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मिट्टी के दीयों की बिक्री गिरी, मोम और वैक्स के दीये चलन में
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पानीपत। 60 रूपय से लेकर आया 400 रूपय तक मौम व वैक्स के दीवे।
- फोटो : Panipat
पानीपत। इस बार दीवाली पर बाजार मोम और मोम के दीये से सजे हैं। इन दीयों के पैकेट 60 से शुरू होकर 400 रुपये तक के हैं। जिनमें हर पैकेट में 10 से लेकर 100 दीये तक हैं। वहीं, दीवाली पर घरों को जगमग करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक आइटमस में लड़ियों और एमडी रोप छा चुकी हैं। इनके रेट भी काफी सस्ते हैं। इस आधुनिक सामान की वजह से हाथ के दस्तकार खाली बैठ गए हैं। जिससे मिट्टी के दीयों की बिक्री गिर रह गई है।
इस बार केवल दस रुपये में मिट्टी वाले 10-12 दीये बेचे जा रहे हैं। अगर बड़ा दीया चाहिए तो ये 5 और 10 रुपये का एक है। इसके अलावा मार्केट में चाइनीज दीये भी हैं जो 25 रुपये का एक है। दूसरी तरफ बाजारों में ग्राहकों की चहलकदमी बढ़ गई है, जिससे दुकानदार भी खुुुश हैं। अब उम्मीद जताई जा रही है कि बाजार अपनी कोरोना की कसर पूरी करेगा।
लोगों में भी सजावट के सामान को लेकर चाह दिख रही है। दुकानदारों का कहना है कि आने वाले चारों दिन बाजारों में भारी भीड़ रहेगी। इसकी शुरुआत रविवार से हो जाएगी। दूसरी तरफ शहरवासियों में भी अपने घरों को सजाने के लिए वॉल वेवर, लड़ियां, इलेक्ट्रॉनिक लैंप, लाइटिंग रोप, क्लरफुल ब्लब, लेजर लाइटिंग का भी क्रेज बढ रहा है।
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बढ़ने लगी चहलकदमी
दीवाली को लेकर शहर के बाजारों में चहलकदमी बढ़ने लगी है। लोग घरों की सजवाट का सामान खरीदने आने लगे हैं। अब बाजारों की हालात सुधर रही है। उम्मीद है कि ये त्योहार ठीक जाएगा। ज्यादातर ग्राहक स्वदेश सामान की ही डिमांड कर कर रहे हैं। -सिमरजीत, दुकानदार
नई-नई आइटमों से सजे बाजार
ग्राहक की मांग के अनुसार बाजार में हर प्रकार की आइटम मौजूद है। इलेक्ट्रॉनिक आइटम की लाइटिंग सिस्टम से लेकर मोम और वैक्स की दीये तक हैं। इनको ग्राहक पंसद भी कर रहे हैं। इनमें भी कई प्रकार की वैरायटी है जो ग्राहकों को लुभा रही है। -मन्नू जैन।
मिट्टी वाले दीये को भूले
फैशन की इस दौर में लोग मिट्टी वाले दीयों को लेना कम करने लगे हैं। इसका बड़ा असर सरसों के तेल बढ़ने की वजह से हुआ है। मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कारीगर ही इन दीयों को मेहनत से बनाते हैं, जो सस्ते भी हैं लेकिन अब लोग रेडीमेड की तरफ जा रहे हैं। -बीरमती, मिट्टी के दीये बेचने वाली दुकानदार
इनसे ही है संस्कृति
मिट्टी के दीये हमारी संस्कृति से जुड़े हैं। अब फैंसी आइटम आ गई हैं लेकिन अब भी कुछ लोग इनको खरीद रहे हैं। ये हमारी संस्कृति व सभ्यता को संजाए हैं। इनसे ही हमारी पुुरानी यादें जुड़ी हैं। इस माहौल से ऐसा लगता है कि आने वाले समय में लोग मिट्टी वाले दीयों को केवल किताबों में ही देखा करेंगे। -चंद्रभान, मिट्टी के दीयों का दुकानदार।
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इस बार केवल दस रुपये में मिट्टी वाले 10-12 दीये बेचे जा रहे हैं। अगर बड़ा दीया चाहिए तो ये 5 और 10 रुपये का एक है। इसके अलावा मार्केट में चाइनीज दीये भी हैं जो 25 रुपये का एक है। दूसरी तरफ बाजारों में ग्राहकों की चहलकदमी बढ़ गई है, जिससे दुकानदार भी खुुुश हैं। अब उम्मीद जताई जा रही है कि बाजार अपनी कोरोना की कसर पूरी करेगा।
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लोगों में भी सजावट के सामान को लेकर चाह दिख रही है। दुकानदारों का कहना है कि आने वाले चारों दिन बाजारों में भारी भीड़ रहेगी। इसकी शुरुआत रविवार से हो जाएगी। दूसरी तरफ शहरवासियों में भी अपने घरों को सजाने के लिए वॉल वेवर, लड़ियां, इलेक्ट्रॉनिक लैंप, लाइटिंग रोप, क्लरफुल ब्लब, लेजर लाइटिंग का भी क्रेज बढ रहा है।
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बढ़ने लगी चहलकदमी
दीवाली को लेकर शहर के बाजारों में चहलकदमी बढ़ने लगी है। लोग घरों की सजवाट का सामान खरीदने आने लगे हैं। अब बाजारों की हालात सुधर रही है। उम्मीद है कि ये त्योहार ठीक जाएगा। ज्यादातर ग्राहक स्वदेश सामान की ही डिमांड कर कर रहे हैं। -सिमरजीत, दुकानदार
नई-नई आइटमों से सजे बाजार
ग्राहक की मांग के अनुसार बाजार में हर प्रकार की आइटम मौजूद है। इलेक्ट्रॉनिक आइटम की लाइटिंग सिस्टम से लेकर मोम और वैक्स की दीये तक हैं। इनको ग्राहक पंसद भी कर रहे हैं। इनमें भी कई प्रकार की वैरायटी है जो ग्राहकों को लुभा रही है। -मन्नू जैन।
मिट्टी वाले दीये को भूले
फैशन की इस दौर में लोग मिट्टी वाले दीयों को लेना कम करने लगे हैं। इसका बड़ा असर सरसों के तेल बढ़ने की वजह से हुआ है। मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कारीगर ही इन दीयों को मेहनत से बनाते हैं, जो सस्ते भी हैं लेकिन अब लोग रेडीमेड की तरफ जा रहे हैं। -बीरमती, मिट्टी के दीये बेचने वाली दुकानदार
इनसे ही है संस्कृति
मिट्टी के दीये हमारी संस्कृति से जुड़े हैं। अब फैंसी आइटम आ गई हैं लेकिन अब भी कुछ लोग इनको खरीद रहे हैं। ये हमारी संस्कृति व सभ्यता को संजाए हैं। इनसे ही हमारी पुुरानी यादें जुड़ी हैं। इस माहौल से ऐसा लगता है कि आने वाले समय में लोग मिट्टी वाले दीयों को केवल किताबों में ही देखा करेंगे। -चंद्रभान, मिट्टी के दीयों का दुकानदार।

पानीपत। सेक्टर 11-12 स्थित दुकान से सजावट का सामान खरिदती हुई महिला ।- फोटो : Panipat