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Panipat News: जियो फेसिंग के विरोध में आज प्रदर्शन करेंगे कर्मचारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। इस साल सावन के शुक्ल पक्ष की एकादशी मंगलवार को मनाई जाएगी। इसे पवित्रा एकादशी भी कहा जाता है। हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है। सावन महीने की एकादशी का महत्व बढ़ जाता है क्योंकि एक साथ भगवान शिव व भगवान विष्णु का अभिषेक होगा। इस एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को 12 प्रकार यानि सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है।
प्राचीन सिद्ध देवी मंदिर के आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि इस साल सावन की दूसरी एकादशी जिसे पवित्रा एकादशी भी कहा जाता है वह 5 अगस्त मंगलवार को होगी। एकादशी सोमवार को सुबह 11: 42 से मंगलवार को दोपहर 1:13 बजे तक रहेगी। सावन शिव की पूजा का महीना है और एकादशी तिथि के स्वामी भगवान विष्णु है। ऐसे में सावन और एकादशी के योग में भगवान शिव और विष्णु भगवान का अभिषेक एक साथ करना चाहिए। इससे विष्णु व शिव भगवान दोनों का आशीर्वाद एक साथ प्राप्त होता है जिससे परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। इस व्रत को करने से बारह प्रकार के पाप नष्ट होंगे
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पानीपत। इस साल सावन के शुक्ल पक्ष की एकादशी मंगलवार को मनाई जाएगी। इसे पवित्रा एकादशी भी कहा जाता है। हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है। सावन महीने की एकादशी का महत्व बढ़ जाता है क्योंकि एक साथ भगवान शिव व भगवान विष्णु का अभिषेक होगा। इस एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को 12 प्रकार यानि सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है।
प्राचीन सिद्ध देवी मंदिर के आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि इस साल सावन की दूसरी एकादशी जिसे पवित्रा एकादशी भी कहा जाता है वह 5 अगस्त मंगलवार को होगी। एकादशी सोमवार को सुबह 11: 42 से मंगलवार को दोपहर 1:13 बजे तक रहेगी। सावन शिव की पूजा का महीना है और एकादशी तिथि के स्वामी भगवान विष्णु है। ऐसे में सावन और एकादशी के योग में भगवान शिव और विष्णु भगवान का अभिषेक एक साथ करना चाहिए। इससे विष्णु व शिव भगवान दोनों का आशीर्वाद एक साथ प्राप्त होता है जिससे परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। इस व्रत को करने से बारह प्रकार के पाप नष्ट होंगे
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