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Panipat News: एमएफएमबी सत्यापन के बिनाो नहीं मिलेगी खाद, टैगिंग करने पर कार्रवाई के निर्देश
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। धान के सीजन में यूरिया की मांग बढ़ गई है। सहकारी समितियों के अलावा निजी विक्रेताओं के पास किसान लगातार आ रहे हैं ऐसे में प्रशासन यूरिया के लिए सख्त हो गया है। किसानों को मेरा फसल मेरा ब्योरा (एमएफएमबी) पर सत्यापन के बाद ही खाद मिलेगा। कोई विक्रेता टैगिंग करते मिला तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने सभी खाद विक्रेताओं तथा प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों को इसके लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि जिले में उपलब्ध यूरिया खाद पर्याप्त मात्रा में है। कृषि सहकारी समितियों से 60 और 40 प्रतिशत निजी खाद विक्रेताओं के माध्यम से किया जाएगा। किसानों को यूरिया का विक्रय केवल मेरी फसल मेरा ब्योरा (एमएफएमबी) पोर्टल पर पंजीकरण सत्यापन के बाद ही किया जाए। इसके साथ ही प्रत्येक खरीद पर किसान को अनिवार्य रूप से पक्का बिल दिया जाएगा।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि पात्र किसानों के हितों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे खाद खरीदते समय पीओएस मशीन पर अपना बायोमीट्रिक सत्यापन जरूर करें। कोई भी विक्रेता किसानों को यूरिया के साथ जबरन कीटनाशक दवा या अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेगा। यदि किसी विक्रेता के खिलाफ टैगिंग या नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलती है तो उसका लाइसेंस रद्द करने सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पानीपत। धान के सीजन में यूरिया की मांग बढ़ गई है। सहकारी समितियों के अलावा निजी विक्रेताओं के पास किसान लगातार आ रहे हैं ऐसे में प्रशासन यूरिया के लिए सख्त हो गया है। किसानों को मेरा फसल मेरा ब्योरा (एमएफएमबी) पर सत्यापन के बाद ही खाद मिलेगा। कोई विक्रेता टैगिंग करते मिला तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने सभी खाद विक्रेताओं तथा प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों को इसके लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि जिले में उपलब्ध यूरिया खाद पर्याप्त मात्रा में है। कृषि सहकारी समितियों से 60 और 40 प्रतिशत निजी खाद विक्रेताओं के माध्यम से किया जाएगा। किसानों को यूरिया का विक्रय केवल मेरी फसल मेरा ब्योरा (एमएफएमबी) पोर्टल पर पंजीकरण सत्यापन के बाद ही किया जाए। इसके साथ ही प्रत्येक खरीद पर किसान को अनिवार्य रूप से पक्का बिल दिया जाएगा।
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उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि पात्र किसानों के हितों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे खाद खरीदते समय पीओएस मशीन पर अपना बायोमीट्रिक सत्यापन जरूर करें। कोई भी विक्रेता किसानों को यूरिया के साथ जबरन कीटनाशक दवा या अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेगा। यदि किसी विक्रेता के खिलाफ टैगिंग या नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलती है तो उसका लाइसेंस रद्द करने सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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