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प्रतिमा स्थापना के साथ गणपति महोत्सव शुरू
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पानीपत। सार्वजनिक मराठा गणेश मंडल के सदस्यो द्वारा की गई मूर्ति की स्थापना।
- फोटो : Panipat
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पानीपत। गणेश चतुर्थी के अवसर पर शुक्रवार से गणेश महोत्सव का शुभारंभ धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ हुआ। भक्तों में भगवान गणपति के प्रति काफी उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने मुहूर्त में गणपति भगवान की प्रतिमा स्थापित की। चहुंओर गणपति बप्पा मोरया, गौरा नंदन, भगवान गणेश आदि के जयकारों, घंटे-घड़ियाल से वातावरण गुंजायमान हो गया।
विघ्नविनायक, रिद्धि-सिद्धि के दाता गणपति बप्पा मोरया महोत्सव की धूम है, चारों तरफ एक ही जयकारा गूंज रहा है। हर गली-मोहल्ले में सार्वजनिक स्थलों और लोगों के घरों में भी गणपति जी विराजमान हैं जिनकी सुबह शाम प्रतिदिन पूजा-अर्चना के दौर चलेगा। मंदिरों के प्रांगण में रंग-बिरंगी रोशनी सहित आकर्षक सजावट की गई। स्थापना के अवसर पर भक्तों ने आरती में भाग लेकर सुख शांति और खुशहाली की कामना की।
19 सितंबर तक मनाया जाएगा गणेश उत्सव
ज्योतिषाचार्य पंडित राधे-राधे के अनुसार, इस बार गणेश चतुर्थी का पर्व 10 सितंबर शुक्रवार को मनाया गया। इस दिन ब्रह्म और रवियोग में भगवान गणेश की स्थापना के साथ पूजा की गई। भगवान गणेश का दिन होने और शुभ संयोग बनने से इस दिन खरीदारी और नए कामों की शुरुआत भी सफलता देने वाली रहेगी। 10 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन विशेष योग में नए कामों की शुरुआत करना भी सफलतादायक रहेगा। 10 से 19 सितंबर तक तिथि, वार और नक्षत्रों से मिलकर ब्रह्म, सर्वार्थसिद्धि, राजयोग, द्विपुष्कर, कुमार और रवियोग बन रहे हैं। इन शुभ संयोगों से सुख और समृद्धि बढ़ेगी। साथ ही गणेश विसर्जन यानी अनंत चतुर्दशी तक खरीदारी और नए कामों की शुरुआत के लिए 9 दिन शुभ रहेंगे।
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10 दिन रहेगी गणेशोत्सव की धूम
10 सितंबर शुक्रवार को गणेश स्थापना होने के बाद 19 सितंबर तक यानी पूरे 10 दिन गणेश उत्सव की धूम पूरे देश में रहेगी। इस दौरान भक्तजन हर तरीके से भगवान श्रीगणेश की कृपा पाने की जतन करेंगे। गणेश मंदिरों में इस दौरान भक्तों की भीड़ भी देखने को मिलेगी। इन 10 दिनों में कई शुभ योग भी बनेंगे जो भक्तों को सफलता दिलाने वाले रहेंगे। आगे जानिए गणेश उत्सव में किस दिन कौन-सा शुभ योग बनेगा।
बन रहे अलग-अलग योग
- गणेश उत्सव के दौरान 11 सितंबर शनिवार को रवि योग और सर्वार्थसिद्धि योग बन रहे हैं। ये हर काम में सफलता दिलाने वाले रहेंगे।
- 12 सितंबर रविवार को राजयोग रहेगा। इस शुभ योग में खरीदी करना बहुत ही शुभ माना गया है। इस दिन अचल संपत्ति की खदीरी कर सकते हैं।
- 13 सितंबर सोमवार को सर्वार्थसिद्धि योग बन रहा है। इस दिन किए गए उपाय, स्नान-दान का विशेष महत्व धर्म ग्रंथों में बताया गया है।
- गणेश उत्सव के दौरान 15 सितंबर बुधवार और 16 सितंबर गुरुवार को रवियोग रहेगा।
- 17 सितंबर शुक्रवार को 3 शुभ योग एक साथ बन रहे हैं। ये शुभ योग हैं कुमार योग, राजयोग और सर्वार्थसिद्धि योग। इन शुभ योगों में पूजा, खरीदी, उपाय आदि सभी कार्य किए जा सकते हैं।
- 18 सितंबर, शनिवार को द्विपुष्कर योग बन रहा है। इस दिन किए गए उपायों का दोगुना फल मिलता है।
- 19 सितंबर, रविवार को यानी गणेश उत्सव के अंतिम दिन रवियोग बन रहा है।
विनायक चतुर्थी का विशेष महत्व
यह त्योहार जिसे विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है, एक विशेष महत्व रखता है और पूरे भारत में एक भव्य उत्सव का प्रतीक है। यह भगवान गणेश के सम्मान में मनाया जाता है। भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र जिनका जन्म इसी दिन हुआ था। इसे विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है, गणेश चतुर्थी भाद्र के महीने में मनाई जाती है जो आमतौर पर जॉर्जियाई कैलेंडर के अनुसार अगस्त या सितंबर में आती है। 11 दिनों तक चलने वाला गणेशोत्सव में भक्त भजन गाते हैं, प्रार्थना करते हैं।
ज्ञान और सौभाग्य के देवता है भगवान गणेश
मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश को ज्ञान और सौभाग्य का देवता माना जाता है और किसी भी शुभ घटना से पहले, उनका आशीर्वाद लेने के लिए उनकी पूजा की जाती है। भगवान गणेश का आशीर्वाद पाने के लिए, यह अनुशंसा की जाती है कि उनके भक्तों को गणपति बप्पा मोरया का जाप करना चाहिए। इसके अलावा, लोग भगवान गणेश के सम्मान में उपवास भी रखते हैं और अपने जीवन से अंधकार को दूर करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए अपने घरों में एक दीया जलाते हैं।
19 को मनाई जाएगी अनंत चतुर्दशी
गणेश की विदाई के दिन को अनंत चतुर्दशी कहा जाता है, जिस दिन यह 11 दिवसीय उत्सव समाप्त होता है। भगवान गणेश की मूर्ति को लेकर, संगीत, भक्ति गीत, नृत्य और रंगों के साथ जुलूस निकाले जाते हैं। भक्त मूर्तियों को पवित्र नदी जैसे निकटवर्ती जल निकायों में विसर्जित करते हैं। ऐसा माना जाता है कि मिट्टी की मूर्तियां पानी में घुल जाती हैं और भगवान गणेश कैलाश पर्वत पर लौट आते हैं।
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विघ्नविनायक, रिद्धि-सिद्धि के दाता गणपति बप्पा मोरया महोत्सव की धूम है, चारों तरफ एक ही जयकारा गूंज रहा है। हर गली-मोहल्ले में सार्वजनिक स्थलों और लोगों के घरों में भी गणपति जी विराजमान हैं जिनकी सुबह शाम प्रतिदिन पूजा-अर्चना के दौर चलेगा। मंदिरों के प्रांगण में रंग-बिरंगी रोशनी सहित आकर्षक सजावट की गई। स्थापना के अवसर पर भक्तों ने आरती में भाग लेकर सुख शांति और खुशहाली की कामना की।
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19 सितंबर तक मनाया जाएगा गणेश उत्सव
ज्योतिषाचार्य पंडित राधे-राधे के अनुसार, इस बार गणेश चतुर्थी का पर्व 10 सितंबर शुक्रवार को मनाया गया। इस दिन ब्रह्म और रवियोग में भगवान गणेश की स्थापना के साथ पूजा की गई। भगवान गणेश का दिन होने और शुभ संयोग बनने से इस दिन खरीदारी और नए कामों की शुरुआत भी सफलता देने वाली रहेगी। 10 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन विशेष योग में नए कामों की शुरुआत करना भी सफलतादायक रहेगा। 10 से 19 सितंबर तक तिथि, वार और नक्षत्रों से मिलकर ब्रह्म, सर्वार्थसिद्धि, राजयोग, द्विपुष्कर, कुमार और रवियोग बन रहे हैं। इन शुभ संयोगों से सुख और समृद्धि बढ़ेगी। साथ ही गणेश विसर्जन यानी अनंत चतुर्दशी तक खरीदारी और नए कामों की शुरुआत के लिए 9 दिन शुभ रहेंगे।
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10 दिन रहेगी गणेशोत्सव की धूम
10 सितंबर शुक्रवार को गणेश स्थापना होने के बाद 19 सितंबर तक यानी पूरे 10 दिन गणेश उत्सव की धूम पूरे देश में रहेगी। इस दौरान भक्तजन हर तरीके से भगवान श्रीगणेश की कृपा पाने की जतन करेंगे। गणेश मंदिरों में इस दौरान भक्तों की भीड़ भी देखने को मिलेगी। इन 10 दिनों में कई शुभ योग भी बनेंगे जो भक्तों को सफलता दिलाने वाले रहेंगे। आगे जानिए गणेश उत्सव में किस दिन कौन-सा शुभ योग बनेगा।
बन रहे अलग-अलग योग
- गणेश उत्सव के दौरान 11 सितंबर शनिवार को रवि योग और सर्वार्थसिद्धि योग बन रहे हैं। ये हर काम में सफलता दिलाने वाले रहेंगे।
- 12 सितंबर रविवार को राजयोग रहेगा। इस शुभ योग में खरीदी करना बहुत ही शुभ माना गया है। इस दिन अचल संपत्ति की खदीरी कर सकते हैं।
- 13 सितंबर सोमवार को सर्वार्थसिद्धि योग बन रहा है। इस दिन किए गए उपाय, स्नान-दान का विशेष महत्व धर्म ग्रंथों में बताया गया है।
- गणेश उत्सव के दौरान 15 सितंबर बुधवार और 16 सितंबर गुरुवार को रवियोग रहेगा।
- 17 सितंबर शुक्रवार को 3 शुभ योग एक साथ बन रहे हैं। ये शुभ योग हैं कुमार योग, राजयोग और सर्वार्थसिद्धि योग। इन शुभ योगों में पूजा, खरीदी, उपाय आदि सभी कार्य किए जा सकते हैं।
- 18 सितंबर, शनिवार को द्विपुष्कर योग बन रहा है। इस दिन किए गए उपायों का दोगुना फल मिलता है।
- 19 सितंबर, रविवार को यानी गणेश उत्सव के अंतिम दिन रवियोग बन रहा है।
विनायक चतुर्थी का विशेष महत्व
यह त्योहार जिसे विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है, एक विशेष महत्व रखता है और पूरे भारत में एक भव्य उत्सव का प्रतीक है। यह भगवान गणेश के सम्मान में मनाया जाता है। भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र जिनका जन्म इसी दिन हुआ था। इसे विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है, गणेश चतुर्थी भाद्र के महीने में मनाई जाती है जो आमतौर पर जॉर्जियाई कैलेंडर के अनुसार अगस्त या सितंबर में आती है। 11 दिनों तक चलने वाला गणेशोत्सव में भक्त भजन गाते हैं, प्रार्थना करते हैं।
ज्ञान और सौभाग्य के देवता है भगवान गणेश
मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश को ज्ञान और सौभाग्य का देवता माना जाता है और किसी भी शुभ घटना से पहले, उनका आशीर्वाद लेने के लिए उनकी पूजा की जाती है। भगवान गणेश का आशीर्वाद पाने के लिए, यह अनुशंसा की जाती है कि उनके भक्तों को गणपति बप्पा मोरया का जाप करना चाहिए। इसके अलावा, लोग भगवान गणेश के सम्मान में उपवास भी रखते हैं और अपने जीवन से अंधकार को दूर करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए अपने घरों में एक दीया जलाते हैं।
19 को मनाई जाएगी अनंत चतुर्दशी
गणेश की विदाई के दिन को अनंत चतुर्दशी कहा जाता है, जिस दिन यह 11 दिवसीय उत्सव समाप्त होता है। भगवान गणेश की मूर्ति को लेकर, संगीत, भक्ति गीत, नृत्य और रंगों के साथ जुलूस निकाले जाते हैं। भक्त मूर्तियों को पवित्र नदी जैसे निकटवर्ती जल निकायों में विसर्जित करते हैं। ऐसा माना जाता है कि मिट्टी की मूर्तियां पानी में घुल जाती हैं और भगवान गणेश कैलाश पर्वत पर लौट आते हैं।