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दमकल कर्मियों ने लगाया 44 लाख हड़पने का आरोप
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पानीपत। दमकल विभाग के कर्मचारियों ने ठेकेदार पर पांच वर्ष का करीब 44 लाख रुपये का ईएसआई और ईपीएफ हड़पने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले दो माह से तनख्वाह तक नहीं मिली है। कर्मचारियों ने बताया कि उनसे शपथपत्र मांगा जा रहा है, जिसमें उन्हें ये लिखना होगा कि उन्हें ईएसआई और ईपीएफ बाद में दिया जाएगा। प्रशासन की इस कार्यप्रणाली से खफा दमकल विभाग के कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।
उनका कहना है कि इसके लिए उन्होंने संबंधित ठेकेदार को पांच बार नोटिस तक भेजे हैं लेकिन उनकी एक बार भी सुनवाई नहीं की जा रही है। अगर उनकी सुनवाई नहीं की गई तो वे एक फरवरी से आंदोलन शुरू करेंगे। कर्मचारियों ने इस प्रकरण की जांच विजिलेंस से करवाने की मांग की है। उनके समर्थन में पहुंचे नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रधान सुभाष चंडालिया ने कहा कि दमकल विभाग के कर्मचारियों के साथ नगर निगम कर्मचारी भी हड़ताल पर रहेंगे।
दमकल विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने 2013 से लेकर 2018 तक ठेकेदार के तहत निगम में काम किया था। नियमानुसार उनकी तनख्वाह से ईपीएफ और ईएसआई का पैसा काटा जाता रहा लेकिन ठेकेदार ने इसे जमा नहीं करवाया। जब उन्हें पता चला तो इस बार में ठेकेदार को सूचित किया लेकिन पैसा जमा नहीं करवाया गया। इसके बाद एक के बाद एक लगातार पांच नोटिस भेजे जा चुके हैं लेकिन ठेकेदार उनके हक का पैसा न।हीं जमा करवा रहा है। आरोप लगाया कि इस धनराशि में करीब 16.5 लाख रुपये ईपीएफ और 26.82 लाख रुपये ईएसआई के हैं, जो ठेकेदार ने गबन किए हैं। अब पिछले दो माह से उनका वेतन ही नहीं दिया जा रहा है। उनसे जबरदस्ती शपथपत्र मांगा जा रहा है जिसमें लिखवाया जा रहा है कि उनका ईएसआई और ईपीएफ बाद में दिया जाएगा।
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डायरेक्टर ऑफिस तक मामला लेकिन सुनवाई नहीं
कर्मचारियों ने बताया कि पहले वे निगम के अधीनस्थ थे बाद में उन्हें राजस्व विभाग के अधीन सौंप दिया गया था। इसके लिए वे कई बार डायरेक्टर ऑफिस तक को पत्राचार कर चुके हैं। उन्होंने सभी सबूतों और रिकार्ड के साथ पूरी फाइल तक बनाई है। उन्होंने सरकार और निगम प्रशासन से इस मामले की विजिलेंस जांच करवाने की मांग की है। कार्रवाई न होने पर भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है।
पानीपत से लेकर चंडीगढ़ तक की शिकायत, नहीं हुई सुनवाई
इस प्रकरण की शिकायत पानीपत से लेकर चंडीगढ़ तक सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों से की जा चुकी है लेकिन कर्मचारियों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब अगर इस पर कार्रवाई नहीं की गई तो कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठेंगे। कर्मचारियों को उनका हक दिलवाया जाएगा।
रणबीर नांदल, प्रधान दमकल विभाग, पानीपत।
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उनका कहना है कि इसके लिए उन्होंने संबंधित ठेकेदार को पांच बार नोटिस तक भेजे हैं लेकिन उनकी एक बार भी सुनवाई नहीं की जा रही है। अगर उनकी सुनवाई नहीं की गई तो वे एक फरवरी से आंदोलन शुरू करेंगे। कर्मचारियों ने इस प्रकरण की जांच विजिलेंस से करवाने की मांग की है। उनके समर्थन में पहुंचे नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रधान सुभाष चंडालिया ने कहा कि दमकल विभाग के कर्मचारियों के साथ नगर निगम कर्मचारी भी हड़ताल पर रहेंगे।
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दमकल विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने 2013 से लेकर 2018 तक ठेकेदार के तहत निगम में काम किया था। नियमानुसार उनकी तनख्वाह से ईपीएफ और ईएसआई का पैसा काटा जाता रहा लेकिन ठेकेदार ने इसे जमा नहीं करवाया। जब उन्हें पता चला तो इस बार में ठेकेदार को सूचित किया लेकिन पैसा जमा नहीं करवाया गया। इसके बाद एक के बाद एक लगातार पांच नोटिस भेजे जा चुके हैं लेकिन ठेकेदार उनके हक का पैसा न।हीं जमा करवा रहा है। आरोप लगाया कि इस धनराशि में करीब 16.5 लाख रुपये ईपीएफ और 26.82 लाख रुपये ईएसआई के हैं, जो ठेकेदार ने गबन किए हैं। अब पिछले दो माह से उनका वेतन ही नहीं दिया जा रहा है। उनसे जबरदस्ती शपथपत्र मांगा जा रहा है जिसमें लिखवाया जा रहा है कि उनका ईएसआई और ईपीएफ बाद में दिया जाएगा।
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डायरेक्टर ऑफिस तक मामला लेकिन सुनवाई नहीं
कर्मचारियों ने बताया कि पहले वे निगम के अधीनस्थ थे बाद में उन्हें राजस्व विभाग के अधीन सौंप दिया गया था। इसके लिए वे कई बार डायरेक्टर ऑफिस तक को पत्राचार कर चुके हैं। उन्होंने सभी सबूतों और रिकार्ड के साथ पूरी फाइल तक बनाई है। उन्होंने सरकार और निगम प्रशासन से इस मामले की विजिलेंस जांच करवाने की मांग की है। कार्रवाई न होने पर भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है।
पानीपत से लेकर चंडीगढ़ तक की शिकायत, नहीं हुई सुनवाई
इस प्रकरण की शिकायत पानीपत से लेकर चंडीगढ़ तक सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों से की जा चुकी है लेकिन कर्मचारियों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब अगर इस पर कार्रवाई नहीं की गई तो कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठेंगे। कर्मचारियों को उनका हक दिलवाया जाएगा।
रणबीर नांदल, प्रधान दमकल विभाग, पानीपत।