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Panipat News: जीरो ड्रॉपआउट करने और छात्र संख्या बढ़ाने की कवायद में शिक्षा विभाग
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पानीपत। जिला शिक्षा विभाग जिले को जीरो ड्रॉप-आउट करने और राजकीय विद्यालयों में छात्रों का पंजीकरण बढ़ाने की कवायद में लगा हुआ है। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर छात्रों की दाखिला संख्या बढ़ाने के लिए जरूरी निर्देश दिए हैं। उन्होंने मंगलवार को भी बैठक कर खंड शिक्षा अधिकारियों से दाखिला व पंजीकरण की स्थिति के बारे में चर्चा की। वहीं, शिक्षा निदेशालय के निर्देश के बाद राजकीय विद्यालयों में बिना पीपीपी व आधार नंबर के लिए दाखिले बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, शिक्षकों व विद्यार्थियों की हाजिरी एमआईएस पोर्टल पर लगाने के भी निर्देश दिए हैं। एमआईएस पोर्टल अपडेट न होने से विद्या़र्थी स्कूल की सुविधाओं से वंचित रह सकते हैं।
बता दें कि प्रदेश के सभी स्कूलों में कक्षा पहली से 11वीं तक पढ़ने वाले 4.64 लाख बच्चों को अपने स्कूल से ड्राॅप-आउट में भेज दिया गया। अर्थात ये वे बच्चे हैं जो अपने पुराने स्कूल में नहीं पढ़ रहे। साथ ही, इन बच्चों को किसी भी स्कूल द्वारा ड्रॉप-बॉक्स से उठाकर किसी भी स्कूल में प्रवेश नहीं दिया है। ये बच्चे स्कूल से ड्रॉप-आउट होने की संभावना है। जिले में ऐसे 26286 बच्चे हैं जो पढ़ाई बीच में छोड़ गए। शिक्षा विभाग बैठकों में प्रवेश उत्सव के माध्यम से स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ा रहा हैं। शिक्षक और अधिकारी घर-घर दस्तक दे रहे हैं।
7500 बच्चे ट्रेस, 2000 मिले ड्रॉप-आउट
जिला सहायक परियोजना समन्वयक कुलभूषण जैन ने बताया कि जिले में करीब 7500 बच्चों को ट्रेस किया जा चुका है। इनमें से करीब दो हजार विद्यार्थी ड्रॉप-आउट मिले हैं। कुछ माइग्रेट पाए गए। ड़ॉप-आउट के अभिभावकों से बातचीत कर उन्हें फिर से प्रवेश दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, करीब 3200 नए बच्चों का पंजीकरण हो चुका है जो प्रदेश में तीसरे स्थान पर है।
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डीपीआईयू की बैठक में की चर्चा
वहीं, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में डीपीआईयू की बैठक हुई जिसमें ज़िला मौलिक शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा मार्च-2024 के स्कोर कार्ड, कक्षा कक्ष व यूनिक स्कूल विजिट पर चर्चा की गई। एबीआरसी व अन्य मेंटर्स के द्वारा ज्यादा से ज्यादा स्कूल विजिट करने का टारगेट रखा गया। इसके साथ ही टीचर गाइड, वर्क बुक, दीक्षा एप व संपर्क टीवी का प्रयोग करना व कक्षा कक्ष का प्रिंट रिच होना जैसे मुख्य बिंदुओं पर भी चर्चा की गई।
वर्जन-
विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने निर्देशों में कहा है कि किसी भी बच्चे को उसके शिक्षा के अधिकार से वंचित न किया जाए तथा परिवार पहचान पत्र एवं आधार नंबर के अभाव में नामांकन से मना न किया जाए। विद्यार्थियों का डेटा एमआईएस पर अपलोड करने के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी।
- कुलदीप दहिया, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
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बता दें कि प्रदेश के सभी स्कूलों में कक्षा पहली से 11वीं तक पढ़ने वाले 4.64 लाख बच्चों को अपने स्कूल से ड्राॅप-आउट में भेज दिया गया। अर्थात ये वे बच्चे हैं जो अपने पुराने स्कूल में नहीं पढ़ रहे। साथ ही, इन बच्चों को किसी भी स्कूल द्वारा ड्रॉप-बॉक्स से उठाकर किसी भी स्कूल में प्रवेश नहीं दिया है। ये बच्चे स्कूल से ड्रॉप-आउट होने की संभावना है। जिले में ऐसे 26286 बच्चे हैं जो पढ़ाई बीच में छोड़ गए। शिक्षा विभाग बैठकों में प्रवेश उत्सव के माध्यम से स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ा रहा हैं। शिक्षक और अधिकारी घर-घर दस्तक दे रहे हैं।
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7500 बच्चे ट्रेस, 2000 मिले ड्रॉप-आउट
जिला सहायक परियोजना समन्वयक कुलभूषण जैन ने बताया कि जिले में करीब 7500 बच्चों को ट्रेस किया जा चुका है। इनमें से करीब दो हजार विद्यार्थी ड्रॉप-आउट मिले हैं। कुछ माइग्रेट पाए गए। ड़ॉप-आउट के अभिभावकों से बातचीत कर उन्हें फिर से प्रवेश दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, करीब 3200 नए बच्चों का पंजीकरण हो चुका है जो प्रदेश में तीसरे स्थान पर है।
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डीपीआईयू की बैठक में की चर्चा
वहीं, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में डीपीआईयू की बैठक हुई जिसमें ज़िला मौलिक शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा मार्च-2024 के स्कोर कार्ड, कक्षा कक्ष व यूनिक स्कूल विजिट पर चर्चा की गई। एबीआरसी व अन्य मेंटर्स के द्वारा ज्यादा से ज्यादा स्कूल विजिट करने का टारगेट रखा गया। इसके साथ ही टीचर गाइड, वर्क बुक, दीक्षा एप व संपर्क टीवी का प्रयोग करना व कक्षा कक्ष का प्रिंट रिच होना जैसे मुख्य बिंदुओं पर भी चर्चा की गई।
वर्जन-
विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने निर्देशों में कहा है कि किसी भी बच्चे को उसके शिक्षा के अधिकार से वंचित न किया जाए तथा परिवार पहचान पत्र एवं आधार नंबर के अभाव में नामांकन से मना न किया जाए। विद्यार्थियों का डेटा एमआईएस पर अपलोड करने के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी।
- कुलदीप दहिया, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।