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Panipat News: लंबू नाम के लोगों से पूछताछ के बाद आरोपियों तक पहुंची जीआरपी
Thu, 04 Sep 2025 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Thu, 04 Sep 2025 12:16 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। महिला से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों तक पहुंचने के लिए जीआरपी को काफी मशक्कत करनी पड़ी। आरोपियों के बारे में पुलिस को सिर्फ एक ही जानकारी थी कि उनमें से एक आरोपी को लंबू कहते हैं। जिसके बाद पुलिस रेलवे स्टेशन पर रहने वाले संदिग्ध व्यक्तियों और लंबू नाम के व्यक्तियों की पड़ताल करने में जुटी थी। दो माह में लंबू नाम के 150 से अधिक लोगों की कुंडली खंगाली। तब जाकर टीम आरोपी तक पहुंची।
जीआरपी थाना प्रभारी राजेश ने बताया कि 11 जुलाई को पुलिस ने रेलकर्मी भजनलाल और एक अन्य आरोपी शिवम को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद गुलाब सिंह का नाम आया था। गुलाब ने दो अन्य आरोपियों के होने की जानकारी दी थी। साथ ही बताया था कि उनमें एक आरोपी को लंबू कहते हैं। जिसके बाद पुलिस लंबू की तलाश में जुट गई थी। पुलिस को पता चला था कि एक व्यक्ति उचाना का रहने वाला है और रेलवे स्टेशन के आस-पास घूमता है उसे भी लंबू कहते हैं। इतनी जानकारी मिलने के के बाद टीमें उसके पीछे लगी थी। पुख्ता जानकारी होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया। राकेश उर्फ लंबू उर्फ गोलू से पूछताछ के बाद रवि का नाम सामने आया था।
जम्मू जाने वाली ट्रेन की उद्घोषणा से हुआ था खुलासा : सामूहिक दुष्कर्म की वारदात के बाद महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण शुरुआती जांच में पुलिस को खासा परेशानी आई थी। महिला ने पहले पानीपत रेलवे स्टेशन पर दुष्कर्म होने की बात कही थी। लेकिन जिस तरह से महिला ने बताया था कि प्लेटफॉर्म नंबर एक पर खड़ी ट्रेन में दुष्कर्म हुआ तो पुलिस भी चक्कर में पड़ गई थी।
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क्योंकि, पानीपत रेलवे स्टेशन पर उस रात को कोई ट्रेन खड़ी नहीं हुई थी। सीसीटीवी फुटेज में भी महिला जीटी रोड पर करनाल की तरफ जाती दिखी थी। इसके बाद महिला की हालत में कुछ सुधार हुआ तो उसने बताया था कि जिस समय वारदात हुई उस समय स्टेशन पर वैष्णोदेवी जाने वाली ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर आने की उद्घोषणा हुई थी। दिल्ली से अंबाला तक अप ट्रैक पर केवल कुरुक्षेत्र ही एक ऐसा स्टेशन है जहां पर यह ट्रेन अक्सर प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर आती है। इसके बाद एसआईटी को समझने में देर नहीं लगी और कुरुक्षेत्र स्टेशन की सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले। जिसमें महिला एक आरोपी शिवम के साथ जाते हुए दिखाई दी थी।
रेलवे स्टेशन पर मानसिक रूप से बीमार महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले का संज्ञान राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी लिया था। आयोग ने रेलवे बोर्ड, रेल मंत्रालय और डीजीपी हरियाणा से रिपोर्ट तलब की थी।
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पानीपत। महिला से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों तक पहुंचने के लिए जीआरपी को काफी मशक्कत करनी पड़ी। आरोपियों के बारे में पुलिस को सिर्फ एक ही जानकारी थी कि उनमें से एक आरोपी को लंबू कहते हैं। जिसके बाद पुलिस रेलवे स्टेशन पर रहने वाले संदिग्ध व्यक्तियों और लंबू नाम के व्यक्तियों की पड़ताल करने में जुटी थी। दो माह में लंबू नाम के 150 से अधिक लोगों की कुंडली खंगाली। तब जाकर टीम आरोपी तक पहुंची।
जीआरपी थाना प्रभारी राजेश ने बताया कि 11 जुलाई को पुलिस ने रेलकर्मी भजनलाल और एक अन्य आरोपी शिवम को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद गुलाब सिंह का नाम आया था। गुलाब ने दो अन्य आरोपियों के होने की जानकारी दी थी। साथ ही बताया था कि उनमें एक आरोपी को लंबू कहते हैं। जिसके बाद पुलिस लंबू की तलाश में जुट गई थी। पुलिस को पता चला था कि एक व्यक्ति उचाना का रहने वाला है और रेलवे स्टेशन के आस-पास घूमता है उसे भी लंबू कहते हैं। इतनी जानकारी मिलने के के बाद टीमें उसके पीछे लगी थी। पुख्ता जानकारी होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया। राकेश उर्फ लंबू उर्फ गोलू से पूछताछ के बाद रवि का नाम सामने आया था।
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जम्मू जाने वाली ट्रेन की उद्घोषणा से हुआ था खुलासा : सामूहिक दुष्कर्म की वारदात के बाद महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण शुरुआती जांच में पुलिस को खासा परेशानी आई थी। महिला ने पहले पानीपत रेलवे स्टेशन पर दुष्कर्म होने की बात कही थी। लेकिन जिस तरह से महिला ने बताया था कि प्लेटफॉर्म नंबर एक पर खड़ी ट्रेन में दुष्कर्म हुआ तो पुलिस भी चक्कर में पड़ गई थी।
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क्योंकि, पानीपत रेलवे स्टेशन पर उस रात को कोई ट्रेन खड़ी नहीं हुई थी। सीसीटीवी फुटेज में भी महिला जीटी रोड पर करनाल की तरफ जाती दिखी थी। इसके बाद महिला की हालत में कुछ सुधार हुआ तो उसने बताया था कि जिस समय वारदात हुई उस समय स्टेशन पर वैष्णोदेवी जाने वाली ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर आने की उद्घोषणा हुई थी। दिल्ली से अंबाला तक अप ट्रैक पर केवल कुरुक्षेत्र ही एक ऐसा स्टेशन है जहां पर यह ट्रेन अक्सर प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर आती है। इसके बाद एसआईटी को समझने में देर नहीं लगी और कुरुक्षेत्र स्टेशन की सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले। जिसमें महिला एक आरोपी शिवम के साथ जाते हुए दिखाई दी थी।
रेलवे स्टेशन पर मानसिक रूप से बीमार महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले का संज्ञान राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी लिया था। आयोग ने रेलवे बोर्ड, रेल मंत्रालय और डीजीपी हरियाणा से रिपोर्ट तलब की थी।