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पत्थर पाउडर और केमिकल मिलाकर नकली तारकोल बनाने वाली फैक्टरी पकड़ी
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पानीपत। रिफाइनरी रोड पर सीआईए-1 ने नकली तारकोल बनाने की फैक्टरी पकड़ी है। साथ ही पांच आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि आरोपी असली तारकोल मंगाते थे और उसमें केमिकल एवं पत्थर पाउडर डालकर नकली तारकोल तैयार करते थे। फिर उसे असली तारकोल बताकर बाजार में बेचते थे। फूड एंड सप्लाई विभाग के इंस्पेक्टर ने मौके पर पहुंचकर तारकोल के सैंपल लिए और फैक्टरी को सील कर दिया है।
सीआईए-1 प्रभारी इंस्पेक्टर राजपाल ने बताया कि एसआई सतीश के नेतृत्व में उनकी टीम एचसी अनिल, युधिष्ठिर, सिपाही युगल, अमित, मोहित, निशान गश्त पर थी। गुप्त सूचना मिली कि रिफाइनरी रोड पर करनाल के गांव शेखपुरा निवासी बिजेंद्र पुत्र मांगेराम एक फैक्टरी में असली तारकोल बाहर से मंगाता है और अपने साथियों के साथ मिलकर मैग प्लास्टिक केमिकल और पत्थर पाउडर मिलाकर नकली तारकोल तैयार करता है। इसकी सूचना पर टीम तैयार की गई और योजना के तहत एक सिपाही को अंदर भेजा गया। सिपाही को देखते ही अंदर काम कर रहे युवकों में भगदड़ मच गई। सभी युवक फैक्टरी के अंदर खड़े टैंकरों में जाकर बैठ गए। टीम ने सभी को काबू किया। युवकों ने अपनी पहचान यूपी के अलीगढ़ के गांव लधौली भैया निवासी जितेंद्र कुमार, गांव बडी निवासी अनिरुद्ध, शेखपुरा निवासी बिजेंद्र, गोहाना के गांव जागसी निवासी पवन और बापौली के बेगमपुर निवासी सुनील के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि बिजेंद्र के कहने पर नकली तारकोल तैयार करते थे।
फूड एंड सप्लाई विभाग को मौके पर बुलाया
फैक्टरी में नकली तारकोल और केमिकल से भरे ड्रम रखे हुए थे। इसके बाद टीम ने फूड एंड सप्लाई विभाग पानीपत को सूचना दी। एसआई विनोद, एसआई रणबीर मौके पर पहुंचे और फैक्टरी में रखे ड्रम और टैंकरों से तारकोल चेक किया। हर टैंकर से एक डिब्बा सैंपल लिया। पत्थर पाउडर से एक किलो पाउडर लिया गया।
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फैक्टरी से यह हुआ बरामद
फैक्टरी में खड़े टैंकर में करीब 1700 लीटर तारकोल, तीन ड्रम बैनजिम, दो ड्रम एटीएफ, आठ ड्रम एमईजी, चार ड्रम सैनेटाइजर, 130 कट्टे पत्थर पाउडर मिला। इसके अलावा चार ड्रम खाली मिले। जिसमें गाड़ियों से तारकोल भरा जा रहा था। टीम ने बिजेंद्र से लाइसेंस मांगा तो वह कोई लाइसेंस पेश नहीं कर सका।
वर्जन
आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 407, 420, 379, 120-बी के तहत सदर थाना में रिपोर्ट दर्ज की गई है। धंधे में और कौन-कौन शामिल हैं, तारकोल कहां से लाया जाता था आदि के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पांचों आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
- इंस्पेक्टर राजपाल, सीआईए-1 प्रभारी
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सीआईए-1 प्रभारी इंस्पेक्टर राजपाल ने बताया कि एसआई सतीश के नेतृत्व में उनकी टीम एचसी अनिल, युधिष्ठिर, सिपाही युगल, अमित, मोहित, निशान गश्त पर थी। गुप्त सूचना मिली कि रिफाइनरी रोड पर करनाल के गांव शेखपुरा निवासी बिजेंद्र पुत्र मांगेराम एक फैक्टरी में असली तारकोल बाहर से मंगाता है और अपने साथियों के साथ मिलकर मैग प्लास्टिक केमिकल और पत्थर पाउडर मिलाकर नकली तारकोल तैयार करता है। इसकी सूचना पर टीम तैयार की गई और योजना के तहत एक सिपाही को अंदर भेजा गया। सिपाही को देखते ही अंदर काम कर रहे युवकों में भगदड़ मच गई। सभी युवक फैक्टरी के अंदर खड़े टैंकरों में जाकर बैठ गए। टीम ने सभी को काबू किया। युवकों ने अपनी पहचान यूपी के अलीगढ़ के गांव लधौली भैया निवासी जितेंद्र कुमार, गांव बडी निवासी अनिरुद्ध, शेखपुरा निवासी बिजेंद्र, गोहाना के गांव जागसी निवासी पवन और बापौली के बेगमपुर निवासी सुनील के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि बिजेंद्र के कहने पर नकली तारकोल तैयार करते थे।
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फूड एंड सप्लाई विभाग को मौके पर बुलाया
फैक्टरी में नकली तारकोल और केमिकल से भरे ड्रम रखे हुए थे। इसके बाद टीम ने फूड एंड सप्लाई विभाग पानीपत को सूचना दी। एसआई विनोद, एसआई रणबीर मौके पर पहुंचे और फैक्टरी में रखे ड्रम और टैंकरों से तारकोल चेक किया। हर टैंकर से एक डिब्बा सैंपल लिया। पत्थर पाउडर से एक किलो पाउडर लिया गया।
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फैक्टरी से यह हुआ बरामद
फैक्टरी में खड़े टैंकर में करीब 1700 लीटर तारकोल, तीन ड्रम बैनजिम, दो ड्रम एटीएफ, आठ ड्रम एमईजी, चार ड्रम सैनेटाइजर, 130 कट्टे पत्थर पाउडर मिला। इसके अलावा चार ड्रम खाली मिले। जिसमें गाड़ियों से तारकोल भरा जा रहा था। टीम ने बिजेंद्र से लाइसेंस मांगा तो वह कोई लाइसेंस पेश नहीं कर सका।
वर्जन
आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 407, 420, 379, 120-बी के तहत सदर थाना में रिपोर्ट दर्ज की गई है। धंधे में और कौन-कौन शामिल हैं, तारकोल कहां से लाया जाता था आदि के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पांचों आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
- इंस्पेक्टर राजपाल, सीआईए-1 प्रभारी