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Panipat News: डीटीपी ने सिर्फ एक कंपनी को दी नोटिस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 29 Aug 2024 07:09 AM IST
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DTP gave notice to only one company
पानीपत। टीडीआई सेक्टर 23 में करोड़ाें रुपये की सरकारी जमीन का घोटाले में एक और बड़ा मामला सामने आया है। तहसील से चार और रजिस्ट्रियां संदेह के घेरे में मिली हैं। इनके मालिक, गज, तिथि भी अलग-अलग हैं, जबकि अब तक डीटीपी की ओर से भेजे गए चाराें नोटिस केवल महेश फार्म्स के नाम से हैं। अब राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन रजिस्ट्रियों की जांच की जाएंगी। अगर ये गलत मिली तो इनको रद्द भी किया जाएगा।
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उल्लेखनीय है कि डीटीपी ने पहला नोटिस 22 जुलाई को महेश फार्म्स के नाम से भेजा है। जिसमें 18 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट और 60 मीटर चौड़े सेक्टर रोड पर अवैध निर्माण का कारण पूछा गया है। दूसरा नोटिस भी 22 जुलाई को महेश फार्म्स के नाम से ही है। जिसमें पार्क-3 और 24 मीटर चौड़े रोड पर अवैध निर्माण का कारण पूछा गया है। करोड़ों का मामला उजागर होने के बाद डीटीपी ने तीसरा नोटिस 21 अगस्त को पार्क-3 और 24 मीटर चौड़े रोड पर अवैध निर्माण को लेकर दिया गया। चौथा नोटिस भी 21 अगस्त को महेश फार्म्स के नाम से 18 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट और 60 मीटर चौड़े सेक्टर रोड पर अवैध निर्माण को लेकर भेजा गया है। इन सभी नोटिस में कंपनी को सात दिन का समय दिया गया और चेतावनी भी दी गई है। इसके बाद से डीटीपी की ओर से न तो कोई नोटिस भेजा गया और न कोई कार्रवाई की गई।
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शिकायर्ता जोगिंद्र स्वामी का आरोप है कि जैसे ही विजिलेंस जांच शुरू होगी, सभी संलिप्त सलाखों के पीछे होंगे। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात ये है कि सैकड़ों करोड़ की जमीन बेचने के बाद भी जांच नहीं की जा रही केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। अगर फिर भी जांच नहीं हुई तो वे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। गौरतलब है कि टीडीआई में यूडीलैंड, ग्रीन बेल्ट, पार्क की जमीनों की प्रॉपर्टी आईडी बनवाकर टीडीआई ने उनका अलॉटमेंट जारी कर दिया। जिस पर खरीदारों ने इनकी रजिस्टरी करवा ली। जिस पर अब विभागीय जांच शुरू हो चुकी है।
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जांच के घेरे में आईं ये रजिस्ट्रियां



पहली रजिस्ट्री पांच अगस्त 2023 को तहसीलदार ने की। इसमें 400 गज की जमीन महज 12 लाख में बेची गई। जिसकी स्टांप ड्यूटी महज 84 हजार रुपये दर्शाई गई। इस प्लॉट का नंबर ए-25 ए दर्शाया गया है। दूसरी रजिस्ट्री 20 फरवरी 2024 को तहसीलदार ने की। इसमें 1284 गज जमीन को सनातन धर्म राम मंदिर सभा को करीब 1.30 लाख में बेचा गया है। जिसकी स्टांप ड्यूटी 9100 रुपये दिखाई गई है। तीसरी रजिस्ट्री 28 फरवरी 2024 को डीआरओ ने की। 1013 गज की जमीन को 30 लाख रुपये जिसकी स्टांप ड्यूटी महज 1.5 लाख रुपये थी। चौथी रजिस्ट्री 394 गज की मिली है। जो 28 फरवरी 2023 को तत्कालीन तहसीलदार ने की थी। इसकी स्टांप ड्यूटी 295500 रुपये ली गई, जबकि सौदा 59.10 लाख रुपये में हुआ।










वर्जन:
मामले की जांच की जा रही है। अगर जांच में कोई रजिस्ट्री गलत मिली तो उसे रद्द किया जाएगा।



वीरेंद्र गिल, तहसीलदार।
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