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नाला साफ कर रहे कर्मचारी की जहरीली गैस चढ़ने से मौत, परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप
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पानीपत/समालखा। हलदाना चौकी के पास नाला साफ कर रहे कर्मचारी की जहरीली गैस के संपर्क में आने से मौत हो गई। हादसा शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे हुआ। परिजनों ने ठेकेदार पर नियमों में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। वहीं घटना के बाद आरोपी ठेकेदार गायब हो गया। समालखा थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल पहुंचाया और जांच पड़ताल शुरू की।
प्रत्यक्षदर्शी मोहन ने बताया कि वह गन्नौर के गांव टेहा निवासी नीरज (29), नवीन और सतीश के साथ हलदाना चौकी के पास नाले कि सफाई कर रहा था। नीरज उससे 10 कदम दूर सफाई कर रहा था। सफाई करते उन्हें 10 मिनट हो चुके थे। इस दौरान जब नीरज की तरफ देखा तो वह बेहोशी की हालत में कस्सी पर पड़ा हुआ था। वह नीरज को ऑटो से लेकर गन्नौर के अस्पताल में पहुंचा, जहां पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद उन्होंने समालखा थाना पुलिस को मामले की सूचना दी।
- परिजनों का आरोप, ठेकेदार ने मुहैया नहीं कराई सुरक्षा किट
परिजनों ने ठेकेदार पर आरोप लगाया कि उसने नाला सफाई के दौरान सुरक्षा किट मुहैया नहीं कराई। न ही नाला सफाई के दौरान कोई एंबुलेंस थी। मोहन ने बताया कि उसने स्थानीय लोगों से मदद मांगी तो एक राहगीर आया, जिसने बताया कि वह डॉक्टर है और उसने नस चेक की तो नीरज जिंदा था, लेकिन जब तक उसे गन्नौर अस्पताल लेकर पहुंचे उसकी मौत हो चुकी थी। एंबुलेंस होती तो नीरज की जान बच सकती थी। आरोप है कि ठेकेदार ने नाला सफाई के दौरान किसी भी नियमों का पालन किया गया।
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- एक माह पहले ही ठेकेदार के पास किया था काम शुरू
पिता नरेश ने बताया कि उसके तीन बच्चे हैं, जिनमें नीरज उसका मंझला बेटा था। उसकी 2014 में शादी हुई थी। नीरज ने एक माह पहले ही ठेकेदार के पास काम करना शुरू किया था। एक सप्ताह काम पर जाने के बाद उसने छोड़ दिया था, वह घर पर ही रहता था। शुक्रवार को पसीना गांव निवासी ठेकेदार का फोन आया, जिसके कहने पर वह घर से गया था। परिजनों का कहना है कि अभी तक वेतन के पैसे भी नहीं मिले थे।
पहले भी हो चुके हादसे-
14 अप्रैल 2022
- पानीपत के जाटल रोड पर अमृत योजना के तहत सीवर लाइन में सफाई करने उतरे तीन सफाई कर्मचारियों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया था, जिनमें एक की मौत हो गई थी, जबकि दो की इलाज के बाद जान बच पाई।
-08 अक्तूबर 2021
टीडीआई में सीवरेज हाल में उतरे मजदूर जाहिद और साइट इंजीनियर सुमित मिटान की मौत हो गई थी। इन्हें बचाने उतरे एक राहगीर की भी जान चली गई थी। उनके पास भी कोई सुरक्षा किट नहीं थी।
-क्या कहते हैं नियम
नियम है कि जब कर्मचारी सीवरेज या नालों की सफाई करें तो उसके पास पूरे सुरक्षा उपकरण होने जरूरी हैं। इनमें खासकर मास्क, ग्लब्स, बैटरी, फ्लैश लाइट, फर्स्ट एड किट, सीढ़ी के साथ मौके पर तीन लोगों की मौजूदगी जरूरी हैं।
वर्जन
पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों के अनुसार नीरज की जहरीली गैस चढ़ने से मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है, जिसकी रिपोर्ट के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल 174 की कार्रवाई की गई है।
- इंस्पेक्टर सुनील कुमार, समालखा थाना प्रभारी
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प्रत्यक्षदर्शी मोहन ने बताया कि वह गन्नौर के गांव टेहा निवासी नीरज (29), नवीन और सतीश के साथ हलदाना चौकी के पास नाले कि सफाई कर रहा था। नीरज उससे 10 कदम दूर सफाई कर रहा था। सफाई करते उन्हें 10 मिनट हो चुके थे। इस दौरान जब नीरज की तरफ देखा तो वह बेहोशी की हालत में कस्सी पर पड़ा हुआ था। वह नीरज को ऑटो से लेकर गन्नौर के अस्पताल में पहुंचा, जहां पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद उन्होंने समालखा थाना पुलिस को मामले की सूचना दी।
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- परिजनों का आरोप, ठेकेदार ने मुहैया नहीं कराई सुरक्षा किट
परिजनों ने ठेकेदार पर आरोप लगाया कि उसने नाला सफाई के दौरान सुरक्षा किट मुहैया नहीं कराई। न ही नाला सफाई के दौरान कोई एंबुलेंस थी। मोहन ने बताया कि उसने स्थानीय लोगों से मदद मांगी तो एक राहगीर आया, जिसने बताया कि वह डॉक्टर है और उसने नस चेक की तो नीरज जिंदा था, लेकिन जब तक उसे गन्नौर अस्पताल लेकर पहुंचे उसकी मौत हो चुकी थी। एंबुलेंस होती तो नीरज की जान बच सकती थी। आरोप है कि ठेकेदार ने नाला सफाई के दौरान किसी भी नियमों का पालन किया गया।
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- एक माह पहले ही ठेकेदार के पास किया था काम शुरू
पिता नरेश ने बताया कि उसके तीन बच्चे हैं, जिनमें नीरज उसका मंझला बेटा था। उसकी 2014 में शादी हुई थी। नीरज ने एक माह पहले ही ठेकेदार के पास काम करना शुरू किया था। एक सप्ताह काम पर जाने के बाद उसने छोड़ दिया था, वह घर पर ही रहता था। शुक्रवार को पसीना गांव निवासी ठेकेदार का फोन आया, जिसके कहने पर वह घर से गया था। परिजनों का कहना है कि अभी तक वेतन के पैसे भी नहीं मिले थे।
पहले भी हो चुके हादसे-
14 अप्रैल 2022
- पानीपत के जाटल रोड पर अमृत योजना के तहत सीवर लाइन में सफाई करने उतरे तीन सफाई कर्मचारियों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया था, जिनमें एक की मौत हो गई थी, जबकि दो की इलाज के बाद जान बच पाई।
-08 अक्तूबर 2021
टीडीआई में सीवरेज हाल में उतरे मजदूर जाहिद और साइट इंजीनियर सुमित मिटान की मौत हो गई थी। इन्हें बचाने उतरे एक राहगीर की भी जान चली गई थी। उनके पास भी कोई सुरक्षा किट नहीं थी।
-क्या कहते हैं नियम
नियम है कि जब कर्मचारी सीवरेज या नालों की सफाई करें तो उसके पास पूरे सुरक्षा उपकरण होने जरूरी हैं। इनमें खासकर मास्क, ग्लब्स, बैटरी, फ्लैश लाइट, फर्स्ट एड किट, सीढ़ी के साथ मौके पर तीन लोगों की मौजूदगी जरूरी हैं।
वर्जन
पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों के अनुसार नीरज की जहरीली गैस चढ़ने से मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है, जिसकी रिपोर्ट के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल 174 की कार्रवाई की गई है।
- इंस्पेक्टर सुनील कुमार, समालखा थाना प्रभारी