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बैंक में आग, लाखों राख
कैथ्ाल
Updated Mon, 07 Oct 2013 12:21 AM IST
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हरियाणा के जिले कैथल में पद्मा सिटी मॉल के निकट स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में रविवार शाम लगी आग से लाखों रुपये का सामान स्वाहा हो गया।
तीन दमकल गाड़ियों की सहायता से तीन जगह से बैंक की दीवार तोड़ कर दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
पुलिस अधीक्षक सहित आला बैंक अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया। देर शाम तक बैंक कर्मचारी नुकसान का आकलन करने में जुटे थे।
एसबीआई की शाखा में रविवार शाम करीब चार बजे अचानक बैंक के आगे और पीछे से धुंआ उठना शुरू हो गया। छुट्टी का दिन होने के कारण बैंक पूरी तरह से बंद था।
इसके निकट ही स्थित एटीएम में ड्यूटी दे रहे गार्ड विकास ने धुंआ उठता देख दमकल और पुलिस को सूचित किया। इसके बाद अधिकारियों को सूचित करना चाहा। लेकिन लगातार प्रयास करने के करीब आधे घंटे बाद बैंक के अधिकारियों से संपर्क हो पाया। तब तक दमकल विभाग की दो गाड़ी और पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुंच गए।
बैंक कर्मचारियों के न आने के कारण आधे घंटे की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने शटर तोड़कर बैंक में आग बुझाने का काम शुरू किया। इसके बाद बैंक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
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घटना की सूचना पाकर थाना सिविल लाइन प्रभारी विष्णु प्रसाद, एसएचओ सिटी अश्वनी शर्मा, जिला दमकल अधिकारी मोहन लाल भी मौके पर पहुंच गए। एसपी कुलदीप सिंह यादव, डीएसपी सुरेंद्र भौरिया ने भी घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
बैंक के प्रवेश द्वार में धुंआ और आग अधिक होने के कारण कर्मी अंदर नहीं जा सके। इस कारण बैंक के पीछे और दोनों साइडों से दीवार तोड़कर पानी की बौछारें की गईं। करीब दो घंटे की लंबी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
लेकिन तब तक बैंक में रिपेयर का काम चलने के कारण रखा लाखों रुपये का सामान, दो कंप्यूटर सहित अन्य सामान जलकर राख हो गया था। आग बुझाने के लिए दीवारें तोड़ने एवं पानी डालने की प्रक्रिया के चलते भी भारी नुकसान हुआ।
बैंक अधिकारी जोगी राम पठानिया ने बताया कि अभी तक आग से स्ट्रांग रूम, रिकार्ड रूम के सुरक्षित होने की जानकारी मिली है। पूरी तरह से धुंआ निकलने के बाद ही सही जानकारी मिल सकेगी।
प्रारंभिक तौर पर बैंक में लगाया जा रहा पीओपी, दो कंप्यूटर, टेबल सहित अन्य सामान जल गया है।
उपभोक्ताओं की भीड़ जुटी
बैंक मेें आग की सूचना मिलते ही आस-पास से भारी संख्या में उपभोक्ताओं एवं लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। अधिकतर उपभोक्ता यह पता लगाने को उत्सुकत थे कि उनके लॉकर सुरक्षित हैं या नहीं।
आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था नहीं
कैथल। अक्सर हादसों में बिना प्रबंधन के नुकसान ज्यादा होने की बात यहां भी सही साबित हुई। चारों ओर से पूरी तरह से बंद बैंक भवन में आपात स्थिति से निपटने की कोई कारगर योजना दिखाई नहीं दी।
सबसे बड़ी बात तो बैंक में सुरक्षा के लिए कोई सिस्टम नजर नहीं आया। एटीएम गार्ड को बैंक अधिकारियों को सूचना देने में ही आधे घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी।
कर्मचारियों के मौके पर न पहुंचने के कारण दमकल कर्मियों को बैंक का शटर ही तोड़ना पड़ा। वहीं पूरा भवन इस तरह से बंद है कि उसमें से धुंआ निकालने के लिए तीन जगह से दीवारों को तोड़ना पड़ा। वहीं आपात समय से निपटने की जिला प्रशासन की भी कोई योजना नहीं दिखी।
दमकल कर्मी संदीप, राजेंद्र अमित, दश्रन, बलवान सिंह पुलिस कर्मियों के साथ आग से जूझते नजर आए। लेकिन बार-बार आपदा प्रबंधन का दावा करने वाला आपदा प्रबंधन विभाग कहीं नजर नहीं आया। बिना किसी प्लानिंग के जैसे-तैसे आग पर काबू पा लिया गया। यदि कार्य दिवस में आग लग जाती तो बिना किसी प्लानिंग के आगजनी होने पर ज्यादा नुकसान हो सकता था।
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तीन दमकल गाड़ियों की सहायता से तीन जगह से बैंक की दीवार तोड़ कर दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
पुलिस अधीक्षक सहित आला बैंक अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया। देर शाम तक बैंक कर्मचारी नुकसान का आकलन करने में जुटे थे।
एसबीआई की शाखा में रविवार शाम करीब चार बजे अचानक बैंक के आगे और पीछे से धुंआ उठना शुरू हो गया। छुट्टी का दिन होने के कारण बैंक पूरी तरह से बंद था।
इसके निकट ही स्थित एटीएम में ड्यूटी दे रहे गार्ड विकास ने धुंआ उठता देख दमकल और पुलिस को सूचित किया। इसके बाद अधिकारियों को सूचित करना चाहा। लेकिन लगातार प्रयास करने के करीब आधे घंटे बाद बैंक के अधिकारियों से संपर्क हो पाया। तब तक दमकल विभाग की दो गाड़ी और पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुंच गए।
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बैंक कर्मचारियों के न आने के कारण आधे घंटे की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने शटर तोड़कर बैंक में आग बुझाने का काम शुरू किया। इसके बाद बैंक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
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घटना की सूचना पाकर थाना सिविल लाइन प्रभारी विष्णु प्रसाद, एसएचओ सिटी अश्वनी शर्मा, जिला दमकल अधिकारी मोहन लाल भी मौके पर पहुंच गए। एसपी कुलदीप सिंह यादव, डीएसपी सुरेंद्र भौरिया ने भी घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
बैंक के प्रवेश द्वार में धुंआ और आग अधिक होने के कारण कर्मी अंदर नहीं जा सके। इस कारण बैंक के पीछे और दोनों साइडों से दीवार तोड़कर पानी की बौछारें की गईं। करीब दो घंटे की लंबी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
लेकिन तब तक बैंक में रिपेयर का काम चलने के कारण रखा लाखों रुपये का सामान, दो कंप्यूटर सहित अन्य सामान जलकर राख हो गया था। आग बुझाने के लिए दीवारें तोड़ने एवं पानी डालने की प्रक्रिया के चलते भी भारी नुकसान हुआ।
बैंक अधिकारी जोगी राम पठानिया ने बताया कि अभी तक आग से स्ट्रांग रूम, रिकार्ड रूम के सुरक्षित होने की जानकारी मिली है। पूरी तरह से धुंआ निकलने के बाद ही सही जानकारी मिल सकेगी।
प्रारंभिक तौर पर बैंक में लगाया जा रहा पीओपी, दो कंप्यूटर, टेबल सहित अन्य सामान जल गया है।
उपभोक्ताओं की भीड़ जुटी
बैंक मेें आग की सूचना मिलते ही आस-पास से भारी संख्या में उपभोक्ताओं एवं लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। अधिकतर उपभोक्ता यह पता लगाने को उत्सुकत थे कि उनके लॉकर सुरक्षित हैं या नहीं।
आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था नहीं
कैथल। अक्सर हादसों में बिना प्रबंधन के नुकसान ज्यादा होने की बात यहां भी सही साबित हुई। चारों ओर से पूरी तरह से बंद बैंक भवन में आपात स्थिति से निपटने की कोई कारगर योजना दिखाई नहीं दी।
सबसे बड़ी बात तो बैंक में सुरक्षा के लिए कोई सिस्टम नजर नहीं आया। एटीएम गार्ड को बैंक अधिकारियों को सूचना देने में ही आधे घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी।
कर्मचारियों के मौके पर न पहुंचने के कारण दमकल कर्मियों को बैंक का शटर ही तोड़ना पड़ा। वहीं पूरा भवन इस तरह से बंद है कि उसमें से धुंआ निकालने के लिए तीन जगह से दीवारों को तोड़ना पड़ा। वहीं आपात समय से निपटने की जिला प्रशासन की भी कोई योजना नहीं दिखी।
दमकल कर्मी संदीप, राजेंद्र अमित, दश्रन, बलवान सिंह पुलिस कर्मियों के साथ आग से जूझते नजर आए। लेकिन बार-बार आपदा प्रबंधन का दावा करने वाला आपदा प्रबंधन विभाग कहीं नजर नहीं आया। बिना किसी प्लानिंग के जैसे-तैसे आग पर काबू पा लिया गया। यदि कार्य दिवस में आग लग जाती तो बिना किसी प्लानिंग के आगजनी होने पर ज्यादा नुकसान हो सकता था।