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Panipat News: अंतिम संस्कार के चार दिन बाद युवक की तलाश करते हुए पहुंचे परिजन
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परिजनों को सांत्वना देते जन सेवा दल के पदाधिकारी।
पानीपत। जींद जिले के सफीदों निवासी योगेश (32) 14 मई को घर से निकले थे। शाम को फोन कर भाई को बताया था कि उनकी ट्रेन छूट गई, वह किसी तरह से आ आएगा, इसके बाद मिड टाउन होटल के पास उनका शव मिला था। जनसेवा दल ने पांच दिन शिनाख्त के प्रयास किए। जब कोई नहीं आया तो उनका अंतिम संस्कार कर दिया। संस्कार के चार दिन बाद उनके परिजन जनसेवा दल कार्यालय पहुंचे। कपड़े और फोटो के आधार पर उनकी शिनाख्त की। जनसेवा दल ने उनकी अस्थियां परिजनों को सुपुर्द कर दी।
जनसेवा दल के महासचिव चमन लाल गुलाटी ने बताया कि 15 मई को मिड टाउन होटल के पास एक अज्ञात युवक का शव मिला था जिसकी सूचना किशनपुरा चौकी को दी गई और शव को नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया गया था। मृतक युवक के हाथ योगेश लिखा हुआ था लेकिन उनकी शिनाख्त नहीं हो रही थी। पांच दिन इंतजार करने के बाद 20 मई को जनसेवा दल ने महासचिव चमन गुलाटी, प्रधान श्रीकृष्ण मनचंदा और कमल गुलाटी ने हिंदू रीति-रिवाज से पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया। 22 मई को उनकी अस्थियां भी एकत्र कर ली।
तलाश करते हुए परिवार पहुंचा पानीपत
रविवार को याेगेश के परिजन उनकी तलाश करते हुए पानीपत जनसेवा दल के कार्यालय पहुंचे। जहां पर उन्होंने फोटो के आधार पर उनकी शिनाख्त की। पिता ने बताया कि योगेश पानीपत की एक लैब में नौकरी करते थे। 14 मई को उनकी ट्रेन छूट गई थी। योगेश अपने पीछे एक वर्ष और तीन वर्ष के दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। जनसेवा दल ने उनकी अस्थियां परिजनों को सौंप दी। परिजनों ने कहा कि वह पूरे सम्मान के साथ हरिद्वार में अस्थियों का विसर्जन करेंगे।
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जनसेवा दल के महासचिव चमन लाल गुलाटी ने बताया कि 15 मई को मिड टाउन होटल के पास एक अज्ञात युवक का शव मिला था जिसकी सूचना किशनपुरा चौकी को दी गई और शव को नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया गया था। मृतक युवक के हाथ योगेश लिखा हुआ था लेकिन उनकी शिनाख्त नहीं हो रही थी। पांच दिन इंतजार करने के बाद 20 मई को जनसेवा दल ने महासचिव चमन गुलाटी, प्रधान श्रीकृष्ण मनचंदा और कमल गुलाटी ने हिंदू रीति-रिवाज से पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया। 22 मई को उनकी अस्थियां भी एकत्र कर ली।
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तलाश करते हुए परिवार पहुंचा पानीपत
रविवार को याेगेश के परिजन उनकी तलाश करते हुए पानीपत जनसेवा दल के कार्यालय पहुंचे। जहां पर उन्होंने फोटो के आधार पर उनकी शिनाख्त की। पिता ने बताया कि योगेश पानीपत की एक लैब में नौकरी करते थे। 14 मई को उनकी ट्रेन छूट गई थी। योगेश अपने पीछे एक वर्ष और तीन वर्ष के दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। जनसेवा दल ने उनकी अस्थियां परिजनों को सौंप दी। परिजनों ने कहा कि वह पूरे सम्मान के साथ हरिद्वार में अस्थियों का विसर्जन करेंगे।
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