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Panipat News: बाढ़ में बहे अरमानों को फिर पंख लगाने में जुटे किसान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 15 Sep 2025 03:06 AM IST
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Farmers are busy in giving wings to their dreams which were washed away in the flood
खेतों में खराब हो चुकी सब्जी की फसल। संवाद
- यमुना में आए उफान से डूब गए थे खेत, अब नई फसल बोने की तैयारी शुरू
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संवाद न्यूज एजेंसी
सनौली। यमुना में आई बाढ़ से सैकड़ों किसानों के अरमान पानी के साथ नदी में बह गए हैं। हालांकि किसान एक बार फिर से खेतों को संवारने में जुट गए हैं। सनौली और आस-पास के किसानों ने पानी से बर्बाद हुई फसलों की जुताई कर नई फसल की बुआई की तैयारी शुरू कर दी। जिसमें ज्यादातर किसान सब्जी की खेती करते हैं।
गांव सनौली खुर्द के किसान विशाल, सतीश, साबिर ने बताया कि उन्होंने चार एकड़ जमीन 50 हजार रुपये प्रति एकड़ पर पट्टे पर लेकर भिंडी की बिजाई की थी। भिंडी लगाने में उसका चार एकड़ का 60 हजार रुपये खर्च आया था। फसल पूरी तरह से बाजार में आने को तैयार थी लेकिन यमुना में आई बाढ़ के कारण खेतों में पानी घुस गया और फसल खराब हो गई। सरकार ने अब तक खराब फसल की गिरदावरी नहीं करवाई है। मजबूरन खराब फसलों की जुताई करनी पड़ रही है। क्योंकि अब सर्दी के मौसम में तैयार होने वाली सब्जियों की बुआई का समय नजदीक आ रहा है। बाढ़ से खेतों में काफी नुकसान हुआ है। जिस कारण खेतों को अभी से ही फसलों के लिए तैयार किया जा रहा है।
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कुछ खेतों में अब भी भरा है पानी
ओवरफ्लो होकर तीन गांवों रामडा-आर, सनौली खुर्द के बेचिराग रकबा कमासपुर, रिशपुर के बहुद्दीनपुर, बेचिराग रकबे में बाढ़ के पानी से सैकड़ों एकड़ फसलें बर्बाद हो गई थी। खेत गहराई में होने के कारण अभी तक पानी भरा हुआ है। यमुना तटबंध के अंदर भी यमुना से सटे गांव नवादा आर, नवादा पार, जलालपुर द्वितीय, राणा माजरा, पत्थगढ, तामसाबाद, सनौली खुर्द, रामडा-आर, रिशपुर, अधमी, जलमाना, मिर्जापुर, रहीमपुर खेड़ी टापू, गोयला, खोजकीपुर आदि गांवों की फसलों में पानी भर गया था। अब भी निचले क्षेत्रों में करीब 30 फीसदी फसल में पानी भरा है लेकिन जिन किसानों की फसलों से पानी उतर चुका है, उन्होंने अब अपनी खराब हुई फसल के स्थान पर दूसरी फसल की बिजाई करने की तैयारी शुरू कर दी है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सतपाल ने बताया कि ज्यादातर सब्जी की फसलें 24 घंटे पानी में डूबने से खराब हो जाती हैं। बेलदार व अन्य सब्जियों में 10 दिनों तक पानी में डूबी रहने से प्रभावित होती हैं।
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किसानों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए गिरदावरी की जा रही है। जहां पर पानी भरा हुआ है वहां पर पानी उतरने के बाद गिरदावरी की जाएगी।
- नरेश कुमार, कानूनगो बापौली तहसील

खेतों में खराब हो चुकी सब्जी की फसल। संवाद

खेतों में खराब हो चुकी सब्जी की फसल। संवाद

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