{"_id":"66d50ffc500b07983902ec77","slug":"fire-breaks-out-in-export-house-goods-worth-crores-reduced-to-ashes-panipat-news-c-244-1-pnp1004-123615-2024-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: एक्सपोर्ट हाउस में लगी आग, करोड़ों का माल राख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: एक्सपोर्ट हाउस में लगी आग, करोड़ों का माल राख
विज्ञापन
पानीपत। सेक्टर 25-एक स्थित वायदा ओवरसीज एक्सपोर्ट हाउस में भीषण आग लग गई। शाम को करीब छह बजे लगी आग पर रात करीब दस बजे तक भी काबू नहीं पाया जा सका। आग बुझाने के लिए पानीपत के सभी दमकल केंद्रों समेत सोनीपत, करनाल, घरौंडा, गन्नौर, रिफाइनरी, थर्मल, एनएफएल और समालखा से गाड़ियों को बुलाना पड़ा। पिछले करीब चार घंटे में करीब 90 गाड़ियां आ चुकी हैं, लेकिन आग बुझाई नहीं जा सकी।
अनुमान है कि सारी रात पानी की बौछारें बरसाने के बाद सुबह तक आग पर काबू पाया जा सकेगा। इस आग में एक्सपोर्ट हाउस का करोड़ों रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। गनीमत रही कि रविवार के चलते एक्सपोर्ट हाउस की छुट्टी थी। जिसके चलते किसी प्रकार की जान की हानि नहीं हुई। चार मंजिला इमारत में बने एक्सपोर्ट हाउस में सैकड़ाें मशीनें और कच्चा व पक्का माल तैयार था। करीब तीन साल पहले इसको बनाया गया था। इसमें कारपेट व बाथमेट आदि बनाए जाते हैं। जिसे दूसरे देशों में यहीं से एक्सपोर्ट किया जाता है। फिलहाल अनुसान है कि यहां करोड़ाें रुपये का सामान था। जो आग लगने से नष्ट हो गया।
बॉक्स
तीसरी मंजिल पर आग, चौथी तक पहुंची लपटें, यहीं हुई थी रेड
प्राथमिक सूचना थी कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी है। ये चार मंजिला इमारत है। इसकी तीसरी मंजिल पर आग लगी थी। जिसकी लपटें चौथी मंजिल तक पहुंच रही थी। आग बेहद भयंकर है। अब तक औद्योगिक नगरी में हुई आगजनी की घटनाओं में से सबसे बड़ी आग है। हालांकि दमकल विभाग के उपकरण और पानी की बौछारें तीसरी मंजिल तक मुश्किल से पहुंच रही हैं। दमकल के पास हाईड्रोलिक सीढ़ी जैसे उपकरणों की कमी देखी गई। बताया जा रहा है कि ये वही एक्सपोर्ट हाउस है जहां कई माह पहले इनकम टैक्स की रेड भी हुई थी। जिसमें इनके खाते तक सीज किए गए थे।
विज्ञापन
पहले भी कई फैक्ट्रियों में लग चुकी है आग
पानीपत में 20 हजार से अधिक छोटे बड़े उद्योग हैं, लेकिन दमकल केंद्र अपेक्षाकृत मजबूत है। ऐसे में फैक्ट्री या एक्सपोर्ट हाउस में आग लगने पर बचा पाना मुश्किल होता है। पिछले दिनों सिवाह के एक नजदीक एक बड़ी फैक्ट्री में आग लग गई थी। उस समय भी दूसरे केंद्रों के अलावा थर्मल और रिफाइनरी से मदद मांगी गई थी। रविवार को भी वहीं स्थिति रही।
विज्ञापन
अनुमान है कि सारी रात पानी की बौछारें बरसाने के बाद सुबह तक आग पर काबू पाया जा सकेगा। इस आग में एक्सपोर्ट हाउस का करोड़ों रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। गनीमत रही कि रविवार के चलते एक्सपोर्ट हाउस की छुट्टी थी। जिसके चलते किसी प्रकार की जान की हानि नहीं हुई। चार मंजिला इमारत में बने एक्सपोर्ट हाउस में सैकड़ाें मशीनें और कच्चा व पक्का माल तैयार था। करीब तीन साल पहले इसको बनाया गया था। इसमें कारपेट व बाथमेट आदि बनाए जाते हैं। जिसे दूसरे देशों में यहीं से एक्सपोर्ट किया जाता है। फिलहाल अनुसान है कि यहां करोड़ाें रुपये का सामान था। जो आग लगने से नष्ट हो गया।
विज्ञापन
बॉक्स
तीसरी मंजिल पर आग, चौथी तक पहुंची लपटें, यहीं हुई थी रेड
प्राथमिक सूचना थी कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी है। ये चार मंजिला इमारत है। इसकी तीसरी मंजिल पर आग लगी थी। जिसकी लपटें चौथी मंजिल तक पहुंच रही थी। आग बेहद भयंकर है। अब तक औद्योगिक नगरी में हुई आगजनी की घटनाओं में से सबसे बड़ी आग है। हालांकि दमकल विभाग के उपकरण और पानी की बौछारें तीसरी मंजिल तक मुश्किल से पहुंच रही हैं। दमकल के पास हाईड्रोलिक सीढ़ी जैसे उपकरणों की कमी देखी गई। बताया जा रहा है कि ये वही एक्सपोर्ट हाउस है जहां कई माह पहले इनकम टैक्स की रेड भी हुई थी। जिसमें इनके खाते तक सीज किए गए थे।
विज्ञापन
पहले भी कई फैक्ट्रियों में लग चुकी है आग
पानीपत में 20 हजार से अधिक छोटे बड़े उद्योग हैं, लेकिन दमकल केंद्र अपेक्षाकृत मजबूत है। ऐसे में फैक्ट्री या एक्सपोर्ट हाउस में आग लगने पर बचा पाना मुश्किल होता है। पिछले दिनों सिवाह के एक नजदीक एक बड़ी फैक्ट्री में आग लग गई थी। उस समय भी दूसरे केंद्रों के अलावा थर्मल और रिफाइनरी से मदद मांगी गई थी। रविवार को भी वहीं स्थिति रही।