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पूर्व मेयर का दावा : नाला निर्माण में किया भ्रष्टाचार
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पानीपत। नाले के निमार्ण में हुई गड़बड़ को लेकर फोटो दिखाते हुए पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह व साथ में
- फोटो : Panipat
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पानीपत। वार्ड नंबर 10 के सेक्टर 11-12 एरिया में निगम की ओर से बनाए गए करीब 55 लाख रुपये का नाला एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। इस बार पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने इस नाले के निर्माण पर सवालिया निशान लगाए हैं। उनका दावा है कि नाले में ठेकेदार ने केवल 30 प्रतिशत ही सरिया लगाया है, जबकि 70 प्रतिशत सरिया लगाया ही नहीं। दूसरी ओर निगम के कागजों में नाले का काम पूरा और गुणवत्तापूर्वक किया दिखाया गया है। इसके बाद इसके निर्माण की लागत का करीब 70 प्रतिशत भुगतान निगम कर चुका है।
खास बात ये है कि इसी नाले की शिकायत पर शहरी विधायक भी मौके का निरीक्षण कर अधिकारियों को फटकार लगा चुके हैं। पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि नाले में जो सरिया लगाया गया है वह केवल नाम मात्र का ही है। उनके पास इसके पर्याप्त सबूत हैं। नाले की मजबूती के लिए लगाए गए सरिये के जाल में गैप काफी कम होना चाहिए लेकिन जाल में गैप काफी ज्यादा है। यह साबित करता है कि नाला ज्यादा दिन टिक ही नहीं पाएगा। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले की शिकायत उन्हें स्थानीय लोगों ने ही दी थी। उन्होंने बताया कि नाले के निर्माण में सामग्री भी घटिया स्तर की लगाई गई है।
सवाल उठाया कि आखिर निगम की इंजीनियरिंग विंग और थर्ड पार्टी जांच में कैसे इस नाले के सैंपल को पास कर दिया। वहीं, वार्ड पार्षद और निगम अधिकारियों का कहना है कि अगर नाले में निर्माण सामग्री में कोताही बरती गई तो इसकी जांच करवाई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होना भी तय है।
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होगी जांच फिर कार्रवाई
संज्ञान में मामला आया है। इसकी जांच की जाएगी। अगर जांच में कोई कमी पाई जाती है तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -नवीन सहरावत, एक्सईएन, नगर निगम, पानीपत।
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खास बात ये है कि इसी नाले की शिकायत पर शहरी विधायक भी मौके का निरीक्षण कर अधिकारियों को फटकार लगा चुके हैं। पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि नाले में जो सरिया लगाया गया है वह केवल नाम मात्र का ही है। उनके पास इसके पर्याप्त सबूत हैं। नाले की मजबूती के लिए लगाए गए सरिये के जाल में गैप काफी कम होना चाहिए लेकिन जाल में गैप काफी ज्यादा है। यह साबित करता है कि नाला ज्यादा दिन टिक ही नहीं पाएगा। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले की शिकायत उन्हें स्थानीय लोगों ने ही दी थी। उन्होंने बताया कि नाले के निर्माण में सामग्री भी घटिया स्तर की लगाई गई है।
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सवाल उठाया कि आखिर निगम की इंजीनियरिंग विंग और थर्ड पार्टी जांच में कैसे इस नाले के सैंपल को पास कर दिया। वहीं, वार्ड पार्षद और निगम अधिकारियों का कहना है कि अगर नाले में निर्माण सामग्री में कोताही बरती गई तो इसकी जांच करवाई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होना भी तय है।
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होगी जांच फिर कार्रवाई
संज्ञान में मामला आया है। इसकी जांच की जाएगी। अगर जांच में कोई कमी पाई जाती है तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -नवीन सहरावत, एक्सईएन, नगर निगम, पानीपत।

पानीपत। निमार्णाधीन नाला।- फोटो : Panipat