रुप एडमिन
शहरवासियों को टोल फ्री सफर करवाने के लिए एक व्हाट्स एप ग्रुप बनाया गया है। इसा नाम भी टोल फ्री रखा है। इसमें भाजपा के मीडिया प्रभारी दीपक सलूजा ग्रुप एडमिन हैं। इसके अलावा इंसार बाजार के प्रधान गौरव लिखा और पूर्व जिला पार्षद जोगिंद्र स्वामी भी ग्रुप एडमिन हैं। शहरवासी इसका लगातार समर्थन कर रहे हैं। कई सदस्य तो इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने का दावा कर रहे हैं।
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एलिवेटेड हाईवे का प्रयोग किए बिना टोल, इसलिए विरोध
पानीपत की रजिस्टर्ड गाड़ियों को टोल पर मात्र पांच रुपये का चार्ज एक बार देना पड़ता है। लेकिन, शहरवासी इसका भी विरोध कर हैं। इंसार बाजार के प्रधान गौरव लिखा ने बताया कि पानीपत में करीब दस किलोमीटर लंबा एलिवेटेड हाईवे है। पानीपत के लोगों को इसका एक प्रतिशत भी लाभ नहीं मिल पाया है। इसके चलते सेक्टर-18, एल्डीको, बाबरपुर मंडी और करनाल की तरफ के गांवों में जाने के लिए भी शहरवासियों को टोल चुकाना पड़ता है।
डाहर टोल पर आसपास के ग्रामीण फ्री
शहरवासियों का कहना है कि पानीपत-रोहतक नेशनल हाईवे पर डाहर गांव में टोल टैक्स बैरियर है। स्थानीय लोगों ने टोल शुरू होते ही विरोध शुरू कर दिया था। इसके चलते अधिकारियों को डाहर और नौल्था के ग्रामीणों का टोल फ्री करना पड़ा था। अब इसी मुद्दे को आधार बनाकर शहरवासी लड़ाई लड़ने के लिए एकजुट हुए हैं। शहरवासियों का कहना है कि वे अब इसको फ्री कराकर ही रहेंगे।
एलिवेटेड हाईवे के नीचे लंबे समय से नहीं सुविधा, अब रास्ता खुला
शहरवासियों को सबसे ज्यादा परेशानी एलिवेटेड हाईवे के बनने के बाद हुई है। पहले प्रोजेक्ट में एलिवेटेड हाईवे के नीचे पार्किंग और अन्य जन सुविधाओं को स्थापित किया जाना था। लेकिन, कंपनी ने इन सबको नजरअंदाज कर दिया। करीब पांच साल पहले तत्कालीन उपायुक्त ने जन सुविधा को देखते हुए पार्किंग शुरू कराई थी। वह डेवलेप नहीं हो पाई थी। डीसी चंद्रशेखर खरे ने हाल में इस मामले को प्रमुखता से लिया और एलिवेटेड हाईवे के नीचे टाइल लगवाने के साथ यहां पर कई जन सुविधा स्थापित करने का फैसला लिया है। इसको लेकर आईओसीएल से करीब पौने सात करोड़ रुपये के एक प्रोजेक्ट पर एमओयू साइन किया है। इसकी दो करोड़ रुपये की ग्रांट भी मंजूर कर दी गई है।
पानीपत टोल को फ्री कराने जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। पानीपत की रजिस्टर्ड गाड़ियों को पहले से ही छूट दी जा रही है। फिर भी किसी तरह की मांग उठती है तो टोल प्रबंधन और एनएचएआई से बात की जाएगी।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी, पानीपत।