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मुसीबत झेल रहे परिवार उपायुक्त के पास पहुंचे, नगर निगम भेजा, फिलहाल दो मांगे ही मानीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Oct 2021 02:42 AM IST
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Families facing trouble reached the Deputy Commissioner, sent to the Municipal Corporation, at the moment only two demands were accepted.
सैनीपुरा स्थित कारपेट फैक्टरी में आग के बाद आसपास के मकानों में दरारें आने से बेघर हुए परिवारों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। एक ओर जहां लोग दिवाली की तैयारियों में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर बेघर हुए परिवार समस्याओं से जूझ रहे हैं। स्थिति यह है कि प्रभावितों को प्रशासन ने जो फ्लैट्स रहने के लिए दिए हैं, उसमें मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।
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जाटल रोड सौंधापुर के पास इम्पीरियम अपार्टमेंट के फ्लैटों में शिफ्ट कराए गए 15 परिवार शुक्रवार को दिक्कतें दूर करने की मांग को लेकर उपायुक्त के पास पहुंचे। महिलाओं ने अपनी आठ मांगों को उपायुक्त सुशील सारवान के सामने रखा। लिखित समस्याएं देते हुए उनके हल के लिए लिखित आश्वासन देने की मांग की गई। उपायुक्त ने मांगपत्र को निगमायुक्त के नाम मार्क कर परिवारों को उनके पास भेज दिया। परिवार निगमायुक्त के पास पहुंचे तो उन्होंने आठ में से फिलहाल दो ही समस्याओं का हल निकालने की सहमति दी। बाकी की छह मांगे नहीं माने जाने से परिवार परेशान हैं। असल में, एक बड़ी दिक्कत इन परिवारों का रोजगार बंद हो जाना है। जिससे इनके लिए आर्थिक संकट खड़ा हो चुका है। मकानों के साथ ही इनकी दुकानों में भी दरारें आ गईं हैं और वहां जाने पर प्रशासन ने प्रतिबंध लगा दिया है। नतीजा अब ये बेरोजगार है और महीना खत्म होते ही खर्च सिर पर आ गया है।
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- परिवारों की समस्या:
1. दुकानें बंद होने के साथ ही आय का साधन बंद
2. बच्चों की अक्तूबर की फीस बकाया
3. मकान और दुकानों का किराया बकाया
4. लोन की किस्त बकाया
5. कच्चा राशन हुआ खत्म
फ्लैट्स में आ रहीं दिक्कतें:
- पीने और नहाने के लिए पानी नहीं
- सिक्योरिटी गार्ड की वाहनों को अपार्टमेंट परिसर में नहीं लाने दे रहा
- रिश्तेदारों को इंपीरियम अपार्टमेंट में आने से रोका जा रहा
- सिक्योरिटी गार्ड परिवारों के कर रहे अभद्र व्यवहार
- महिलाओं की आठ मांगें:
1. जब तक फैक्टरी की इमारत नहीं गिराई जाती, तब तक उन्हें फ्लैट से न निकाला जाए।
2. फैक्टरी तोड़ने का कार्य तीन की बजाए एक माह में पूरा हो, जिससे उनकी दुकान शुरू हो।
3. फ्लैट में नहाने और पीने का पानी मुहैया कराया जाए।
4. फ्लैट में रहने, बिजली और पानी का किराया न लिया जाए।
5. जब तक दुकानें बंद हैं, कहीं और दुकानें दी जाएं, ताकि खर्च निकाल सकें ।
6. आग से जर्जर हुए उनके का निरीक्षण कर बनाकर दिए जाएं
7. अपार्टमेंट में अधिकारी समय-समय पर दौरा करें और समस्याओं का समाधान करें।
8. लिखित में आश्वासन दिया जाए कि उनके मकान कब तक बनाकर दिए जाएंगे।
- इन दो मांगों को माना गया-
1. फ्लैट में पानी की समस्या को दूर किया जाएगा।
2. सिक्योरिटी गार्ड को वाहनों को अंदर ले जाने के आदेश दिए जाएंगे।
वर्जन:
फ्लैट में आ रहीं बिजली पानी की मूलभूूत समस्याओं को निगम की ओर से दूर किया गया। लोगों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। उनके मकान बनाए जाएंगे या मरम्मत होगी। सरकार की ओर से जो निर्देश दिया जाएगा, उसे पूरा किया जाएगा।
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- आरके सिंह, निगम आयुक्त, नगर निगम
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