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Panipat News: नाना-नानी, दादा-दादी निभाएंगे मेंटर की भूमिका
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पानीपत। बालवाटिका-3 से पांचवीं के बच्चों को इस बार परंपरागत शिक्षण लेखन से हटकर होमवर्क दिया जाएगा। इसमें नाना-नानी, दादा-दादी व बड़े सदस्य मेंटर की भूमिका निभाएंगे जिससे वे अपने अनुभवों के तहत नई पीढ़ी को सामान्य ज्ञान के साथ संस्कार, मार्गदर्शन, दक्षता, कौशल व्यवहार कुशलता प्रदान करेंगे। यह सभी गतिविधियां जहां विद्यार्थी को पढ़ने-लिखने, गणना जैसे कौशल देगी, वहीं उन्हें आकलन, अनुमान लगाना, विश्लेषण, एकीकरण, प्रथक्करण, अवलोकन, प्रबंधन एवं प्रस्तुतीकरण सिखाएगी। होमवर्क में किए बदलाव को लेकर हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के लिए बालवाटिका-3 से कक्षा पांचवीं के लिए नवाचारी ग्रीष्मावकाश होमवर्क के संदर्भ में प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों एवं स्कूल प्रभारी को जारी निर्देशों में कहा है कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी 01 जून से 30 जून तक होने वाले ग्रीष्म अवकाश में निपुण कार्यक्रम तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या एनसीएफ की अनुपालन में होमवर्क में बदलाव किया गया है। परंपरागत शिक्षण लेखन तथा रटने की प्रकृति की अपेक्षा निपुण में अनुभव आधारित शिक्षण पर बल दिया गया है जिसमें स्वतंत्र समय-सारणी, स्वछंद शिक्षण, अनुभव आधारित पठन-पाठन में पाठ्य-पुस्तकों से अलग कहानी अखबार, बाजार समाज परिवेश के माध्यम से पठन-पाठन करवाया जाना है। यह अनूठा होमवर्क परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर किया जाना है।
परिषद की ओर से होमवर्क में किए बदलाव से विद्यार्थी के शब्दकोष का विस्तार होगा जिससे विद्यार्थी अपनी मातृभाषा में गीत, लोकगीत, पहेलियां, कहानियां, वृत्तांत तथा 20वीं सदी के विचार, रिवाज, परिवार के सदस्यों की पिछली पीढ़ियों तथा लोकतंत्र के पर्व की जानकारी प्राप्त करेगा।
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बच्चों का पारिवारिक सदस्यों से जुड़ाव का वातावरण तैयार करना शिक्षा परियोजना परिषद का मकसद है। परिवार के सदस्यों से जोड़कर बनाई गई यह गतिविधियां उन्हें हर समय मोबाइल, कंप्यूटर तथा टेलीविजन से दूर करके अनुभव करने का अवसर भी प्रदान करेंगी। साथ ही, परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के साथ लगाव एवं जुड़ा़व का वातावरण बनाने में सहायक होगी।
गतिविधि आधारित यह होमवर्क पूरे माह किया जाना है जो परिवार के बड़े सदस्यों के बिना संभव नहीं है। इसके लिए माता-पिता को गतिविधियों का चुनाव करके इसे बच्चों को करवाना होगा। प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी दक्षता, कक्षा तथा आयु के अनुसार कम-से-कम 10 गतिविधियां करनी होंगी। एकल तथा संयुक्त परिवार में रहने वाले विद्यार्थी अपने परिजनों के साथ मिलकर इनका चयन करेंगे। वहीं, कक्षा चौथी तथा पांचवी के विद्यार्थी अपनी डायरी में प्रतिदिन की गई गतिविधिया लिखेंगे।
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अभिभावकों के साथ साझा होगा गृहकार्य
बालवाटिका-3 से पांचवी तक की निपुण कक्षाओं के गृहकार्य को अभिभावकों के साथ साझा करना होगा। वहीं, 30 या 31 मई को पीटीएम का आयोजन करके अभिभावकों का मार्गदर्शन करना होगा ताकि वे अपने बच्चों के साथ समय व्यतीत करें तथा होमवर्क के माध्यम से उनमें अच्छे सरकार डालें। बच्चों को अपने काम स्वयं करने की भावना जगाएं तथा घर के कार्यों को करने का अभ्यास करवाएं।
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जून के अंत में होगी परीक्षा
निर्देशानुसार जून के अंतिम सप्ताह में प्रश्न-पत्र पर आधारित परीक्षा का आयोजन भी होगा। परीक्षा के आयोजक, परीक्षक तथा मूल्यांकनकर्ता अभिभावक ही होंगे। इस आंकलन का रिकार्ड अध्यापक द्वारा सत्र के दौरान अवलोकन हेतु रखा जाएगा।
वर्जन-
निपुण कार्यक्रम के तहत नई शिक्षा नीति के अनुरूप बालवाटिका-3 से पांचवीं के बच्चों को नवचारी ग्रीष्मकालीन होमवर्क दिया जाएगा। इसमें नाना-नानी, दादा-दादी मेंटर की भूमिका निभाएंगे। होमवर्क में किए बदलाव से बच्चों को पारिवारिक सदस्यों से जुड़ाव का वातावरण तैयार होगा।
- राकेश बूरा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
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शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के लिए बालवाटिका-3 से कक्षा पांचवीं के लिए नवाचारी ग्रीष्मावकाश होमवर्क के संदर्भ में प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों एवं स्कूल प्रभारी को जारी निर्देशों में कहा है कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी 01 जून से 30 जून तक होने वाले ग्रीष्म अवकाश में निपुण कार्यक्रम तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या एनसीएफ की अनुपालन में होमवर्क में बदलाव किया गया है। परंपरागत शिक्षण लेखन तथा रटने की प्रकृति की अपेक्षा निपुण में अनुभव आधारित शिक्षण पर बल दिया गया है जिसमें स्वतंत्र समय-सारणी, स्वछंद शिक्षण, अनुभव आधारित पठन-पाठन में पाठ्य-पुस्तकों से अलग कहानी अखबार, बाजार समाज परिवेश के माध्यम से पठन-पाठन करवाया जाना है। यह अनूठा होमवर्क परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर किया जाना है।
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परिषद की ओर से होमवर्क में किए बदलाव से विद्यार्थी के शब्दकोष का विस्तार होगा जिससे विद्यार्थी अपनी मातृभाषा में गीत, लोकगीत, पहेलियां, कहानियां, वृत्तांत तथा 20वीं सदी के विचार, रिवाज, परिवार के सदस्यों की पिछली पीढ़ियों तथा लोकतंत्र के पर्व की जानकारी प्राप्त करेगा।
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बच्चों का पारिवारिक सदस्यों से जुड़ाव का वातावरण तैयार करना शिक्षा परियोजना परिषद का मकसद है। परिवार के सदस्यों से जोड़कर बनाई गई यह गतिविधियां उन्हें हर समय मोबाइल, कंप्यूटर तथा टेलीविजन से दूर करके अनुभव करने का अवसर भी प्रदान करेंगी। साथ ही, परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के साथ लगाव एवं जुड़ा़व का वातावरण बनाने में सहायक होगी।
गतिविधि आधारित यह होमवर्क पूरे माह किया जाना है जो परिवार के बड़े सदस्यों के बिना संभव नहीं है। इसके लिए माता-पिता को गतिविधियों का चुनाव करके इसे बच्चों को करवाना होगा। प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी दक्षता, कक्षा तथा आयु के अनुसार कम-से-कम 10 गतिविधियां करनी होंगी। एकल तथा संयुक्त परिवार में रहने वाले विद्यार्थी अपने परिजनों के साथ मिलकर इनका चयन करेंगे। वहीं, कक्षा चौथी तथा पांचवी के विद्यार्थी अपनी डायरी में प्रतिदिन की गई गतिविधिया लिखेंगे।
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अभिभावकों के साथ साझा होगा गृहकार्य
बालवाटिका-3 से पांचवी तक की निपुण कक्षाओं के गृहकार्य को अभिभावकों के साथ साझा करना होगा। वहीं, 30 या 31 मई को पीटीएम का आयोजन करके अभिभावकों का मार्गदर्शन करना होगा ताकि वे अपने बच्चों के साथ समय व्यतीत करें तथा होमवर्क के माध्यम से उनमें अच्छे सरकार डालें। बच्चों को अपने काम स्वयं करने की भावना जगाएं तथा घर के कार्यों को करने का अभ्यास करवाएं।
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जून के अंत में होगी परीक्षा
निर्देशानुसार जून के अंतिम सप्ताह में प्रश्न-पत्र पर आधारित परीक्षा का आयोजन भी होगा। परीक्षा के आयोजक, परीक्षक तथा मूल्यांकनकर्ता अभिभावक ही होंगे। इस आंकलन का रिकार्ड अध्यापक द्वारा सत्र के दौरान अवलोकन हेतु रखा जाएगा।
वर्जन-
निपुण कार्यक्रम के तहत नई शिक्षा नीति के अनुरूप बालवाटिका-3 से पांचवीं के बच्चों को नवचारी ग्रीष्मकालीन होमवर्क दिया जाएगा। इसमें नाना-नानी, दादा-दादी मेंटर की भूमिका निभाएंगे। होमवर्क में किए बदलाव से बच्चों को पारिवारिक सदस्यों से जुड़ाव का वातावरण तैयार होगा।
- राकेश बूरा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, पानीपत।