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Panipat News: पांच कॉलोनियों के लिए नहीं रेलवे ओवरब्रिज, बना रहता है हादसे का खतरा
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ट्रेन के नीचे से होकर रेलवे ट्रैक पार करती युवती। संवाद
समालखा। नगर परिषद के वार्ड-16 और 17 की पांच कॉलोनियों के लोग ओवरब्रिज न होने पर हर रोज जान जोखिम में डालकर रेल की पटरी क्रास करते हैं। इससे हादसे का खतरा बना रहता है।
वार्ड-16 की हनुमान बस्ती, राजस्थान कॉलोनी, शिव कॉलोनी व भरत कॉलोनी और वार्ड-17 की राजीव कॉलोनी पानीपत-दिल्ली रेल लाइन से पश्चिम दिशा में है। इन कॉलोनियों में करीब 10 हजार लोग रहते हैं। काॅलोनीवासियों को बाजार, स्कूल और अन्य जरूरी कामों के लिए शहर में आते हैं। कॉलोनियों से समालखा मुख्य बाजार आने का कोई वैकल्पिक रास्ता न होने से हजारों लोग जान जोखिम में डालकर लाइन पार करते हैं। इससे लोगों को रेलवे लाइन पार करते समय हादसों का खतरा सताता है। स्थानीय निवासी रमेश सैनी, अजमेर और कृष्ण ने बताया कि समालखा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-3 पर मालगाड़ी कई घंटे तक खड़ी रहती हैं। ऐसे महिलाओं और बच्चों को ट्रेनों के नीचे से होकर लाइन पार करनी पड़ती है।
अंतिम यात्रा के लिए ट्रेन चलने का रहता है इंतजार
दीपक और अजीत ने बताया कि इन कॉलोनियों में श्मशान घाट नहीं है। रेलवे लाइन के दूसरी तरफ जाने के लिए भी लोगों को अंतिम यात्रा के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार मालगाड़ी के ज्यादा देर तक खड़ी रहने पर करीब एक किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है या फिर लोगों को ट्रेन की पटरी से होकर जाना पड़ता है। कॉलोनीवासी ओवरब्रिज बनाने की मांग कई बार रख चुके हैं।
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लाइन पार की कॉलोनियों के लिए ओवरब्रिज बनाने की मांग कई बार उठी है। अभी तक ओवरब्रिज का प्रस्ताव सिरे नहीं चढ़ पाया है, इसके लिए जल्द ही आवश्यक कदम उठाया जाएगा।
- अशोक कुच्छल, चेयरमैन, नगर परिषद।
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वार्ड-16 की हनुमान बस्ती, राजस्थान कॉलोनी, शिव कॉलोनी व भरत कॉलोनी और वार्ड-17 की राजीव कॉलोनी पानीपत-दिल्ली रेल लाइन से पश्चिम दिशा में है। इन कॉलोनियों में करीब 10 हजार लोग रहते हैं। काॅलोनीवासियों को बाजार, स्कूल और अन्य जरूरी कामों के लिए शहर में आते हैं। कॉलोनियों से समालखा मुख्य बाजार आने का कोई वैकल्पिक रास्ता न होने से हजारों लोग जान जोखिम में डालकर लाइन पार करते हैं। इससे लोगों को रेलवे लाइन पार करते समय हादसों का खतरा सताता है। स्थानीय निवासी रमेश सैनी, अजमेर और कृष्ण ने बताया कि समालखा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-3 पर मालगाड़ी कई घंटे तक खड़ी रहती हैं। ऐसे महिलाओं और बच्चों को ट्रेनों के नीचे से होकर लाइन पार करनी पड़ती है।
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अंतिम यात्रा के लिए ट्रेन चलने का रहता है इंतजार
दीपक और अजीत ने बताया कि इन कॉलोनियों में श्मशान घाट नहीं है। रेलवे लाइन के दूसरी तरफ जाने के लिए भी लोगों को अंतिम यात्रा के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार मालगाड़ी के ज्यादा देर तक खड़ी रहने पर करीब एक किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है या फिर लोगों को ट्रेन की पटरी से होकर जाना पड़ता है। कॉलोनीवासी ओवरब्रिज बनाने की मांग कई बार रख चुके हैं।
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लाइन पार की कॉलोनियों के लिए ओवरब्रिज बनाने की मांग कई बार उठी है। अभी तक ओवरब्रिज का प्रस्ताव सिरे नहीं चढ़ पाया है, इसके लिए जल्द ही आवश्यक कदम उठाया जाएगा।
- अशोक कुच्छल, चेयरमैन, नगर परिषद।