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Panipat News: खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में बन रहे फर्जी डिपो, हड़पा जा रहा गरीबों का राशन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Oct 2024 03:19 AM IST
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Fake depots being built in the Food and Supplies Department
पानीपत। शहर में एक बार फिर से गरीबों का राशन निगलने वाले राशन माफिया सक्रिय हो चुके हैं। जिसने तीन डिपो के माध्यम से 30 लाख के राशन घोटाला करने और पकड़े जाने के बाद अब चार अन्य फर्जी डिपो की एफपीएस आईडी चालू करवाने की मांग की गई है। पहले खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से चार साल पहले इन सात फर्जी डिपो होल्डरों के लाइसेंस जारी कराए लेकिन एफपीएस आईडी केवल तीन की ली। तीन पकड़े गए तो अब बाकी चारों के फर्जी लाइसेंस की एफपीएस आईडी जनरेट करवाई जा रही है। इसकी भनक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निदेशक को लगी। उन्होंने इनकी आईडी पर रोक लगा अधिकारियों से सभी चारों डिपो होल्डरों की विस्तृत जानकारी को तलब किया है।
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गौरतलब है कि उपरोक्त मामले में छह माह पहले चार इंस्पेक्टर निलंबित हो चुके हैं। एक प्रोग्रामर बर्खास्त हो चुका है। तीन फर्जी डिपो होल्डरों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा तक दर्ज किया है। यहां उल्लेखनीय है कि निदेशक को भेजी शिकायत में गुरमीत निवासी अर्जुन नगर काबड़ी रोड ने कहा कि ये सभी फर्जी डिपो एक पूर्व पार्षद के बेटे द्वारा संचालित कराए जा रहे हैं। जबकि जिन डिपो होल्डरों के नाम से पीडीएस लाइसेंस जारी किया गया है उन लोगों को ये भी नहीं पता कि उनके नाम से डिपो लिए जा रहे हैं। छह माह पहले पकड़े गए घोटाले में जिन तीन डिपो होल्डरों पर आपराधिक मामला दर्ज किया गया था उनको ये भी नहीं पता था कि उनके नाम से किसी ने डिपो लिए हैं या नहीं। ऐसे ही ये चार अन्य केस हैं, जिनके असल मालिकों को भी नहीं पता कि उनके दस्तावेजों के साथ क्या हो रहा है।
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बॉक्स
ये था घोटाला, जिसे अब बड़ा करने की चल रही थी तैयारी
चार साल पहले 2020 में राशन माफिया द्वारा सात फर्जी डिपो होल्डरों का पीडीएस लाइसेंस नंबर लिया गया। इनमें से तीन की एफपीएस आईडी जनरेट कर राशन वितरण चालू करवाने के बाद राशन हड़पा जाने लगा। तीनों डिपो होल्डरों के गड़बड़झाले की जांच अप्रैल 2024 में विभाग ने कराई। इनमें करीब 25 से 30 लाख का घोटाला मिला। जिसके बाद तीनो डिपो होल्डरों अनिल, उमेश और ललिता के खिलाफ अधिकारियों ने आपराधिक मामला दर्ज कराया। इस मामले में फर्जी डिपो होल्डरों का साथ देने वाले इंस्पेक्टर सुरेंद्र सैनी को निलंबित किया गया। इनके साथ संलिप्त इंस्पेक्टर बिजेंद्र कुमार, प्रवीण और अमित दहिया को भी निलंबित किया गया। विभाग की प्रोग्रामर सजृन भारती को बर्खास्त किया गया। निलंबित चारों की जगह अब सरकार ने नए अधिकारी तक भेज दिए हैं। इनमें श्याम लाल, विकास रोहिल्ला, कमलेश कटारिया और सागर सिंह की नियुक्ति भी हो चुकी है। मामला पकड़े जाने के छह माह बाद और पीडीएस लाइसेंस जारी होने के करीब चार साल बाद अब अब राशन माफिया ने बाकी बचे हुए चार डिपो होल्डरों को संचालित करने का प्रयास किया है। इन चारों डिपो की एफपीएस आईडी जनरेट करवाने के लिए आवेदन कराया है। इन चारों में जयदेव, सुरेंद्र, राकेश, कुलदीप के नाम से पीडीएस लाइसेंस नंबरों का हवाला दिया गया है। इस पूरे मामले गुरमीत निवासी अर्जुन नगर काबड़ी रोड ने शिकायत निदेशक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को दी। जिस पर निदेशक ने इन चारों लाइसेंस व आवेदकों का रिकॉर्ड तलब कर लिया है।
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वर्जन:
इस मामले की मुख्यालय स्तर पर जांच हो रही है। मुख्यालय की ओर से निर्देश भी मिले हैं। इन चारों लाइसेंस की एफपीएस आईडी जनरेट नहीं हो सकती। मुख्यालय स्तर पर इसकी जांच के बाद आगामी कार्रवाई भी वहीं से होगी।
नीतू सिंह, डीएफएससी ।
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