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Panipat News: किसानों की ट्रैक्टर मार्च निकालने की तैयारी
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पानीपत। जिले के 24 किसानों की अंबाला सेंट्रल जेल से जमानत अभी होना मुश्किल है। जेल प्रशासन ने किसानों से मिलने नहीं दिया गया। ऐसे में वकालतनामा पर हस्ताक्षर नहीं हो पाए। किसानों में इसको लेकर रोष है। भाकियू ने अनाज मंडी से ट्रैक्टर मार्च निकालने का फैसला लिया है। वहीं भाकियू चढूनी ग्रुप फिलहाल आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने में लगा है। राष्ट्र कार्यकारिणी से सोमवार को विरोध प्रदर्शन का कोई संदेश नहीं मिला है।
विदित है कि पिछले दिनों जिले के 30 किसान अंबाला शंभू बॉर्डर पर पंजाब के किसानों को समर्थन देने पहुंचे थे। जिला प्रधान सूरजभान रावल समेत 30 किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। उनको दो दिन अंबाला सिटी के स्टेडियम में रखा था। इस बीच छह किसान बच निकले थे। पुलिस ने 24 किसानों को सेंट्रल जेल अंबाला भेज दिया था। भाकियू के पूर्व जिला प्रधान चूहड़ सिंह रावल ने बताया कि किसानों की जमानत को लेकर रविवार को सेंट्रल जेल में मिलने पहुंचे थे। किसानों से मिलने नहीं दिया गया। ऐसे में वकालतनामा पर हस्ताक्षर नहीं हो पाए। उनको मायूस होकर वापस आना पड़ा। उन्होंने कहा कि वे अनाज मंडी से ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे। प्रशासन का इसका जिम्मेदार होगा।
भाकियू चढूनी के कार्यकारी जिला प्रधान राम सिंह कुंडू ने बताया कि एसकेएम के साथ रविवार को चंडीगढ़ में बैठक सिरे नहीं चढ़ पाई। यूनियन को एसकेएम के फैसले का इंतजार है। वे सोमवार को पंजाब के किसान संगठनों के साथ बैठक करेंगे। इसके आधार पर आगामी फैसला लिया जाएगा। किसानों की मांगों को हल होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
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विदित है कि पिछले दिनों जिले के 30 किसान अंबाला शंभू बॉर्डर पर पंजाब के किसानों को समर्थन देने पहुंचे थे। जिला प्रधान सूरजभान रावल समेत 30 किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। उनको दो दिन अंबाला सिटी के स्टेडियम में रखा था। इस बीच छह किसान बच निकले थे। पुलिस ने 24 किसानों को सेंट्रल जेल अंबाला भेज दिया था। भाकियू के पूर्व जिला प्रधान चूहड़ सिंह रावल ने बताया कि किसानों की जमानत को लेकर रविवार को सेंट्रल जेल में मिलने पहुंचे थे। किसानों से मिलने नहीं दिया गया। ऐसे में वकालतनामा पर हस्ताक्षर नहीं हो पाए। उनको मायूस होकर वापस आना पड़ा। उन्होंने कहा कि वे अनाज मंडी से ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे। प्रशासन का इसका जिम्मेदार होगा।
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भाकियू चढूनी के कार्यकारी जिला प्रधान राम सिंह कुंडू ने बताया कि एसकेएम के साथ रविवार को चंडीगढ़ में बैठक सिरे नहीं चढ़ पाई। यूनियन को एसकेएम के फैसले का इंतजार है। वे सोमवार को पंजाब के किसान संगठनों के साथ बैठक करेंगे। इसके आधार पर आगामी फैसला लिया जाएगा। किसानों की मांगों को हल होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
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