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Panipat News: खेत में राख भी मिली तो किसान के खिलाफ दर्ज होगा मुकदमा
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मतलौडा। धान की कटाई शुरू हो चुकी है। पराली प्रबंधन को लेकर सरकार की ओर से किसानों को गांव गांव जाकर पराली न जलाने की हिदायत दी जा रही है। पराली प्रबंधन करने पर एक हजार प्रति एकड़ इनाम स्वरूप सरकार द्वारा किसान को दिया जाता है। सरकार की हिदायतें न मानने वाले और पराली जलाने वाले चार किसानों के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किए गए हैं l
कृषि विभाग के खंड कृषि अधिकारी डॉ. विजेंद्र जागलान ने अपनी टीम के साथ आज कवी, जोशी, नारा, धर्मगढ़ ,खंडरा गांव के खेतों का दौरा और उनके साथ बैठकें करके किसानों को पराली ना जलाने के लिए जागरूक किया गया। इस दौरान कहा गया कि अगर किसी भी किसान ने पराली को जलाया तो उसके खिलाफ तुरंत प्रभाव से मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। इसमें सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है ।
उन्होंने कहा कि अगर खेत में राख भी पाई गई तो भी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा और मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अगले दो वर्षों तक अपनी फसलों का पंजीकरण नहीं करवा पाएगा। जिसके चलते वह किसान सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी फसले नहीं बेच पाएगा और सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाएगा। इसलिए उन्होंने किसानों से अपील की है कि किसान आगजनी जैसा कोई भी काम ऐसा ना करे जिससे उन्हें किसान के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़े। पराली का प्रबंधन करने पर सरकार की ओर से किसान को एक हजार प्रति एकड़ रुपए सहायता के रूप में दिए जाते हैं । सेटेलाइट के जरिए खेतों में आगजनी की घटना पर नजर रखी जा रही है। क्षेत्र में 24 टीमों का गठन किया गया है। एक टीम तीन गांवों पर नजर रखे हुए हैं। अक्तूबर के आखिरी सप्ताह में इन टीमों की संख्या 36 कर दी जाएगी। इस अवसर पर खंड कृषि अधिकारी डॉ. विजेंद्र जागलान, एसडीओ जगफूल राठी व जगपाल सिंह समेत कई अधिकारी थे l
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कृषि विभाग के खंड कृषि अधिकारी डॉ. विजेंद्र जागलान ने अपनी टीम के साथ आज कवी, जोशी, नारा, धर्मगढ़ ,खंडरा गांव के खेतों का दौरा और उनके साथ बैठकें करके किसानों को पराली ना जलाने के लिए जागरूक किया गया। इस दौरान कहा गया कि अगर किसी भी किसान ने पराली को जलाया तो उसके खिलाफ तुरंत प्रभाव से मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। इसमें सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है ।
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उन्होंने कहा कि अगर खेत में राख भी पाई गई तो भी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा और मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अगले दो वर्षों तक अपनी फसलों का पंजीकरण नहीं करवा पाएगा। जिसके चलते वह किसान सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी फसले नहीं बेच पाएगा और सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाएगा। इसलिए उन्होंने किसानों से अपील की है कि किसान आगजनी जैसा कोई भी काम ऐसा ना करे जिससे उन्हें किसान के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़े। पराली का प्रबंधन करने पर सरकार की ओर से किसान को एक हजार प्रति एकड़ रुपए सहायता के रूप में दिए जाते हैं । सेटेलाइट के जरिए खेतों में आगजनी की घटना पर नजर रखी जा रही है। क्षेत्र में 24 टीमों का गठन किया गया है। एक टीम तीन गांवों पर नजर रखे हुए हैं। अक्तूबर के आखिरी सप्ताह में इन टीमों की संख्या 36 कर दी जाएगी। इस अवसर पर खंड कृषि अधिकारी डॉ. विजेंद्र जागलान, एसडीओ जगफूल राठी व जगपाल सिंह समेत कई अधिकारी थे l
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