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Panipat News: हड़ताल पर चिकित्सक, ओपीडी में रोते बिलखते रहे मरीज, बिना इलाज व दवा के लौटे
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पानीपत। सरकारी चिकित्सकों ने हरियाणा सिविल चिकित्सा सेवा संघ (एचसीएमएस) के आह्वान पर शनिवार को हड़ताल रखी। जिला नागरिक अस्पताल से लेकर समालखा सामान्य अस्पताल व सीएचसी तक ओपीडी बंद रखी। अस्पताल में मरीज दवा के लिए रोते बिलखते रहे। जिला नागरिक अस्पताल में इलाज न मिलने पर एक मरीज बेहोश होकर गिर गया। इनको बाद में आपातकाल में ले जाया गया। जिला नागरिक अस्पताल में 1500 समेत जिले में करीब चार हजार मरीजों को ओपीडी से बिना दवा के लौटना पड़ा।
चिकित्सकों ने ऑपरेशन भी बंद रखे। जिला नागरिक अस्पताल में शनिवार को सिर्फ तीन सिजेरियन डिलीवरी कराई। बाकी के आठ मरीजों के ऑपरेशन स्थगित किए गए।
जिला नागरिक अस्पताल समेत समालखा सामान्य अस्पताल और सभी सीएचसी, पीएचसी पर शनिवार को हड़ताल रखी। जिला के 120 चिकित्सक हड़ताल पर बैठे। यूनियन के उप प्रधान डॉ. रिंकू सांगवान ने कहा कि शनिवार को पानीपत समेत प्रदेश के सभी जिले की आपातकालीन छोड़ सभी स्वास्थ्य सेवाएं बंद रहीं। उन्होंने कहा कि करनाल के घरौंडा में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक प्रशांत के साथ तत्कालीन थाना प्रभारी ने बदसलूकी की है। इसके अलावा भी चिकित्सकों पर हमले हुए हैं। एक चिकित्सक के लिए मरीजों का इलाज करना भारी पड़ गया है। उन्होंने कहा कि घरौंडा में चिकित्सक के साथ बदसलूकी के मामले में इंस्पेक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएं। पुलिस ऐसा नहीं करती है तो वे सोमवार को भी हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
बाॅक्स
दवा न मिलने से हुआ बेहोश
हरिनगर निवासी राजू ने बताया कि उसे कई दिन से बुखार हो रहा है। वह शनिवार को सुबह नौ बजे ही अस्पताल लेने पहुंचा लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं बंद होने से पंजीकरण भी नहीं हुआ और न ही चिकित्सक मिले। करीब दो घंटे इंतजार करते हुए उसे खड़े-खड़े चक्कर आ गए और वह बेहोश हो गया। उसके बाद इंटर्न पर बैठे चिकित्सकों ने दवा लिखी।
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बाॅक्स
ओपीडी की परेशानी मरीजों की जुबानी
फोटो कोट्स-
बिना इलाज और दवा के लाैटना पड़ा
देवी मंदिर रोड निवासी संतोष ने बताया कि उनको सांस की बीमारी है। वह शनिवार को अस्पताल में दवा लेने आई थी। यहां चिकित्सक नहीं मिले। उनको बिना दवा के लौटना पड़ा।
फोटो कोट्स-
नहीं हो सका पैर के दर्द का इलाज
सेक्टर-छह की राजेंदर कौर ने बताया कि पैरों में दर्द रहता है। वह दर्द के चलते ठीक से चल भी नहीं पाती हैं। अस्पताल में चिकित्सक नहीं मिले। ऐसे में उनको दवा नहीं मिली।
फोटो कोट्स-
बुखार की नहीं मिली दवा
नूरवाला के बिसराम ने बताया कि उनको कई दिन से बुखार है। वह शनिवार को अस्पताल में दवा लेने आया था। इसके लिए फैक्टरी से छुट्टी भी ली थी। उनको अस्पताल में दवा नहीं मिल पाई।
फोटो कोट्स-
कानों में दर्द का नहीं हो सका इलाज
अशोक विहार कॉलोनी की रजनी ने बताया कि कानों में दर्द है। उनको ठीक से सुनाई भी नहीं देता है। अस्पताल में आने पर हड़ताल के बारे में पता चला। उनको बिना दवा के लौटना पड़ा है।
वर्जन :
चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने से मरीजों को परेशानी हुई है। आपातकालीन सेवाएं सुचारू रूप से जारी रहीं और ऑपरेशन में सिर्फ सिजेरियन डिलीवरी कराई गई हैं।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।
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चिकित्सकों ने ऑपरेशन भी बंद रखे। जिला नागरिक अस्पताल में शनिवार को सिर्फ तीन सिजेरियन डिलीवरी कराई। बाकी के आठ मरीजों के ऑपरेशन स्थगित किए गए।
जिला नागरिक अस्पताल समेत समालखा सामान्य अस्पताल और सभी सीएचसी, पीएचसी पर शनिवार को हड़ताल रखी। जिला के 120 चिकित्सक हड़ताल पर बैठे। यूनियन के उप प्रधान डॉ. रिंकू सांगवान ने कहा कि शनिवार को पानीपत समेत प्रदेश के सभी जिले की आपातकालीन छोड़ सभी स्वास्थ्य सेवाएं बंद रहीं। उन्होंने कहा कि करनाल के घरौंडा में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक प्रशांत के साथ तत्कालीन थाना प्रभारी ने बदसलूकी की है। इसके अलावा भी चिकित्सकों पर हमले हुए हैं। एक चिकित्सक के लिए मरीजों का इलाज करना भारी पड़ गया है। उन्होंने कहा कि घरौंडा में चिकित्सक के साथ बदसलूकी के मामले में इंस्पेक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएं। पुलिस ऐसा नहीं करती है तो वे सोमवार को भी हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
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दवा न मिलने से हुआ बेहोश
हरिनगर निवासी राजू ने बताया कि उसे कई दिन से बुखार हो रहा है। वह शनिवार को सुबह नौ बजे ही अस्पताल लेने पहुंचा लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं बंद होने से पंजीकरण भी नहीं हुआ और न ही चिकित्सक मिले। करीब दो घंटे इंतजार करते हुए उसे खड़े-खड़े चक्कर आ गए और वह बेहोश हो गया। उसके बाद इंटर्न पर बैठे चिकित्सकों ने दवा लिखी।
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ओपीडी की परेशानी मरीजों की जुबानी
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बिना इलाज और दवा के लाैटना पड़ा
देवी मंदिर रोड निवासी संतोष ने बताया कि उनको सांस की बीमारी है। वह शनिवार को अस्पताल में दवा लेने आई थी। यहां चिकित्सक नहीं मिले। उनको बिना दवा के लौटना पड़ा।
फोटो कोट्स-
नहीं हो सका पैर के दर्द का इलाज
सेक्टर-छह की राजेंदर कौर ने बताया कि पैरों में दर्द रहता है। वह दर्द के चलते ठीक से चल भी नहीं पाती हैं। अस्पताल में चिकित्सक नहीं मिले। ऐसे में उनको दवा नहीं मिली।
फोटो कोट्स-
बुखार की नहीं मिली दवा
नूरवाला के बिसराम ने बताया कि उनको कई दिन से बुखार है। वह शनिवार को अस्पताल में दवा लेने आया था। इसके लिए फैक्टरी से छुट्टी भी ली थी। उनको अस्पताल में दवा नहीं मिल पाई।
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कानों में दर्द का नहीं हो सका इलाज
अशोक विहार कॉलोनी की रजनी ने बताया कि कानों में दर्द है। उनको ठीक से सुनाई भी नहीं देता है। अस्पताल में आने पर हड़ताल के बारे में पता चला। उनको बिना दवा के लौटना पड़ा है।
वर्जन :
चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने से मरीजों को परेशानी हुई है। आपातकालीन सेवाएं सुचारू रूप से जारी रहीं और ऑपरेशन में सिर्फ सिजेरियन डिलीवरी कराई गई हैं।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।