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Panipat News: कोहरे से गेहूं की बंपर पैदावार की उम्मीद
Sat, 03 Jan 2026 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sat, 03 Jan 2026 02:04 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। जिले में लगातार पड़ रही धुंध, ठंड और शीतलहर का असर रबी फसलों पर सकारात्मक रूप से दिखाई देने लगा है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार मौजूदा मौसम गेहूं और सरसों जैसी फसलों के लिए अत्यंत अनुकूल बना हुआ है, जिससे इस बार गेहूं की बंपर पैदावार होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार पानीपत जिले में इस रबी सीजन में करीब 85 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं, लगभग 5000 एकड़ भूमि में सरसों तथा करीब 9000 एकड़ क्षेत्र में गन्ने की बिजाई की जा चुकी है। इन फसलों के विकास के लिए ठंडा मौसम, सुबह की धुंध और नमी बेहद लाभकारी मानी जाती है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में यदि हल्की से मध्यम बारिश होती है तो यह गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित होगी। बारिश से न केवल मिट्टी में नमी बढ़ेगी, बल्कि उर्वरकों का प्रभाव भी बेहतर होगा, जिससे दानों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार होगा। कृषि विभाग के सब डिवीजन ऑफिसर देवेंद्र कुहाड़ ने बताया कि मौजूदा मौसम गेहूं, सरसों और गन्ने जैसी रबी फसलों के लिए अनुकूल है। धुंध और ठंड से फसलों को पर्याप्त नमी मिल रही है। यदि इसी प्रकार मौसम बना रहा और हल्की बारिश होती है, तो किसानों को इस बार गेहूं की बेहतर और बंपर पैदावार मिलने की पूरी उम्मीद है।
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पानीपत। जिले में लगातार पड़ रही धुंध, ठंड और शीतलहर का असर रबी फसलों पर सकारात्मक रूप से दिखाई देने लगा है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार मौजूदा मौसम गेहूं और सरसों जैसी फसलों के लिए अत्यंत अनुकूल बना हुआ है, जिससे इस बार गेहूं की बंपर पैदावार होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार पानीपत जिले में इस रबी सीजन में करीब 85 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं, लगभग 5000 एकड़ भूमि में सरसों तथा करीब 9000 एकड़ क्षेत्र में गन्ने की बिजाई की जा चुकी है। इन फसलों के विकास के लिए ठंडा मौसम, सुबह की धुंध और नमी बेहद लाभकारी मानी जाती है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में यदि हल्की से मध्यम बारिश होती है तो यह गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित होगी। बारिश से न केवल मिट्टी में नमी बढ़ेगी, बल्कि उर्वरकों का प्रभाव भी बेहतर होगा, जिससे दानों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार होगा। कृषि विभाग के सब डिवीजन ऑफिसर देवेंद्र कुहाड़ ने बताया कि मौजूदा मौसम गेहूं, सरसों और गन्ने जैसी रबी फसलों के लिए अनुकूल है। धुंध और ठंड से फसलों को पर्याप्त नमी मिल रही है। यदि इसी प्रकार मौसम बना रहा और हल्की बारिश होती है, तो किसानों को इस बार गेहूं की बेहतर और बंपर पैदावार मिलने की पूरी उम्मीद है।
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