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Panipat News: यमुना तटबंध पर 9.60 करोड़ से बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू, पांच स्थानों पर बनेंगी पत्थर की 15 नई ठोकरें
Sat, 06 Jun 2026 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sat, 06 Jun 2026 01:56 AM IST
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सनौली क्षेत्र में यमुना में पत्थर की ठोकर लगाते ठेकेदार। संवाद
- फोटो : 1
उमेश त्यागी
सनौली। यमुना नदी के बढ़ते कटाव और हर साल आने वाली बाढ़ से बचाव के लिए इस बार सिंचाई विभाग ने बड़े पैमाने पर बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू कर दिए हैं। पांच स्थानों पर पत्थर की 15 नई ठोकरें लगाई जाएंगी, जबकि पांच पुरानी ठोकरों की मरम्मत की जाएगी। इसके साथ ही करीब सात हजार फीट लंबी पुश्ताबंदी भी की जाएगी। इस पूरे कार्य पर लगभग 9.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
जिले में यमुना नदी राणा माजरा और पत्थरगढ़ क्षेत्र से प्रवेश करती है और करीब 37 किलोमीटर का क्षेत्र तय कर समालखा के हथवाला व राक्सेड़ा होते हुए सोनीपत सीमा में प्रवेश करती है। इसके साथ करीब 22 गांव यमुना के किनारे स्थित हैं। हर वर्ष बारिश के मौसम में पहाड़ों से आने वाले पानी के कारण यमुना उफान पर आ जाती है और खेतों की उपजाऊ मिट्टी बहा ले जाती है। पिछले वर्ष तेज बहाव के कारण करीब 150 एकड़ जमीन का कटाव हो चुका है।
विभिन्न स्थानों पर चल रहे प्रमुख कार्य
ड्रेन नंबर-1 की चौटाला रोड से खोजकीपुर यमुना क्षेत्र तक तथा ड्रेन नंबर-6 की समालखा से सोनीपत जिला सीमा तक सफाई कार्य पूरा किया जा चुका है। तामशाबाद में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से पांच नई ठोकरें बनाई जाएंगी तथा 500 फीट पुश्ताबंदी की जाएगी।
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गोयला गांव में लगभग 80 लाख रुपये की लागत से एक ठोकर की मरम्मत और पुश्ताबंदी का कार्य होगा। खोजकीपुर में करीब 80 लाख रुपये से दो नई ठोकरों का निर्माण और एक की मरम्मत के साथ 500 मीटर पुश्ताबंदी की जाएगी।
वहीं, खोजकीपुर के दूसरे हिस्से में लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से दो नई ठोकरें बनाई जाएंगी, दो की मरम्मत होगी और करीब 2500 फीट पुश्ताबंदी की जाएगी। बिलासपुर गांव में लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से छह नई ठोकरें और 2200 फीट पुश्ताबंदी का कार्य किया जाएगा। तटबंध निर्माण के लिए पत्थरों की आपूर्ति 22 मई से शुरू हो चुकी है और ठेकेदार ने कार्य प्रारंभ कर दिया है। 30 जून तक सभी बाढ़ सुरक्षा कार्य पूरे किए जाने हैं।
देरी से काम को लेकर ग्रामीणों की चिंता
सनौली खुर्द के सरपंच संजय त्यागी, रिशपुर के राजदीप, पत्थरगढ़ के सलीम अहमद और नवादा-आर के जोगेंद्र ने बताया कि विभाग द्वारा कार्य शुरू तो किया गया है, लेकिन अभी भी गति धीमी है। उन्होंने कहा कि यदि कार्य समय पर पूरा नहीं हुआ तो बारिश के मौसम में भारी नुकसान की आशंका बनी रहेगी।
यमुना में ठोकर लगाने का वर्क ऑर्डर कर दिया है। ठेकेदार ने काम शुरू कर दिया है। इसे तय समय पर पूरा कर लिया जाएगा। विभाग जेई की देखरेख में तटबंध पर पत्थरों की ठोकर लगाई जा रही हैं।
सतीश कुमार, एसडीओ, सिंचाई विभाग।
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सनौली। यमुना नदी के बढ़ते कटाव और हर साल आने वाली बाढ़ से बचाव के लिए इस बार सिंचाई विभाग ने बड़े पैमाने पर बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू कर दिए हैं। पांच स्थानों पर पत्थर की 15 नई ठोकरें लगाई जाएंगी, जबकि पांच पुरानी ठोकरों की मरम्मत की जाएगी। इसके साथ ही करीब सात हजार फीट लंबी पुश्ताबंदी भी की जाएगी। इस पूरे कार्य पर लगभग 9.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
जिले में यमुना नदी राणा माजरा और पत्थरगढ़ क्षेत्र से प्रवेश करती है और करीब 37 किलोमीटर का क्षेत्र तय कर समालखा के हथवाला व राक्सेड़ा होते हुए सोनीपत सीमा में प्रवेश करती है। इसके साथ करीब 22 गांव यमुना के किनारे स्थित हैं। हर वर्ष बारिश के मौसम में पहाड़ों से आने वाले पानी के कारण यमुना उफान पर आ जाती है और खेतों की उपजाऊ मिट्टी बहा ले जाती है। पिछले वर्ष तेज बहाव के कारण करीब 150 एकड़ जमीन का कटाव हो चुका है।
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विभिन्न स्थानों पर चल रहे प्रमुख कार्य
ड्रेन नंबर-1 की चौटाला रोड से खोजकीपुर यमुना क्षेत्र तक तथा ड्रेन नंबर-6 की समालखा से सोनीपत जिला सीमा तक सफाई कार्य पूरा किया जा चुका है। तामशाबाद में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से पांच नई ठोकरें बनाई जाएंगी तथा 500 फीट पुश्ताबंदी की जाएगी।
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गोयला गांव में लगभग 80 लाख रुपये की लागत से एक ठोकर की मरम्मत और पुश्ताबंदी का कार्य होगा। खोजकीपुर में करीब 80 लाख रुपये से दो नई ठोकरों का निर्माण और एक की मरम्मत के साथ 500 मीटर पुश्ताबंदी की जाएगी।
वहीं, खोजकीपुर के दूसरे हिस्से में लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से दो नई ठोकरें बनाई जाएंगी, दो की मरम्मत होगी और करीब 2500 फीट पुश्ताबंदी की जाएगी। बिलासपुर गांव में लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से छह नई ठोकरें और 2200 फीट पुश्ताबंदी का कार्य किया जाएगा। तटबंध निर्माण के लिए पत्थरों की आपूर्ति 22 मई से शुरू हो चुकी है और ठेकेदार ने कार्य प्रारंभ कर दिया है। 30 जून तक सभी बाढ़ सुरक्षा कार्य पूरे किए जाने हैं।
देरी से काम को लेकर ग्रामीणों की चिंता
सनौली खुर्द के सरपंच संजय त्यागी, रिशपुर के राजदीप, पत्थरगढ़ के सलीम अहमद और नवादा-आर के जोगेंद्र ने बताया कि विभाग द्वारा कार्य शुरू तो किया गया है, लेकिन अभी भी गति धीमी है। उन्होंने कहा कि यदि कार्य समय पर पूरा नहीं हुआ तो बारिश के मौसम में भारी नुकसान की आशंका बनी रहेगी।
यमुना में ठोकर लगाने का वर्क ऑर्डर कर दिया है। ठेकेदार ने काम शुरू कर दिया है। इसे तय समय पर पूरा कर लिया जाएगा। विभाग जेई की देखरेख में तटबंध पर पत्थरों की ठोकर लगाई जा रही हैं।
सतीश कुमार, एसडीओ, सिंचाई विभाग।

सनौली क्षेत्र में यमुना में पत्थर की ठोकर लगाते ठेकेदार। संवाद- फोटो : 1