फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   education, model school, rain water

जिले के मॉडल स्कूल में भरा दो दो फुट बरसाती पानी, बच्चों को करना पड़ रहा समस्याओं का सामना

Thu, 08 Aug 2019 02:27 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 08 Aug 2019 02:27 AM IST
विज्ञापन
education, model school, rain water
जिले के मॉडल संस्कृति स्कूल में भरा दो दो फुट बारिश का पानी
विज्ञापन

तीन दिन से जमा पानी गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने से बच्चे परेशान, प्रशासन की अनदेखी पर अभिभावकों में रोष
2013 में मिले थे बैठने के लिए बेंच हुए खराब, जमीन पर बैठ शिक्षा ग्रहण करते है विद्यार्थी
फोटो संख्या-15 व 16
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिले में बारिश होने के बाद से मॉडल संस्कृति स्कूल में तीन दिन से दो फुट बारिश का पानी भरा हुआ है। पानी की निकासी की व्यवस्था न होने से गंदे पानी में मच्छर मक्खी आदि पनप रहे हैं। इससे स्कूल के शिक्षकों और बच्चों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं प्रधानाचार्य हीरामल भार्गव का कहना है कि उन्होंने प्रशासन से दो वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने की मांग की है, लेकिन अभी तक समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है
जानकारी के अनुसार जीटी रोड स्थित मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कई समस्याओं का समाधान न होने से बच्चों को पहले ही काफी परेशानी हो रही है। अब तीन दिन तक हुई बारिश के बाद स्कूल में जमा गंदे पानी ने उनकी समस्या का बढ़ा दिया है। ये गंदा पानी स्कूल के रसोईघर में घुसने से खाना बनाने वाली वर्करों को दूसरे स्थान पर जाकर खाना पकाना पड़ता है। स्कूल में बेंच के अभाव में बारिश के दौरान बच्चे जमीन पर बैठ कर शिक्षा ग्रहण कर रहे है। मॉडल स्कूल में सरकार द्वारा छह साल पहले घटिया सामग्री से बने बेंच भेजे गए थे, जो कि वर्तमान समय में ध्वस्त हो चुके है। स्कूल प्रधानाचार्य द्वारा प्रशासन व सरकार को इन समस्याओं के बारे में कई रुबरू करवाया है, लेकिन अभी तक समस्या का कोई हल नहीं निकला है। गंदा पानी भरने से बच्चों को अपनी कक्षाओं में जाने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गंदे पानी के दाई तरफ दो से तीन मीटर रास्ता है, इससे बच्चे अपनी कक्षाओं में जाते हैं।
विज्ञापन

कांग्रेस सरकार में आए थे छोटे बच्चों के लिए बेंच-
पहली से आठवी कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए सन 2013 में बेंच आए थे, उसके बाद डिमांड भेजने के बाद भी कोई समान नहीं हो रहा है। बरसात के समय में बच्चें जमीन पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर है। वहीं बच्चों के माता पिता का कहना है कि जिले का पहला ऐसा स्कूल है जिसमें बच्चों को जमीन पर बैैैठकर शिक्षा मिल रही है। हर चुनाव में शिक्षा का मुद्दा उठाया जाता है, लेकिन विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुख सुविधाओं के नाम पर नेता सिर्फ और सिर्फ राजनीति करते है। वर्तमान समय में हर स्कूल मार्डन होता जा रहा है और सरकार का मॉडल स्कूल ही मार्डन नहीं तो फिर क्या है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दो हार्वेस्टिंग सिस्टम की जरूरत-
स्कूल की निकासी चारो तरफ से बंद है। कही सें भी पानी जाने का रास्ता नहीं है। जिसके लिए स्कूल प्रबंधक ने प्रशासन व सरकार से दो वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की मांग की है। जिसके बाद स्कूल में पानी की निकासी का ठोस प्रबंध होगा। वहीं प्रधानाचार्य ने कहा कि मांग करने व शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
प्रशासन से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम व बेंच की मांग की गई है। अभी तक कोई जवाब नहीं आया है, जब जवाब आएगा तो वह एस्टीमेंट भेज देंगे।
हीरामल, प्रधानाचार्य, मॉडल संस्कृति स्कूल, पानीपत
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed