{"_id":"6758d389499b6ff86103ef46","slug":"geeta-gives-courage-to-fight-challenges-panipat-news-c-244-1-pnp1001-128825-2024-12-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: रुपये के अभाव में इलाज न रोकें केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: रुपये के अभाव में इलाज न रोकें केंद्र
विज्ञापन
पानीपत। औद्योगिक नगर में नशा सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। अमर उजाला नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है। अब प्रशासनिक अधिकारी भी हरकत में आ गए। सोमवार को पानीपत एसडीएम ब्रहम प्रकाश ने जिला नागरिक अस्पताल समेत चार नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण किया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि पैसे के अभाव में इलाज न रोका जाए। यहां उन्होंने डॉक्टरों से संबंधित रिपोर्ट ली। साथ ही नशा मुक्ति केंद्र संचालकों को नियमों के अनुसार केंद्र के संचालन की हिदायत दी।
गौरतलब है कि एसडीएम ब्रह्म प्रकाश ने जिला नागरिक अस्पताल, ब्रेन केयर व वरुण नशा मुक्ति का निरीक्षण किया है। यहां उन्होंने मरीजों की ओपीडी व उनके इलाज की पूरी रिपोर्ट ली। उन्होंने डॉक्टरों को दवाओं का पूरा स्टाॅक रखने व नशा मुक्ति केंद्रों के भवन का जायजा लिया। उन्होंने नशा मुक्ति केंद्र संचालकों को नियमों के अनुसार ही केंद्र का संचालन करने व मरीजों का पूरा रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए हैं।
एसडीएम ने कहा कि नशा कड़ी चुनौती है। इस चुनौती से हम सबको मिलकर लड़ना है। युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करना है। नशा नाश है। युवा नशे में पड़कर अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। हम युवाओं को जागरूक कर उन्हें मुख्य धारा से जोड़ सकते हैं। उन्होंने डॉक्टरों से आग्रह किया कि पैसे के कारण किसी मरीज का इलाज न रोका जाए।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि युवा नशा के दलदल में फंस रहे हैं। पानीपत में सैकड़ों युवा नशे में पड़ कर या तो मारे जा चुके हैं या नारकीय जीवन व्यतीत कर रहे हैं। मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मोना नागपाल ने बताया कि नशा छोड़ना कठिन है लेकिन नामुमकिन बिल्कुल भी नहीं। इलाज कराकर कोई भी नशा छोड़ा जा सकता है। इसके लिए दृढ़ इच्छा की जरूरत होती है। युवा शौक के तौर पर नशा करना शुरू करते हैं, इसके बाद वह इस दलदल में फंस जाते हैं। इस दौरान डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. ललित वर्मा भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
गौरतलब है कि एसडीएम ब्रह्म प्रकाश ने जिला नागरिक अस्पताल, ब्रेन केयर व वरुण नशा मुक्ति का निरीक्षण किया है। यहां उन्होंने मरीजों की ओपीडी व उनके इलाज की पूरी रिपोर्ट ली। उन्होंने डॉक्टरों को दवाओं का पूरा स्टाॅक रखने व नशा मुक्ति केंद्रों के भवन का जायजा लिया। उन्होंने नशा मुक्ति केंद्र संचालकों को नियमों के अनुसार ही केंद्र का संचालन करने व मरीजों का पूरा रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
एसडीएम ने कहा कि नशा कड़ी चुनौती है। इस चुनौती से हम सबको मिलकर लड़ना है। युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करना है। नशा नाश है। युवा नशे में पड़कर अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। हम युवाओं को जागरूक कर उन्हें मुख्य धारा से जोड़ सकते हैं। उन्होंने डॉक्टरों से आग्रह किया कि पैसे के कारण किसी मरीज का इलाज न रोका जाए।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि युवा नशा के दलदल में फंस रहे हैं। पानीपत में सैकड़ों युवा नशे में पड़ कर या तो मारे जा चुके हैं या नारकीय जीवन व्यतीत कर रहे हैं। मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मोना नागपाल ने बताया कि नशा छोड़ना कठिन है लेकिन नामुमकिन बिल्कुल भी नहीं। इलाज कराकर कोई भी नशा छोड़ा जा सकता है। इसके लिए दृढ़ इच्छा की जरूरत होती है। युवा शौक के तौर पर नशा करना शुरू करते हैं, इसके बाद वह इस दलदल में फंस जाते हैं। इस दौरान डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. ललित वर्मा भी मौजूद रहे।