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Panipat News: आपातकाल भारतीय लोकतंत्र और राजनीति का सबसे दुखद और काला अध्याय
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पानीपत। भाजपा जिला कार्यक्रम में भाजपा ने आपातकाल के 49 साल पूरे होने पर 25 जून को काला दिवस के रूप में मनाया। कार्यक्रम में मंत्री महिपाल ढांडा, विधायक प्रमोद विज व जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट ने शिरकत की। सभी नेताओं ने आपातकाल के दिनों को याद करते हुए कांग्रेस को निशाने पर लिया। मंच का संचालन भेजा नेता देवेंद्र दत्ता ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा के जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट ने की।
प्रदेश के विकास एवं पंचायत और सहकारिता राज्य मंत्री महिपाल ढांडा ने भी आपातकाल में सताए गए लोकतंत्र के रक्षकों को याद करते हुए कहा कि कांग्रेस ने ही 25 जून 1975 को देश पर आपातकाल थोप कर लोकतंत्र की हत्या की थी। आपातकाल लोकतंत्र पर एक काला धब्बा है। उन्होंने कहा कि उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल लागू करते ही प्रैस पर प्रतिबंध लगा दिया। विधायक प्रमोद विज ने कहा कि नेता व्यक्तिगत स्वार्थों की पूर्ति के लिए भारत माता को गुलाम बनाने के लिए 25 जून 1975 को आपातकाल लागू कर दिया गया था।पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के विरुद्ध इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा से बचने के लिए ही इस महान लोकतांत्रिक देश भारत पर आपातकाल लगाने की घोषणा की थी। संविधान देश की आत्मा है और इसे कोई भी समाप्त नहीं कर सकता। फिर भी कांग्रेस ने गत लोकसभा चुनाव में यह दुष्प्रचार किया कि यदि भाजपा सत्ता में आई तो संविधान व आरक्षण को समाप्त कर दिया जाएगा।
दुष्यंत भट्ट ने यहां कहा कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 को काला दिवस के रूप में जाना जाएगा। आपातकाल लोकतंत्र पर न मिटने वाले काले धब्बे के समान है | भारत के नागरिक इस काले दिवस की घटना को कभी नहीं भूल पाएंगे। 25 जून को प्रतिवर्ष लोकतंत्र के सेनानियों को नमन करते रहेंगे।
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इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष डॉ. हेमा रमन, एडवोकेट रघुवीर सैनी, डॉ. नवीन सुनेजा, कृष्ण छोक्कर, रोशन माहला, प्राण रत्नाकर, रविंद्र तोषामड, मेराज हसन साबरी व मोना शर्मा मौजूद रहे।
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प्रदेश के विकास एवं पंचायत और सहकारिता राज्य मंत्री महिपाल ढांडा ने भी आपातकाल में सताए गए लोकतंत्र के रक्षकों को याद करते हुए कहा कि कांग्रेस ने ही 25 जून 1975 को देश पर आपातकाल थोप कर लोकतंत्र की हत्या की थी। आपातकाल लोकतंत्र पर एक काला धब्बा है। उन्होंने कहा कि उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल लागू करते ही प्रैस पर प्रतिबंध लगा दिया। विधायक प्रमोद विज ने कहा कि नेता व्यक्तिगत स्वार्थों की पूर्ति के लिए भारत माता को गुलाम बनाने के लिए 25 जून 1975 को आपातकाल लागू कर दिया गया था।पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के विरुद्ध इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा से बचने के लिए ही इस महान लोकतांत्रिक देश भारत पर आपातकाल लगाने की घोषणा की थी। संविधान देश की आत्मा है और इसे कोई भी समाप्त नहीं कर सकता। फिर भी कांग्रेस ने गत लोकसभा चुनाव में यह दुष्प्रचार किया कि यदि भाजपा सत्ता में आई तो संविधान व आरक्षण को समाप्त कर दिया जाएगा।
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दुष्यंत भट्ट ने यहां कहा कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 को काला दिवस के रूप में जाना जाएगा। आपातकाल लोकतंत्र पर न मिटने वाले काले धब्बे के समान है | भारत के नागरिक इस काले दिवस की घटना को कभी नहीं भूल पाएंगे। 25 जून को प्रतिवर्ष लोकतंत्र के सेनानियों को नमन करते रहेंगे।
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इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष डॉ. हेमा रमन, एडवोकेट रघुवीर सैनी, डॉ. नवीन सुनेजा, कृष्ण छोक्कर, रोशन माहला, प्राण रत्नाकर, रविंद्र तोषामड, मेराज हसन साबरी व मोना शर्मा मौजूद रहे।