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Panipat News: पहले परिवार के साथ ही मनाए जाते थे त्योहार, अब बढ़ी दूरियां
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सस्मिता । स्रोत : स्वयं
गोपाल कॉलोनी की लवली कपूर ने बताया कि सावन के महीने से त्योहार की शुरूआत मानी जाती है। पहले लोगों में भाईचारे की भावना ज्यादा होती थी। परिवार के साथ लगाव ज्यादा होता था। सभी त्योहारों को परिवार के साथ मनाया जाता था। सुविधाएं कम होती थी लेकिन समय लोगों में भाईचारा रहता था। समय के साथ जहां सुविधाएं बढ़ी हैं, वहीं लोगों के पास समय की कमी रहने लगी है जिससे वे परिवार के साथ त्योहार तक नहीं मना पा रहे हैं। व्यवस्थित जीवन, समय की कमी लोगों को परिवार से दूर कर रही है जिससे हमारे त्योहार भी अछूते नहीं रह पाए हैं। लोग त्योहार भी परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर नहीं बल्कि वीडियो कॉल के माध्यम से मना रहे हैं।
कम होने लगी त्योहारों की रौनक
आधुनिकता के दौर में जहां सुविधाएं बढ़ी हैं। वहीं लोगों के पास समय की कमी होने के कारण परिवार से दूरी बढ़ गई है। लोग काम के कारण परिवार से दूर रहने लगे हैं। यहां तक कि त्योहार भी परिवार के साथ नहीं मना पा रहे हैं। पहले लोगों के पास सुविधा कम होती थी ज्यादातर लोग खेती करते थे जिससे वे सभी त्योहार परिवार के साथ मना पाते थे। आज लोग काम करने के लिए दूसरे देश, दूसरे शहर-गांव में जा रहे हैं जिससे वे त्योहार पर भी परिवार के साथ समय नहीं व्यतीत कर पा रहे हैं। इसलिए अब त्योहारों की रौनक कम होने लगी है।
प्रस्तुति : सस्मिता, मॉडल टाउन
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कम होने लगी त्योहारों की रौनक
आधुनिकता के दौर में जहां सुविधाएं बढ़ी हैं। वहीं लोगों के पास समय की कमी होने के कारण परिवार से दूरी बढ़ गई है। लोग काम के कारण परिवार से दूर रहने लगे हैं। यहां तक कि त्योहार भी परिवार के साथ नहीं मना पा रहे हैं। पहले लोगों के पास सुविधा कम होती थी ज्यादातर लोग खेती करते थे जिससे वे सभी त्योहार परिवार के साथ मना पाते थे। आज लोग काम करने के लिए दूसरे देश, दूसरे शहर-गांव में जा रहे हैं जिससे वे त्योहार पर भी परिवार के साथ समय नहीं व्यतीत कर पा रहे हैं। इसलिए अब त्योहारों की रौनक कम होने लगी है।
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प्रस्तुति : सस्मिता, मॉडल टाउन

सस्मिता । स्रोत : स्वयं
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