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Panipat News: घोषणा के दो साल बाद आज भी नाम बाबरपुर मंडी, गुरु नानकपुरा रखा था नया नाम
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पानीपत। वार्ड नंबर 26 के अंतर्गत आने वाली बाबरपुर मंडी का नाम बदलवाकर गुरु नानकपुरा तो रख दिया है, लेकिन ये सिर्फ नाम बदलवाने वाले सरकारी कागजों में ही है। जबकि धरातल पर आज भी बाबरपुर मंडी के बाहर बाबरपुर मंडी के नाम का ही स्वागत द्वार लगा है। इसकी पहचान से लेकर यहां के लोगों के रिहायशी पते वाले प्रमाण पत्रों पर पता आज भी बाबरपुर मंडी लिखा जाता है। वहीं, शहरी विधायक बाबरपुर मंडी का नाम बदलवाने का क्रेडिट भी स्वयं ले रहे हैं जबकि अभी इसका नामकरण अभी अधूरा है।
खास बात ये है कि करीब दो साल पहले शहरी विधायक प्रमोद विज ने इसका नाम बदलवाने का प्रस्ताव रखा था। जिस पर सदन ने तो एकजुटता से मंजूरी दे दी थी, लेकिन बाबरपुर मंडी के लोगों को ये बात रास नहीं आई। इसकी कई वजह थी। लोगों का कहना था कि ये एरिया ग्रामीण विधानसभा में आता है जबकि इसका नाम शहरी विधायक बदलवा रहे हैं। दूसरा बाबरपुर मंडी उनके काम की पहचान है। यहां की करीब दस हजार की आबादी है। इसका नाम बदलवाने के लिए यहां के किसी स्थायी निवासी से भी नहीं पूछा गया।
हालांकि इसी तर्ज पर संजय चौक का नाम बदलकर भी वंदे मातरम चौक रखा गया था, लेकिन आज भी शहर के लोग इसे संजय चौक के नाम से ही बुलाते हैं।
जबकि इस बारे में शहरी विधायक प्रमोद विज का कहना है कि सदन में इसका प्रस्ताव पास करवाया गया था। इसके बाद इसे सरकार से मंजूरी दिलाई गई। स्वयं मुख्यमंत्री ने इसकी सिफारिश की। सरकार की तरफ से बाबरपुर मंडी का नाम बदला जा चुका है। अब सरकार को रेलवे को पत्राचार करना है। चूंकि बाबरपुर मंडी में रेलवे का एक स्टेशन भी है। रेलवे को पत्राचार होने के बाद जब रेलवे इसे अपने दस्तावेजों में गुरु नानकपुरा के नाम से अपडेट करेगी तब से यहां के सारे पते बदले जाएंगे। बाबरपुर के नाम से सभी बोर्ड भी हटेंगे और गुरुनानकपुरा के नाम के बोर्ड लगाए जाएंगे।
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खास बात ये है कि करीब दो साल पहले शहरी विधायक प्रमोद विज ने इसका नाम बदलवाने का प्रस्ताव रखा था। जिस पर सदन ने तो एकजुटता से मंजूरी दे दी थी, लेकिन बाबरपुर मंडी के लोगों को ये बात रास नहीं आई। इसकी कई वजह थी। लोगों का कहना था कि ये एरिया ग्रामीण विधानसभा में आता है जबकि इसका नाम शहरी विधायक बदलवा रहे हैं। दूसरा बाबरपुर मंडी उनके काम की पहचान है। यहां की करीब दस हजार की आबादी है। इसका नाम बदलवाने के लिए यहां के किसी स्थायी निवासी से भी नहीं पूछा गया।
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हालांकि इसी तर्ज पर संजय चौक का नाम बदलकर भी वंदे मातरम चौक रखा गया था, लेकिन आज भी शहर के लोग इसे संजय चौक के नाम से ही बुलाते हैं।
जबकि इस बारे में शहरी विधायक प्रमोद विज का कहना है कि सदन में इसका प्रस्ताव पास करवाया गया था। इसके बाद इसे सरकार से मंजूरी दिलाई गई। स्वयं मुख्यमंत्री ने इसकी सिफारिश की। सरकार की तरफ से बाबरपुर मंडी का नाम बदला जा चुका है। अब सरकार को रेलवे को पत्राचार करना है। चूंकि बाबरपुर मंडी में रेलवे का एक स्टेशन भी है। रेलवे को पत्राचार होने के बाद जब रेलवे इसे अपने दस्तावेजों में गुरु नानकपुरा के नाम से अपडेट करेगी तब से यहां के सारे पते बदले जाएंगे। बाबरपुर के नाम से सभी बोर्ड भी हटेंगे और गुरुनानकपुरा के नाम के बोर्ड लगाए जाएंगे।
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