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Panipat News: बिना टेंडर के सफाई ठेके की अवधि डेढ़ साल बढ़ाई
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पानीपत। पानीपत में सफाई कार्य में एक और बड़ी गड़बड़ी का खुलासा आरटीआई के जरिये हुआ है। यहां सफाई कार्य में लगी दो कंपनियों को ठेके के रेट बिना नया टेंडर लगवाए गुपचुप तरीके से बढ़ा दिए गए। पहले यह टेंडर 84.08 करोड़ रुपये का था। जो अब 154.72 करोड़ रुपये कर दिया है।
इसकी अवधि भी डेढ़ वर्ष तक बढ़ा दी। आरटीआई में सामने आया कि तीनों जोन में रेट 81 से 86 प्रतिशत तक बढ़ाए हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो करनाल इन दोनों कंपनियों के मालिक और 12 अधिकारियों समेत 14 पर पहले ही मुकदमा दर्ज करा चुकी है।
अब नया मामला सामने आने के बाद स्थानीय अधिकारियों के साथ सरकार के नुमाइंदों पर भी सवाल उठे हैं। आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने नगर निगम पानीपत के सफाई कार्य में हुए अनियमितता का शुक्रवार को भंडाफोड़ किया है।
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उन्होंने कंपनियों का ठेका रद्द करने की मांग की। साथ ही इस घोटाले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरटीआई के तहत नगर निगम से मिले दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाए कि नगर निगम पानीपत ने 13 मई 2022 को गलियों, सड़कों, की सफाई के लिए चारों जोन का ठेका कार्य पूजा कांसुलेशन सोनीपत (जोन 3 और 4) व आईएनडी सैनिटेशन प्राइवेट लिमिटेड गुरुग्राम (जोन 1 और 2) को 84.08 करोड़ रुपये सालाना में दिया था। इस ठेके की अवधि दो वर्ष की थी। नियमानुसार 13 मई 2024 को ठेका कार्य समाप्त होने से पहले ही नगर निगम को दोबारा से सफाई कार्य ठेका के नए टेंडर आमंत्रित करने थे लेकिन नए टेंडर आमंत्रित न कर मिलीभगत से शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने ठेके की अवधि 30 जून तक बढ़ा दी।
कैबिनेट की सब कमेटी की 25 जून को बैठक में ठेके की अवधि 31 जुलाई तक बढ़ा दी और बाद में इसे 31 दिसंबर 2024 तक भी बढ़ा दिया। इसके बाद जनवरी 2025 में सब कमेटी ने बिना नए टेंडर आमंत्रित कराए दोनों कंपनियों के ठेके के रेट 84 प्रतिशत तक बढ़ा दिए। यह काम 154.83 करोड़ रुपये सालाना कर दिया। ठेके की अवधि भी एक वर्ष बढ़ा कर 31 दिसंबर 2025 तक कर कर दी।
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इसकी अवधि भी डेढ़ वर्ष तक बढ़ा दी। आरटीआई में सामने आया कि तीनों जोन में रेट 81 से 86 प्रतिशत तक बढ़ाए हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो करनाल इन दोनों कंपनियों के मालिक और 12 अधिकारियों समेत 14 पर पहले ही मुकदमा दर्ज करा चुकी है।
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अब नया मामला सामने आने के बाद स्थानीय अधिकारियों के साथ सरकार के नुमाइंदों पर भी सवाल उठे हैं। आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने नगर निगम पानीपत के सफाई कार्य में हुए अनियमितता का शुक्रवार को भंडाफोड़ किया है।
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उन्होंने कंपनियों का ठेका रद्द करने की मांग की। साथ ही इस घोटाले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरटीआई के तहत नगर निगम से मिले दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाए कि नगर निगम पानीपत ने 13 मई 2022 को गलियों, सड़कों, की सफाई के लिए चारों जोन का ठेका कार्य पूजा कांसुलेशन सोनीपत (जोन 3 और 4) व आईएनडी सैनिटेशन प्राइवेट लिमिटेड गुरुग्राम (जोन 1 और 2) को 84.08 करोड़ रुपये सालाना में दिया था। इस ठेके की अवधि दो वर्ष की थी। नियमानुसार 13 मई 2024 को ठेका कार्य समाप्त होने से पहले ही नगर निगम को दोबारा से सफाई कार्य ठेका के नए टेंडर आमंत्रित करने थे लेकिन नए टेंडर आमंत्रित न कर मिलीभगत से शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने ठेके की अवधि 30 जून तक बढ़ा दी।
कैबिनेट की सब कमेटी की 25 जून को बैठक में ठेके की अवधि 31 जुलाई तक बढ़ा दी और बाद में इसे 31 दिसंबर 2024 तक भी बढ़ा दिया। इसके बाद जनवरी 2025 में सब कमेटी ने बिना नए टेंडर आमंत्रित कराए दोनों कंपनियों के ठेके के रेट 84 प्रतिशत तक बढ़ा दिए। यह काम 154.83 करोड़ रुपये सालाना कर दिया। ठेके की अवधि भी एक वर्ष बढ़ा कर 31 दिसंबर 2025 तक कर कर दी।