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इंटरनेशनल बॉक्सर विंका के भाई को कनाडा भेजने के नाम पर पिता से 15 लाख की ठगी
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इंटरनेशनल बॉक्सर विंका के भाई को कनाडा भेजने के नाम पर उनके पिता से एक कबूतरबाज ने 15 लाख रुपये की ठगी कर ली। कबूतरबाज ने कनाडा की जगह बेटे को बैंकॉक भेज दिया, जहां फंसने के तीन माह बाद विंका ने खेल में इनाम राशि जीती तो भाई की टिकट कराई और उसे भारत बुलाया जा सका। विंका के पिता ने आरोपी से 15 लाख रुपये वापस मांगे तो उसने पहले टालमटोल की, लेकिन बाद में मना कर दिया। मामले में अब पिता ने एसपी शशांक कुमार सावन को शिकायत दी है। पिता ने आरोप लगाया कि कबूतरबाज खेलो इंडिया की तैयारी कर रही बेटी विंका को भी नुकसान पहुंचाने की धमकी दे रहा है।
गांव शिमला मौलाना निवासी बॉक्सर विंका के पिता धमेंद्र सिंह ने बताया कि वह बेटी को प्रशिक्षण दिलाने के लिए शिवाजी स्टेेडियम लेकर जाता था, जहां पर वर्ष 2018 में बत्रा कॉलोनी निवासी कबूतरबाज भी अपने बेटे को लेकर आता था। जहां आरोपी ने उसके बेटे अजय को कनाडा भेजकर नौकरी लगवाने की बात कही। इसके लिए 18 लाख रुपये मांगे। इसके बाद उसे जून 2018 से लेकर अक्तूबर 2018 तक किस्तों में 6.30 लाख रुपये दे दिए। आरोपी ने अगस्त 2019 तक भी बेटे अजय को विदेश नहीं भेजा, जिसके बाद उसने अपनी रकम मांगी। आरोपी ने पहले 50-50 हजार के दो चेक दिए, जिसमें एक चेक क्लीयर नहीं हुआ। उसने दोबारा झांसा दिया कि वह चार युवकों को कनाडा भेज रहा है, अजय को भी पहले बैंकॉक, फिर कंबोडिया के बाद कनाडा भेजेगा। इस झांसे में आकर उन्होंने उसे 9.20 लाख रुपये और दे दिए। कुल 15 लाख देने के बाद आरोपी ने बेटे को बैंकॉक भेज दिया। तीन माह तक बेटा बैंकॉक में फंसा रहा। इसके बाद बाक्सर बेटी विंका ने खेल में इनाम राशि जीती तो 18 हजार रुपये की टिकट खरीदकर उसे वापस बुलाया जा सका।
- पहले बेची जमीन, फिर गहने और अंत में पशुओं को बेचा
धमेंद्र ने बताया कि बेटे को कनाडा भेजने के लिए उसने सबसे पहले अपनी पुश्तैनी जमीन बेची। जिसके बाद आरोपी को 6.30 लाख रुपये दिए। पूरे 15 लाख रुपये देने के लिए परिवार के गहने बेचे और उसके बाद पशुओं को भी बेच दिया।
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- सेल-परचेज कंपनी में मैनेजर दिखाकर विदेश भेजने का दिया था झांसा
धमेंद्र ने बताया कि विदेश भेजने से पहले आरोपी ने झांसा दिया था कि उसकी एक कंपनी है, जिसमें सेल परचेज का काम होता है। यहां तक उसने अपना पासपोर्ट दिखाया, जिस पर कई देशों की मोहर लगी हुई थी। आरोपी ने कहा कि वह अजय को फर्म में मैनेजर लगा देगा और जिससे पासपोर्ट पर वीजा आसानी से लग जाएगा।
- पंचायत में हुआ छह लाख देने का फैसला, मिले मात्र एक लाख
पिता ने बताया कि इस मामले में उनकी पंचायत हुई, जिसमें फैसला हुआ कि आरोपी उन्हें छह लाख रुपये देगा, लेकिन आरोपी के पिता ने पंचायत में एक लाख नकदी और एक-एक लाख के पांच चेक दिए, जो बैंक में लगाए जाने पर बाउंस हो गए।
वर्जन:- पहले डीएसपी शहर दो बार मामले की जांच कर चुके हैं, अब एसपी को शिकायत दी
एसपी कार्यालय के पास शिकायत आई थी, उपरोक्त शिकायत की जांच पहले भी डीएसपी शहर दो बार कर चुके हैं। इस मामले में दोनों पक्षों का दो बार समझौता हो चुका है। इस शिकायत की जांच कर एसपी कार्यालय को रिपोर्ट भेज दी गई है।
- एसआई सतबीर सिंह, सदर थाना प्रभारी
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गांव शिमला मौलाना निवासी बॉक्सर विंका के पिता धमेंद्र सिंह ने बताया कि वह बेटी को प्रशिक्षण दिलाने के लिए शिवाजी स्टेेडियम लेकर जाता था, जहां पर वर्ष 2018 में बत्रा कॉलोनी निवासी कबूतरबाज भी अपने बेटे को लेकर आता था। जहां आरोपी ने उसके बेटे अजय को कनाडा भेजकर नौकरी लगवाने की बात कही। इसके लिए 18 लाख रुपये मांगे। इसके बाद उसे जून 2018 से लेकर अक्तूबर 2018 तक किस्तों में 6.30 लाख रुपये दे दिए। आरोपी ने अगस्त 2019 तक भी बेटे अजय को विदेश नहीं भेजा, जिसके बाद उसने अपनी रकम मांगी। आरोपी ने पहले 50-50 हजार के दो चेक दिए, जिसमें एक चेक क्लीयर नहीं हुआ। उसने दोबारा झांसा दिया कि वह चार युवकों को कनाडा भेज रहा है, अजय को भी पहले बैंकॉक, फिर कंबोडिया के बाद कनाडा भेजेगा। इस झांसे में आकर उन्होंने उसे 9.20 लाख रुपये और दे दिए। कुल 15 लाख देने के बाद आरोपी ने बेटे को बैंकॉक भेज दिया। तीन माह तक बेटा बैंकॉक में फंसा रहा। इसके बाद बाक्सर बेटी विंका ने खेल में इनाम राशि जीती तो 18 हजार रुपये की टिकट खरीदकर उसे वापस बुलाया जा सका।
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- पहले बेची जमीन, फिर गहने और अंत में पशुओं को बेचा
धमेंद्र ने बताया कि बेटे को कनाडा भेजने के लिए उसने सबसे पहले अपनी पुश्तैनी जमीन बेची। जिसके बाद आरोपी को 6.30 लाख रुपये दिए। पूरे 15 लाख रुपये देने के लिए परिवार के गहने बेचे और उसके बाद पशुओं को भी बेच दिया।
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- सेल-परचेज कंपनी में मैनेजर दिखाकर विदेश भेजने का दिया था झांसा
धमेंद्र ने बताया कि विदेश भेजने से पहले आरोपी ने झांसा दिया था कि उसकी एक कंपनी है, जिसमें सेल परचेज का काम होता है। यहां तक उसने अपना पासपोर्ट दिखाया, जिस पर कई देशों की मोहर लगी हुई थी। आरोपी ने कहा कि वह अजय को फर्म में मैनेजर लगा देगा और जिससे पासपोर्ट पर वीजा आसानी से लग जाएगा।
- पंचायत में हुआ छह लाख देने का फैसला, मिले मात्र एक लाख
पिता ने बताया कि इस मामले में उनकी पंचायत हुई, जिसमें फैसला हुआ कि आरोपी उन्हें छह लाख रुपये देगा, लेकिन आरोपी के पिता ने पंचायत में एक लाख नकदी और एक-एक लाख के पांच चेक दिए, जो बैंक में लगाए जाने पर बाउंस हो गए।
वर्जन:- पहले डीएसपी शहर दो बार मामले की जांच कर चुके हैं, अब एसपी को शिकायत दी
एसपी कार्यालय के पास शिकायत आई थी, उपरोक्त शिकायत की जांच पहले भी डीएसपी शहर दो बार कर चुके हैं। इस मामले में दोनों पक्षों का दो बार समझौता हो चुका है। इस शिकायत की जांच कर एसपी कार्यालय को रिपोर्ट भेज दी गई है।
- एसआई सतबीर सिंह, सदर थाना प्रभारी