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Panipat: मानसून की पहली बारिश में आधे शहर की सड़कें डूबीं, निगम के दावों की खुली पोल

Wed, 06 Jul 2022 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, पानीपत
अमर उजाला नेटवर्क, पानीपत Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 06 Jul 2022 12:18 AM IST
सार

निगम के अधिकारी और कर्मचारी बार-बार यहां के नालों की सफाई के दावे जरूर करते दिखाई दिए, लेकिन मानसून की पहली बरसात के पानी ने पूरी हकीकत बयां कर दी और दावे फेल होते नजर आए। 

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Half roads of Panipat were submerged in first rain of monsoon
पानीपत में नेशनल हाईवे-44 के साथ सर्विस लेन पर बारिश के बाद दो-दो फुट पानी से गुजरते वाहन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मानसून की पहली ही बारिश के पानी ने एक बार फिर से नगर निगम की सफाई और इंजीनियरिंग विंग की पोल खोलने का काम किया है। निगम क्षेत्र के अंतर्गत कई जगह ऐसी हैं जहां से पानी की निकासी निगम के लिए बड़ी चुुनौती बन चुका है, जबकि लोगों के लिए ये जगह नरक से कम नहीं हैं।

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शहर के कुटानी रोड, बबैल रोड, वार्ड नंबर 6, हरिनगर, रामस्वरूप चौक, असंध रोड अंडरपास, सेक्टर 11-12 को जाने वाली मुख्य सड़क, अनाज मंडी, सब्जी मंडी का मेन रास्ता अब तक पानी से भरा हुआ है। ये शहर की वे मुख्य सड़कें और रास्तें हैं जो आसपास की कई कॉलोनियों को आपस में जोड़ने का काम करते हैं। इससे शहर के लाखों लोग प्रभावित हुए हैं।
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निगम के अधिकारी और कर्मचारी बार-बार यहां के नालों की सफाई के दावे जरूर करते दिखाई दिए, लेकिन मानसून की पहली बरसात के पानी ने पूरी हकीकत बयां कर दी और दावे फेल होते नजर आए। गौरतलब है कि निगम की सफाई कमेटी और अधिकारियों ने नालों की बदहाली की बात विधायक की बैठक में भी रखी थी। बताया गया कि शहर के वे नाले जिनपर पक्की स्लैब ढकी हुई है उनकी सफाई निगम की सफाई शाखा नहीं कर पा रही है। कई सीवरेज लाइन ऐसी हैं जहां निगम की सुपर सकर मशीन भी इनकी ब्लॉकेज खोलने में असफल हो चुकी है। नालों के लेवल इस प्रकार से बना रखें हैं कि जिसके कारण पानी उल्टी दिशा में बहता है। इन सभी पर विचार कर अधिकारियों को नए सिरे से सफाई करवाने का प्लान बनाया है। जिसमें ढके नालों की सफाई इंजीनियरिंग विंग करवाएगी और खुले नालों की सफाई ढके स्लैब को तुड़वाकर इंजीनियरिंग विंग करवाएगी। सफाई के लिए आवश्यक मशीनों को किराए पर लिया जाएगा।
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रामस्वरूप चौक से जैन चौक तक पानी ही पानी
वार्ड नंबर 26-यहां रामस्वरूप चौक से लेकर जैन चौक तक बरसाती पानी जमा है। ये रास्ता आसपास की करीब 12 कॉलोनियों को जोड़ता है। बिना बरसात भी यहां पानी जमा रहता है। जिसका मुख्य कारण बिना लेवल का नाला है। इस नाले के पानी को पंपसेट से निकाल दूसरे नाले में डाले जाने का काम कई साल से होता आ रहा है जबकि इसका स्थायी समाधान नहीं किया जा सका है।

यहां नाले का पानी सड़क पर बह रहा
वार्ड नंबर 6- यहां कुटानी रोड, बबैल रोड से तकरीबन 8 गांव और 16 कॉलोनियों के लोगों का रास्ता है। यहां के नाले आगे ड्रेन में मिलते हैं। इन नालों की सफाई नहीं हो पा रही है। कुछ नालों के लेवल सड़क से ऊपर हो चुके हैं। यहां सड़क का पानी नाले में जाने के बजाए नाले का पानी सड़क पर आ जाता है। इस समस्या का भी आज तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

सीवरेज के अधूरे काम ने बढ़ाई मुश्किल
वार्ड नंबर 10- सेक्टर 11-12 को जाने वाली सड़क पर हर साल बारिश में जलभराव होता है। इससे बचने के लिए बारिश से पहले बिना प्लानिंग के सड़क उखाड़ दी गई। ताकि यहां सीवरेज लाइन बिछा दी जाए। काम पूरा हुआ भी नहीं था कि बारिश ने पूरा काम चौपट कर दिया। अब रास्ता भी नहीं रहा और पानी की निकासी का काम भी बंद हो गया।

बाजार में दो-दो फु ट पानी से व्यापारी बेहाल
शहर के मुख्य इंसार बाजार के नालों को बनाने और सफाई की वजह से यहां जलभराव नहीं हुआ लेकिन चौड़ा बाजार, कंबल मार्केट के न नालों की सफाई हुई और न इन नालों को जीटी रोड की ड्रेन से जोड़ा गया। इससे एक बार फिर इन बाजारों में दो-दो फुट तक पानी भर गया। इससे शहरवासियों के साथ व्यापारी और दुकानदार भी प्रभावित हुए।

अंडरपास में भरा है पानी
वार्ड नंबर 21 से लगते असंध रोड अंडरपास में पानी की निकासी का कोई संस्थान नहीं है। लेवल ज्यादा नीचा होने की वजह से हर बार पंपसेट लगाना पड़ता है। गोहाना रोड अंडरपास तो पूरी तरह से बंद हो चुका है। वार्ड नंबर 26 में हरि नगर और सेक्टर 6 के बीच बना अंडरपास भी पानी से भरा हुआ है। यहां नए अंडरपास बनने हैं जो अभी कागजों में ही हैं।

निगम क्षेत्र के तकरीबन सभी नालों की सफाई करवाई जा चुकी है। अब शहर में पानी नहीं है। कुछ जगह ब्लॉकेज की समस्या है उसे इंजीनियरिंग विंग की ओर से दूर किया जाएगा। -जितेंद्र नरवाल, सीएसआई, नगर निगम।

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