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Panipat News: करोड़ों पिलाने के बाद भी सूखी हाली झील, अब नहर चौड़ीकरण का प्रपोजल रोड़ा
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पानीपत। नगर निगम के करीब 24 करोड़ रुपये लगाने के बाद भी हाली झील सूखी पड़ी है। झील में आठ से 10 फीट तक ऊंची खड़ी जंगली घास निगम की अनदेखी को साफ दर्शाती है। अधिकारी यहां तक पानी लाने में फेल साबित हो रहे हैं। पहले असंध रोड पर खड़े पेड़ रोड़ा बने। यह रोड़ा निकाला गया तो नहर के पानी के लिए निगम का मोटर प्रेशर नहीं बना पाया। जो कुछ पानी आया, झील पी गई। निगम अब चिकनी मिट्टी डालकर झील भरने की सोच रहा है तो दिल्ली पैरलल नहर के चौड़ीकरण के चलते पानी रोक दिया गया। अब अगले साल नहर का प्रोजेक्ट पूरा होने पर ही झील को पानी मिल पाएगा। अधिकारियों के ढुलमुल रवैये के चलते शहर के लोगों को इस बार भी गर्मियों की छुट्टियों में झील में पानी नहीं मिलेगा।
नगर निगम ने 2018 में हाली झील और पार्क बनाकर शहर को नया रूप और पिकनिक स्पॉट देने के लिए करीब 24 करोड़ का प्रस्ताव बनाया था। इसके लिए एक कंपनी को काम भी दिया। पहले पार्क विकसित किया गया। झील बनाने में निर्धारित समय से अधिक लगा। ठेकेदार अब अपने स्तर पर प्रोजेक्ट के अनुसार काम पूरा कर चुका है। निगम पिछले एक साल से पानी भरने में लगा हुआ है, लेकिन आज भी झील में एक बूंद पानी नहीं है।
नगर निगम ने नवंबर में 40 हॉर्स पावर (एचपी) का मोटर नहर पर लगाया था। पानी का प्रेशर कम होने पर 90 एचपी का मोटर लगा दिया, लेकिन पर्याप्त लोड न होने से मोटर नहीं चला। अब 85 किलोवाट का बिजली कनेक्शन करने की तैयारी है। इसके लिए नहर पर जल्द ही ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। इसके बाद 90 हॉर्स पावर का मोटर शुरू हो जाएगा। प्रतिदिन 80 लाख लीटर पानी झील में डालने के दावे किए जा रहे हैं। पहले असंध रोड पर पानी के लिए लाइन दबाने लगे तो वन विभाग ने पेड़ काटने की अनुमति नहीं दी। इस पर कई महीने बीत गए।
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हाली पार्क और झील के एक बड़े हिस्से में ओपन जिम और पार्क बनाने का प्रस्ताव था। रामलाल चौक से लेकर हाली झील और पार्क तक जाने वाले रास्ते को भी नया रूप दिया जाना था। दोनों तरफ स्पेशल लाइट लगाई जानी थी। हाली झील और पार्क के 13 जोन बनाए गए थे। हाली पार्क का सिंबल, कोलोनाइड एंट्री और फाउंडेशन, कैफे, गार्डन जिम, योग ग्राउंड, ओएटी, पोडियम, फ्लैग स्पॉट, वोट राइट, किड्स प्ले एरिया, पब्लिक प्लाजा और ओपन एंट्री, पार्किंग और 1.5 मीटर गहरा स्टॉर्म वाटर ड्रेन बनाने का प्रस्ताव था।
हाली झील को लेकर निगम अधिकारियों के साथ पिछले दिनों बैठक की थी। उनसे झील में पानी को लेकर एक्शन प्लान मांगा गया है। झील में पानी को लेकर सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों से भी बात करनी पड़ी तो करेंगे।
- वीरेंद्र कुमार दहिया, डीसी।
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नगर निगम ने 2018 में हाली झील और पार्क बनाकर शहर को नया रूप और पिकनिक स्पॉट देने के लिए करीब 24 करोड़ का प्रस्ताव बनाया था। इसके लिए एक कंपनी को काम भी दिया। पहले पार्क विकसित किया गया। झील बनाने में निर्धारित समय से अधिक लगा। ठेकेदार अब अपने स्तर पर प्रोजेक्ट के अनुसार काम पूरा कर चुका है। निगम पिछले एक साल से पानी भरने में लगा हुआ है, लेकिन आज भी झील में एक बूंद पानी नहीं है।
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नगर निगम ने नवंबर में 40 हॉर्स पावर (एचपी) का मोटर नहर पर लगाया था। पानी का प्रेशर कम होने पर 90 एचपी का मोटर लगा दिया, लेकिन पर्याप्त लोड न होने से मोटर नहीं चला। अब 85 किलोवाट का बिजली कनेक्शन करने की तैयारी है। इसके लिए नहर पर जल्द ही ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। इसके बाद 90 हॉर्स पावर का मोटर शुरू हो जाएगा। प्रतिदिन 80 लाख लीटर पानी झील में डालने के दावे किए जा रहे हैं। पहले असंध रोड पर पानी के लिए लाइन दबाने लगे तो वन विभाग ने पेड़ काटने की अनुमति नहीं दी। इस पर कई महीने बीत गए।
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हाली पार्क और झील के एक बड़े हिस्से में ओपन जिम और पार्क बनाने का प्रस्ताव था। रामलाल चौक से लेकर हाली झील और पार्क तक जाने वाले रास्ते को भी नया रूप दिया जाना था। दोनों तरफ स्पेशल लाइट लगाई जानी थी। हाली झील और पार्क के 13 जोन बनाए गए थे। हाली पार्क का सिंबल, कोलोनाइड एंट्री और फाउंडेशन, कैफे, गार्डन जिम, योग ग्राउंड, ओएटी, पोडियम, फ्लैग स्पॉट, वोट राइट, किड्स प्ले एरिया, पब्लिक प्लाजा और ओपन एंट्री, पार्किंग और 1.5 मीटर गहरा स्टॉर्म वाटर ड्रेन बनाने का प्रस्ताव था।
हाली झील को लेकर निगम अधिकारियों के साथ पिछले दिनों बैठक की थी। उनसे झील में पानी को लेकर एक्शन प्लान मांगा गया है। झील में पानी को लेकर सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों से भी बात करनी पड़ी तो करेंगे।
- वीरेंद्र कुमार दहिया, डीसी।