{"_id":"6a0f670651d0264d15083f8f","slug":"farmers-were-encouraged-to-adopt-natural-farming-panipat-news-c-244-1-pnp1001-157634-2026-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए किया प्रेरित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए किया प्रेरित
Fri, 22 May 2026 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Fri, 22 May 2026 01:41 AM IST
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। भाजपा प्रदेश महामंत्री डाॅ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि किसानों को मौजूदा खेती के तरीकों में बदलाव करना चाहिए। आज हम अंधाधुंध उर्वरकों का इस्तेमाल कर रहें है। इससे फसल का लागत मूल्य बढ़ने के साथ आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी होती है।
उन्होंने ये बात वीरवार को पानीपत अनाज मंडी में कृषि विपणन बोर्ड के कार्यालय में किसानों को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता बोर्ड के चेयरमैन अवतार शास्त्री ने की। डाॅ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि फसलों में उर्वरक का कम उपयोग करके हम इस वैश्विक संकट में देश के लिए विदेशी मुद्रा भंडार बचाकर देश भक्ति का परिचय दे सकते हैं। साथ प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने डीएपी सहित सभी उर्वरकों के स्थान पर कंपोस्ट खाद के उपयोग पर बल दिया। किसानों को फसल चक्र अपनाना चाहिए। इससे भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहेगी।
विज्ञापन
पानीपत। भाजपा प्रदेश महामंत्री डाॅ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि किसानों को मौजूदा खेती के तरीकों में बदलाव करना चाहिए। आज हम अंधाधुंध उर्वरकों का इस्तेमाल कर रहें है। इससे फसल का लागत मूल्य बढ़ने के साथ आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी होती है।
उन्होंने ये बात वीरवार को पानीपत अनाज मंडी में कृषि विपणन बोर्ड के कार्यालय में किसानों को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता बोर्ड के चेयरमैन अवतार शास्त्री ने की। डाॅ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि फसलों में उर्वरक का कम उपयोग करके हम इस वैश्विक संकट में देश के लिए विदेशी मुद्रा भंडार बचाकर देश भक्ति का परिचय दे सकते हैं। साथ प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने डीएपी सहित सभी उर्वरकों के स्थान पर कंपोस्ट खाद के उपयोग पर बल दिया। किसानों को फसल चक्र अपनाना चाहिए। इससे भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहेगी।
विज्ञापन