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बिना नंबर की फाइल पास, दो मंजिला को बनाया एक मंजिल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Dec 2021 02:03 AM IST
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File pass without number, two storey was made one floor
पानीपत। मौके पर दो मंजिला फैक्टरी जबकी कागजों में दिखाया गया है एक मंजिल। - फोटो : Panipat
पानीपत। नगर निगम की संपत्ति कर शाखा में एक और नया गड़बड़झाला सामने आया है। इस बार निगम अधिकारियों व कर्मचारियों ने मिलीभगत कर कागजों में दो मंजिला फैक्टरी की इमारत को एक मंजिला दिखा दिया है। इससे इमारत का टैक्स तो कम बना ही साथ में स्टांप ड्यूटी पर भी सरकार को लाखों रुपये का चूना लगाया गया है। हैरान करने वाली बात ये है कि इस बार जो फाइल पास की गई है उस पर कोई नंबर ही नहीं है यानी बिना नंबर की फाइल पर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों ने हस्ताक्षर कर इसे पास कर दिया।
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इस गड़बड़झाले की सूचना बाहर आते ही निगम अधिकारियों व कर्मचारियों में खलबली मच गई है। इसके बाद एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप व सिफारिशों का दौर चल पड़ा है। वहीं, निगम के वार्ड अधिकारी एवं एडीए का कहना है कि वे मामले की पूरी तहकीकात करेंगे।
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ये है मामला-
इस बार निगम अधिकारियों व कर्मचारियों ने वार्ड नंबर 20 के अंतर्गत आने वाले एरिया में संगीत-किशोर सिनेमा के पीछे महावीर कॉलोनी में एक 600 गज की एक लूमटैक्स कंपनी की इमारत को दो मंजिला से एक मंजिला दिखा दिया। वहीं पुराने बिल में इस इमारत को दो मंजिला दर्शाया गया था और मौके पर भी इमारत दो मंजिला ही है लेकिन अधिकारियों ने यह खेल कर दिया। फाइल में इसे एक मंजिला दर्शाने से इमारत का कवर्ड एरिया आधा हो गया। इससे सरकार को 50 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी का चूना लगा है।
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पहले 600 गज का कवर्ड था 10800 वर्ग फीट एरिया, अब बना महज 5400 वर्ग फीट
मौके पर दो मंजिला इस इमारत का पहले 600 गज एरिया का कवर्ड एरिया 10800 वर्ग फीट था जो नए टैक्स में महज 5400 वर्ग फीट बना दिया गया है। बताया जा रहा है कि पहले इस संपत्ति की स्टांप ड्यूटी करीब 8 लाख रुपये के आसपास बनती थी जो अब महज चार लाख रुपये तक ही बनाई जा रही है। इसके अलावा जमीन के निर्धारित रेट अलग हैं।
इसी प्रकार नगर निगम में पहले भी करीब सवा पांच सौ प्रॉपर्टियों पर सवा तीन करोड़ रुपये का टैक्स कम कर दिया गया था। जिसकी जांच खुद तत्कालीन संयुक्त आयुक्त ने की थी। उनकी रिपोर्ट के बाद भी किसी पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मेयर अवनीत कौर ने भी कई बार संपत्ति कर में बड़े स्तर के गोलमाल पकड़े लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

होगी जांच- एडीए
मामले की पूरी जांच की जाएगी। संबंधित फाइल से लेकर वार्ड क्लर्कों से भी पूछताछ होगी। इसके बाद मामले को निगम आयुक्त के संज्ञान में भी लाया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी कार्यवाही होगी की जाएगी।
शिव कुमार, एडीए, नगर निगम, पानीपत।
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