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कूड़ा उठान को लेकर प्राइवेट कर्मचारियों की गुंडागर्दी जारी, जेबीएम के सफाई कर्मचारियों को पीटा
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पानीपत। जेबीएम कंपनी के कर्मचारी व प्राइवेट कंपनी के बीच हुए विवाद को सुलझाती सेक्टर 11-12 चौकी पुल?
- फोटो : panipat
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जेबीएम व प्राइवेट कंपनी के बीच कूड़ा उठान का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को जेबीएम के कर्मचारी सफाई करने के लिए जब सेक्टर 12 में गए तो प्राइवेट कर्मचारियों ने जेबीएम के कर्मचारियों पर लाठी डंडों से हमला कर दिया। वहीं उनके गाड़ियों की चाबियां निकालकर भाग गए। इसके बाद मैकेनिक को बुलाया गया और तब वे अपनी गाड़ी लेकर गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाया व एक साथ मिलकर काम करने की सलाह दी।
बता दें कि प्राइवेट कर्मचारियों का ठेका चार जुलाई से खत्म हो चुका है, जिसके बाद सेक्टर की सफाई का ठेका जेबीएम कंपनी को दिया गया है। इससे प्राइवेट कर्मचारी लगातार जेबीएम कंपनी से खफा हैं। जेबीएम ने दो बार पहले सफाई करने की कोशिश की थी, लेकिन तब भी उन्होंने जेबीएम के कर्मचारियों के साथ मारपीट कर उनके व वाहनों के आगे लेट गए थे। इसके बाद जेबीएम ने कूड़ा उठान को बंद कर दिया था। एक बार फिर सोमवार को जब जेबीएम कंपनी के कर्मचारी सफाई कर रहे थे, तो प्राइवेट कर्मचारी उनको रोकने लगे। जब जेबीएम वालों ने काम न रोकने की बात कही तो प्राइवेट कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। विवाद बढ़ते देख जेबीएम के मैनेजर ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया और सुरक्षा की मांग की। मौके पर पहुंच कर पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाया व आपसी सहमति से काम करने की सलाह दी। जिसके बाद दोनों पक्षों के कर्मचारी मौके से चले गए।
इस प्रकार शुरू हुआ दोनों पक्षों में विवाद : जब जेबीएम कंपनी के कर्मचारी सेक्टर 11 की सफाई पूरी करने के बाद सेक्टर 12 की तरफ जा रहे थे तब प्राइवेट कर्मचारियों ने उनके वाहनों को रोक लिया और कहा कि यह हमारा एरिया है। तुम यहां काम नहीं कर सकते। इसके अलावा कहा कि तुम सभी ने सेक्टर 11 की सफाई आज तो कर ली है, लेकिन कल नहीं कर सकोगे। तुम सबकी भलाई इसी में है, तुम यहीं से वापस मुड़ जाओ। जेबीएम हमारे मासिक आय को खत्म करने में जुटी है। वहीं इन सब बातों का जवाब देते हुए जेबीएम के कर्मचारी सन्नी ने कहा कि आपका ठेका 4 जुलाई को खत्म हो चुका है। अब आप यहां पर काम नहीं कर सकते। सेक्टर की सफाई का ठेका जेबीएम को दिया गया है, अगर आप यहां पर काम करना चाहते हैं तो जेबीएम कंपनी के साथ जुड़कर काम करें, अन्यथा सेक्टर से चले जाएं। इतना सुनते ही प्राइवेट कर्मचारियों ने उनपर ईंट, लाठी व डंडों से हमला कर दिया। जिसमें जेबीएम कंपनी के दो कर्मचारी घायल हो गए।
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यह है विवाद का मुख्य कारण : प्राइवेट कर्मचारी को सेक्टर की सफाई करने के बदले एक माह में 30 हजार रुपये बचत में मिलते थे। वहीं कूड़े से प्लास्टिक मटेरियल निकालकर कबाड़ी को बेचने से अलग लाभ होता था। इस काम में एक परिवार के दो से तीन सदस्य लगे हुए थे। वहीं जेबीएम कंपनी अपने सफाई कर्मचारियों को 12,500 मासिक आय देती है, अगर जीबीएम प्राइवेट कर्मचारियों को अपने साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव देती है तो प्राइवेट कर्मचारी उसे ठुकरा देंगे क्योंकि इन पैसों में वह जेबीएम के साथ काम करना नहीं चाहते।
दोनों पक्षों के बीच फंसे कॉलोनी निवासी : कूड़ा उठान को लेकर चल रहे दोनों पक्षों के बीच विवाद में सेक्टर निवासी फंस कर रह गए हैं। सेक्टर में पिछले दो सप्ताह से सफाई नहीं हो रही है, जिसके कारण गंदगी घर के अंदर जमा है। निवासियों का कहना है कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह किसी तीसरी कंपनी को कूड़ा उठान का ठेका देंगे, ताकि घर के अंदर गंदगी न रहे।
कूड़ा कलेक्शन के लिए अब चुकानी होगी कम रकम : जेबीएम के मैनेजर अतींद्र ने बताया कि अभी तक हुडा वासियों से कूड़ा कलेक्शन के लिए तीन गुणा ज्यादा रकम चुकानी पड़ रही थी। अगर एक बिल्डिंग में तीन फ्लोर हैं तो अभी तक पहले फ्लोर से 100, दूसरे से 200 और तीसरे फ्लोर से 300 रुपये लिए जा रहे हैं। अब नगर निगम वर्ग गज के हिसाब से शहर में सफाई कर रहा है। अब लोगों को अब सौ गज से कम के मकान पर 20 रुपये प्रतिमाह, सौ से दो सौ गज से कम के मकान 40 रुपये और दो सौ गज के मकान पर 50 रुपये ही देने होंगे।
तीन घंटे सफाई कराने के बाद अज्ञात कारण से लौटा था घर : भूपेंद्र सिंह
पूर्व मेयर सरदार भूपेंद्र सिंह का कहना है कि वह सोमवार को सुबह 9 बजे से जेबीएम कंपनी के साथ सेक्टर की सफाई करवाने में साथ थे। उन्हें अज्ञात कारणों से वापस जाना पड़ा। जिसके बाद प्राइवेट कर्मचारी व जेबीएम के बीच विवाद हुआ। इस मामले में वह कुछ नहीं कर सकते हैं। जेबीएम प्राइवेट कर्मचारियों के साथ खुद जाकर बैठक करे व उनकी मांगों को मान कर समस्या का हल करें।
प्राइवेट कर्मचारियों के साथ आज बैठक करेंगे। दोनों कंपनी के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने की कोशिश करेंगे। बैठक में उनके सामने एक ऑफर रखेंगे, जिसमें जेबीएम व प्राइवेट दोनों मिलकर सफाई कर सकेंगे।
- अतिंद्र सिंह, मैनेजर, जेबीएम कंपनी, पानीपत
पुलिस कंट्रोल रूम से मिली सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंची। जहां पहुंच कर दोनों पक्षों के बीच के झगड़े को सुलझाया। फिलहाल संबंधित मामले में किसी ने शिकायत नहीं दी है। शिकायत मिलने पर उचित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- उमर मोहम्मद, सेक्टर 11-12 चौकी इंचार्ज।
जेबीएम कंपनी के वर्कआर्डर में लिखा गया कि अगर उनके साथ कोई झगड़ा करता है तो वह अपने लेवल पर उसे निपटाएं। इसमें निगम के अधिकारी उनकी कोई मदद नहीं कर सकते।
अवनीत कौर, नगर निगम महापौर, पानीपत
निगम आयुक्त वीना हुड्डा से सीधी बात
1. जेेबीएम सेेेेक्टर की सफाई क्यों नहीं कर पा रही है?
उत्तर- जेबीएम कंपनी को सेक्टर की सफाई करने का पत्र दिया गया है, सफाई का काम जेबीएम को शुरू करना है।
2. जेबीएम कंपनी के साथ प्राइवेट कर्मचारी विवाद कर रहे हैं?
उत्तर- सेक्टर में सफाई करने का काम जेबीएम का है, वह अपने लेवल पर सेक्टर की सफाई कराएं।
3. प्राइवेट कर्मचारियों ने जेबीएम के कर्मचारियों पर हमला किया है?
उत्तर- जेबीएम को निगम की तरफ से पुलिस की मदद लेने का पत्र दिया गया है। अगर कोई झगड़ा करता है तो वह पुलिस की मदद ले सकते हैं।
4. दोनों पक्षों के विवाद से सेक्टर के निवासियों को परेशानी हो रही है?
उत्तर- कंपनी को निर्देश दिए गए हैं। सेक्टर में जमा गंदगी की जल्द से जल्द सफाई करा दी जाएगी।
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बता दें कि प्राइवेट कर्मचारियों का ठेका चार जुलाई से खत्म हो चुका है, जिसके बाद सेक्टर की सफाई का ठेका जेबीएम कंपनी को दिया गया है। इससे प्राइवेट कर्मचारी लगातार जेबीएम कंपनी से खफा हैं। जेबीएम ने दो बार पहले सफाई करने की कोशिश की थी, लेकिन तब भी उन्होंने जेबीएम के कर्मचारियों के साथ मारपीट कर उनके व वाहनों के आगे लेट गए थे। इसके बाद जेबीएम ने कूड़ा उठान को बंद कर दिया था। एक बार फिर सोमवार को जब जेबीएम कंपनी के कर्मचारी सफाई कर रहे थे, तो प्राइवेट कर्मचारी उनको रोकने लगे। जब जेबीएम वालों ने काम न रोकने की बात कही तो प्राइवेट कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। विवाद बढ़ते देख जेबीएम के मैनेजर ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया और सुरक्षा की मांग की। मौके पर पहुंच कर पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाया व आपसी सहमति से काम करने की सलाह दी। जिसके बाद दोनों पक्षों के कर्मचारी मौके से चले गए।
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इस प्रकार शुरू हुआ दोनों पक्षों में विवाद : जब जेबीएम कंपनी के कर्मचारी सेक्टर 11 की सफाई पूरी करने के बाद सेक्टर 12 की तरफ जा रहे थे तब प्राइवेट कर्मचारियों ने उनके वाहनों को रोक लिया और कहा कि यह हमारा एरिया है। तुम यहां काम नहीं कर सकते। इसके अलावा कहा कि तुम सभी ने सेक्टर 11 की सफाई आज तो कर ली है, लेकिन कल नहीं कर सकोगे। तुम सबकी भलाई इसी में है, तुम यहीं से वापस मुड़ जाओ। जेबीएम हमारे मासिक आय को खत्म करने में जुटी है। वहीं इन सब बातों का जवाब देते हुए जेबीएम के कर्मचारी सन्नी ने कहा कि आपका ठेका 4 जुलाई को खत्म हो चुका है। अब आप यहां पर काम नहीं कर सकते। सेक्टर की सफाई का ठेका जेबीएम को दिया गया है, अगर आप यहां पर काम करना चाहते हैं तो जेबीएम कंपनी के साथ जुड़कर काम करें, अन्यथा सेक्टर से चले जाएं। इतना सुनते ही प्राइवेट कर्मचारियों ने उनपर ईंट, लाठी व डंडों से हमला कर दिया। जिसमें जेबीएम कंपनी के दो कर्मचारी घायल हो गए।
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यह है विवाद का मुख्य कारण : प्राइवेट कर्मचारी को सेक्टर की सफाई करने के बदले एक माह में 30 हजार रुपये बचत में मिलते थे। वहीं कूड़े से प्लास्टिक मटेरियल निकालकर कबाड़ी को बेचने से अलग लाभ होता था। इस काम में एक परिवार के दो से तीन सदस्य लगे हुए थे। वहीं जेबीएम कंपनी अपने सफाई कर्मचारियों को 12,500 मासिक आय देती है, अगर जीबीएम प्राइवेट कर्मचारियों को अपने साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव देती है तो प्राइवेट कर्मचारी उसे ठुकरा देंगे क्योंकि इन पैसों में वह जेबीएम के साथ काम करना नहीं चाहते।
दोनों पक्षों के बीच फंसे कॉलोनी निवासी : कूड़ा उठान को लेकर चल रहे दोनों पक्षों के बीच विवाद में सेक्टर निवासी फंस कर रह गए हैं। सेक्टर में पिछले दो सप्ताह से सफाई नहीं हो रही है, जिसके कारण गंदगी घर के अंदर जमा है। निवासियों का कहना है कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह किसी तीसरी कंपनी को कूड़ा उठान का ठेका देंगे, ताकि घर के अंदर गंदगी न रहे।
कूड़ा कलेक्शन के लिए अब चुकानी होगी कम रकम : जेबीएम के मैनेजर अतींद्र ने बताया कि अभी तक हुडा वासियों से कूड़ा कलेक्शन के लिए तीन गुणा ज्यादा रकम चुकानी पड़ रही थी। अगर एक बिल्डिंग में तीन फ्लोर हैं तो अभी तक पहले फ्लोर से 100, दूसरे से 200 और तीसरे फ्लोर से 300 रुपये लिए जा रहे हैं। अब नगर निगम वर्ग गज के हिसाब से शहर में सफाई कर रहा है। अब लोगों को अब सौ गज से कम के मकान पर 20 रुपये प्रतिमाह, सौ से दो सौ गज से कम के मकान 40 रुपये और दो सौ गज के मकान पर 50 रुपये ही देने होंगे।
तीन घंटे सफाई कराने के बाद अज्ञात कारण से लौटा था घर : भूपेंद्र सिंह
पूर्व मेयर सरदार भूपेंद्र सिंह का कहना है कि वह सोमवार को सुबह 9 बजे से जेबीएम कंपनी के साथ सेक्टर की सफाई करवाने में साथ थे। उन्हें अज्ञात कारणों से वापस जाना पड़ा। जिसके बाद प्राइवेट कर्मचारी व जेबीएम के बीच विवाद हुआ। इस मामले में वह कुछ नहीं कर सकते हैं। जेबीएम प्राइवेट कर्मचारियों के साथ खुद जाकर बैठक करे व उनकी मांगों को मान कर समस्या का हल करें।
प्राइवेट कर्मचारियों के साथ आज बैठक करेंगे। दोनों कंपनी के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने की कोशिश करेंगे। बैठक में उनके सामने एक ऑफर रखेंगे, जिसमें जेबीएम व प्राइवेट दोनों मिलकर सफाई कर सकेंगे।
- अतिंद्र सिंह, मैनेजर, जेबीएम कंपनी, पानीपत
पुलिस कंट्रोल रूम से मिली सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंची। जहां पहुंच कर दोनों पक्षों के बीच के झगड़े को सुलझाया। फिलहाल संबंधित मामले में किसी ने शिकायत नहीं दी है। शिकायत मिलने पर उचित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- उमर मोहम्मद, सेक्टर 11-12 चौकी इंचार्ज।
जेबीएम कंपनी के वर्कआर्डर में लिखा गया कि अगर उनके साथ कोई झगड़ा करता है तो वह अपने लेवल पर उसे निपटाएं। इसमें निगम के अधिकारी उनकी कोई मदद नहीं कर सकते।
अवनीत कौर, नगर निगम महापौर, पानीपत
निगम आयुक्त वीना हुड्डा से सीधी बात
1. जेेबीएम सेेेेक्टर की सफाई क्यों नहीं कर पा रही है?
उत्तर- जेबीएम कंपनी को सेक्टर की सफाई करने का पत्र दिया गया है, सफाई का काम जेबीएम को शुरू करना है।
2. जेबीएम कंपनी के साथ प्राइवेट कर्मचारी विवाद कर रहे हैं?
उत्तर- सेक्टर में सफाई करने का काम जेबीएम का है, वह अपने लेवल पर सेक्टर की सफाई कराएं।
3. प्राइवेट कर्मचारियों ने जेबीएम के कर्मचारियों पर हमला किया है?
उत्तर- जेबीएम को निगम की तरफ से पुलिस की मदद लेने का पत्र दिया गया है। अगर कोई झगड़ा करता है तो वह पुलिस की मदद ले सकते हैं।
4. दोनों पक्षों के विवाद से सेक्टर के निवासियों को परेशानी हो रही है?
उत्तर- कंपनी को निर्देश दिए गए हैं। सेक्टर में जमा गंदगी की जल्द से जल्द सफाई करा दी जाएगी।