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67 अवैध कॉलोनियों को मिलेगी महंगी बिजली
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Sun, 05 Jul 2015 12:02 AM IST
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बिजली निगम अब शहर की अवैध कॉलोनियों और स्लम बस्तियों में रहने वाले गरीबों के घरों को रोशन करने के लिए अस्थायी कनेक्शन जारी करेगा और उसके बदले में उपभोक्ताओं से यूनिट रेट के दोगुने दामों की वसूली करेगा।
निगम के इस फैसले के बाद अब शहर की बाहरी कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों को महंगी बिजली की मार झेलनी पड़ेगी। वहीं, दूसरी ओर अस्थायी मीटरों के कारण निगम को भी बिलों में करोड़ों की चपत लगेगी।
प्रदेश सरकार ने जगमग हरियाणा योजना की शुरुआत कर प्रदेश में जहां तक तारों का जाल बिछा है, वहां तक लोगों को कनेक्शन जारी करने की योजना बनाई है।
इसकी घोषणा प्रदेश मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शक्ति प्रदर्शन रैली नई सब्जीमंडी पानीपत से की है। वहीं दूसरी ओर नगर निगम शहर की अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को स्थायी मीटर जारी कर वैधता का प्रमाण देने के पक्ष में भी नहीं है।
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इसलिए बिजली निगम ने सरकार की योजना के मुताबिक शहर की बाहरी कॉलोनियों और स्लम बस्तियों में रहने वाले लोगों को अस्थाई (टेंप्रेरी मीटर) मीटर जारी करने की योजना बनाई है। इसमें निगम उपभोक्ताओं से साधारण यूनिट रेट के मुकाबले दोगुने दाम चार्ज करेगा। ऐसे में शहर दर्जनों कॉलोनियों में रहने वाले हजारों उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का दंश झेलना पड़ेगा।
शहर की करीब 67 अवैध कॉलोनियों में रहने वाले 50 से 55 हजार परिवारों को निगम अस्थायी कनेक्शन जारी करेगा। उन कनेक्शनों पर निगम उपभोक्ताओं को यूनिट रेट के दोगुने दामों की वसूली करेगा। उपभोक्ताओं को यूनिट स्लैब पर मिलने वाली छूट भी नहीं मिलेगी।
ऐसे में यदि कोई उपभोक्ता एक माह में सौ यूनिट बिजली भी खर्च करेगा तो उसे आठ सौ से एक हजार रुपये तक बिजली का बिल जमा करवाना होगा। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों पर यह दोहरी मार होगी।
शहरी डिविजन में इस समय 45 हजार उपभोक्ता हैं। इन्हें निगम की ओर से स्लैब यूनिट पर भी बिलों में छूट भी दी जाती है। लेकिन उसके बाद भी उपभोक्ता समय पर बिलों की अदायगी नहीं कर पा रहे हैं। निगम के पास डिफाल्टरों की सूची भी हजारों में है।
इनमें मध्यम वर्ग से लेकर उच्च वर्ग के लोग भी शामिल हैं। जब सक्षम होने के बाद भी वे बिलों की अदायगी नहीं कर पा रहे हैं तो फिर स्लम बस्तियों में रहने वाले गरीब भला कैसे इतने महंगे बिल भरेंगे। निगम के लिए यह सबसे बड़ा चिंता का विषय है।
बिजली निगम की ओर से शहर की बाहरी कॉलोनियों में भी कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इस मामले में सरकार की ओर से अभी तक कोई सर्कुलर जारी नहीं किया है, यदि सरकार नियमों कोई बदलाव करेगी तो उसी के मुताबिक कनेक्शन दिए जाएंगे।
बीएस गर्ग, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम
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निगम के इस फैसले के बाद अब शहर की बाहरी कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों को महंगी बिजली की मार झेलनी पड़ेगी। वहीं, दूसरी ओर अस्थायी मीटरों के कारण निगम को भी बिलों में करोड़ों की चपत लगेगी।
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प्रदेश सरकार ने जगमग हरियाणा योजना की शुरुआत कर प्रदेश में जहां तक तारों का जाल बिछा है, वहां तक लोगों को कनेक्शन जारी करने की योजना बनाई है।
इसकी घोषणा प्रदेश मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शक्ति प्रदर्शन रैली नई सब्जीमंडी पानीपत से की है। वहीं दूसरी ओर नगर निगम शहर की अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को स्थायी मीटर जारी कर वैधता का प्रमाण देने के पक्ष में भी नहीं है।
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इसलिए बिजली निगम ने सरकार की योजना के मुताबिक शहर की बाहरी कॉलोनियों और स्लम बस्तियों में रहने वाले लोगों को अस्थाई (टेंप्रेरी मीटर) मीटर जारी करने की योजना बनाई है। इसमें निगम उपभोक्ताओं से साधारण यूनिट रेट के मुकाबले दोगुने दाम चार्ज करेगा। ऐसे में शहर दर्जनों कॉलोनियों में रहने वाले हजारों उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का दंश झेलना पड़ेगा।
शहर की करीब 67 अवैध कॉलोनियों में रहने वाले 50 से 55 हजार परिवारों को निगम अस्थायी कनेक्शन जारी करेगा। उन कनेक्शनों पर निगम उपभोक्ताओं को यूनिट रेट के दोगुने दामों की वसूली करेगा। उपभोक्ताओं को यूनिट स्लैब पर मिलने वाली छूट भी नहीं मिलेगी।
ऐसे में यदि कोई उपभोक्ता एक माह में सौ यूनिट बिजली भी खर्च करेगा तो उसे आठ सौ से एक हजार रुपये तक बिजली का बिल जमा करवाना होगा। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों पर यह दोहरी मार होगी।
शहरी डिविजन में इस समय 45 हजार उपभोक्ता हैं। इन्हें निगम की ओर से स्लैब यूनिट पर भी बिलों में छूट भी दी जाती है। लेकिन उसके बाद भी उपभोक्ता समय पर बिलों की अदायगी नहीं कर पा रहे हैं। निगम के पास डिफाल्टरों की सूची भी हजारों में है।
इनमें मध्यम वर्ग से लेकर उच्च वर्ग के लोग भी शामिल हैं। जब सक्षम होने के बाद भी वे बिलों की अदायगी नहीं कर पा रहे हैं तो फिर स्लम बस्तियों में रहने वाले गरीब भला कैसे इतने महंगे बिल भरेंगे। निगम के लिए यह सबसे बड़ा चिंता का विषय है।
बिजली निगम की ओर से शहर की बाहरी कॉलोनियों में भी कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इस मामले में सरकार की ओर से अभी तक कोई सर्कुलर जारी नहीं किया है, यदि सरकार नियमों कोई बदलाव करेगी तो उसी के मुताबिक कनेक्शन दिए जाएंगे।
बीएस गर्ग, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम