{"_id":"630e76d2a76f4b7b623f5b26","slug":"dna-test-will-tell-who-is-the-mother-of-the-girl-panipat-news-knl1195352133","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएनए टेस्ट में पता चलेगा बच्ची की मां कौन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएनए टेस्ट में पता चलेगा बच्ची की मां कौन
विज्ञापन
पानीपत। सिविल अस्पताल में नवजात को बदलने के दंपती के आरोपों के बीच बच्ची की वास्तविक मां का पता लगाने के लिए अब डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। इसके लिए पीएमओ ने दो चिकित्सकों की टीम गठित कर दी है। इसराना के दंपती ने बच्चा बदलने का आरोप लगाते हुए पुलिस ने जांच कराने की मांग की थी।
इसराना के दंपती प्रदीप और रितु ने सिविल अस्पताल की स्टाफ नर्सों पर उनका बच्चा बदलने का आरोप लगाया है। दंपती का कहना है कि उनका बच्चा किसी और को दे दिया गया, जबकि किसी और की बच्ची उन्हें दे दी गई। बच्ची के हाथ पर जो टैग मिला, उस पर मेल यानी लड़का लिखा था और मां का नाम भी अलग था। पति-पत्नी बच्ची को लेकर इसराना के दर्जनों लोगों के साथ मंगलवार सुबह सिविल अस्पताल पहुंच गए। यहां मामले की शिकायत पीएमओ डॉ. संजीव ग्रोवर से की। पीएमओ ने मामले की जांच के लिए डॉ. श्यामलाल और डॉ. शशिलता की एक टीम गठित की है। डॉक्टरों ने प्रसूति वार्ड का रजिस्टर भी कब्जे में ले लिया है। टीम ने दोनों बच्चों के परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। अब बच्ची की वास्तविक मां का पता लगाने के लिए डीएनए टेस्ट होगा। बुधवार को डीएनए जांच के लिए सैंपल लिया जाएगा। पीएमओ ने लोगों को आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी।
इसराना निवासी प्रदीप और रितु ने बताया कि वह छह बेटियों के माता-पिता हैं। पेशे से सबमर्सिबल पंप मैकेनिक प्रदीप ने बताया कि पत्नी रितु ने रविवार दोपहर एक बच्चे को जन्म दिया। उनको बताया गया कि बेटी हुई है। वे सोमवार को सुबह पत्नी को डिस्चार्ज कराकर घर चले गए। घर जाकर देखा तो बच्ची के हाथ पर जो टैग लगा था, उस पर मेल लिखा था। टैग पर बच्चे के पिता का नाम प्रदीप और मां का नाम पूजा लिखा था। टैग पर वजन तीन किलोग्राम लिखा था, जबकि डिस्चार्ज स्लिप पर वजन साढ़े तीन किलोग्राम लिखा था। बच्ची को लेकर दोबारा सिविल अस्पताल आए और स्टाफ नर्सों से शिकायत की तो बताया गया कि यह क्लेरिकल गलती हो सकती है। इसके बाद पति ने शक जताया कि रितु ने बेटे को जन्म दिया था। कर्मचारियों ने लड़के को बदलकर उन्हें लड़की दे दी।
विज्ञापन
दोनों बच्चों के पिता का नाम प्रदीप
सिविल अस्पताल में रविवार रात 1:20 बजे इसराना निवासी रितु पत्नी प्रदीप और 1:22 बजे रेरकलां निवासी पूजा पत्नी प्रदीप ने बच्चे को जन्म दिया था। रितु को जो बच्ची दी गई, उसके टैग पर पूजा पत्नी प्रदीप मेल यानी लड़का लिखा था। वजन भी तीन किलोग्राम लिखा था। स्टाफ नर्सों ने लड़का पूजा पत्नी प्रदीप को दे दिया। अब इसराना की रितु का आरोप है कि कर्मचारियों ने उसके बच्चे को बदल दिया। उन्हें शक है कि जो बच्चा पूजा को दिया गया वह उनका था।
पुलिस कराएगी डीएनए टेस्ट
प्रदीप कुमार पुत्र पालेराम ने पीएमओ और सिटी थाने की पुलिस को शिकायत दी। पीएमओ से मामले की जांच कराने के साथ ही सिटी थाने की पुलिस से रितु, पूजा और बच्चों का डीएनए टेस्ट कराने की मांग की है।
डीएनए टेस्ट में साफ हो जाएगा कि कौन सा बच्चा किसका
मामले की जांच के लिए दो एसएमओ की टीम का गठन कर दिया गया है। टीम मामले की गहन जांच कर रही है। रिकॉर्ड भी जांचा जा रहा है। एक पक्ष की मांग है कि मामले में डीएनए टेक्स कराया जाए। अब डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट में स्पष्ट हो जाएगा कि कौन सा बच्चा किसका है।
- डॉ. संजीव ग्रोवर, पीएमओ सिविल अस्पताल
विज्ञापन
इसराना के दंपती प्रदीप और रितु ने सिविल अस्पताल की स्टाफ नर्सों पर उनका बच्चा बदलने का आरोप लगाया है। दंपती का कहना है कि उनका बच्चा किसी और को दे दिया गया, जबकि किसी और की बच्ची उन्हें दे दी गई। बच्ची के हाथ पर जो टैग मिला, उस पर मेल यानी लड़का लिखा था और मां का नाम भी अलग था। पति-पत्नी बच्ची को लेकर इसराना के दर्जनों लोगों के साथ मंगलवार सुबह सिविल अस्पताल पहुंच गए। यहां मामले की शिकायत पीएमओ डॉ. संजीव ग्रोवर से की। पीएमओ ने मामले की जांच के लिए डॉ. श्यामलाल और डॉ. शशिलता की एक टीम गठित की है। डॉक्टरों ने प्रसूति वार्ड का रजिस्टर भी कब्जे में ले लिया है। टीम ने दोनों बच्चों के परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। अब बच्ची की वास्तविक मां का पता लगाने के लिए डीएनए टेस्ट होगा। बुधवार को डीएनए जांच के लिए सैंपल लिया जाएगा। पीएमओ ने लोगों को आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी।
विज्ञापन
इसराना निवासी प्रदीप और रितु ने बताया कि वह छह बेटियों के माता-पिता हैं। पेशे से सबमर्सिबल पंप मैकेनिक प्रदीप ने बताया कि पत्नी रितु ने रविवार दोपहर एक बच्चे को जन्म दिया। उनको बताया गया कि बेटी हुई है। वे सोमवार को सुबह पत्नी को डिस्चार्ज कराकर घर चले गए। घर जाकर देखा तो बच्ची के हाथ पर जो टैग लगा था, उस पर मेल लिखा था। टैग पर बच्चे के पिता का नाम प्रदीप और मां का नाम पूजा लिखा था। टैग पर वजन तीन किलोग्राम लिखा था, जबकि डिस्चार्ज स्लिप पर वजन साढ़े तीन किलोग्राम लिखा था। बच्ची को लेकर दोबारा सिविल अस्पताल आए और स्टाफ नर्सों से शिकायत की तो बताया गया कि यह क्लेरिकल गलती हो सकती है। इसके बाद पति ने शक जताया कि रितु ने बेटे को जन्म दिया था। कर्मचारियों ने लड़के को बदलकर उन्हें लड़की दे दी।
विज्ञापन
दोनों बच्चों के पिता का नाम प्रदीप
सिविल अस्पताल में रविवार रात 1:20 बजे इसराना निवासी रितु पत्नी प्रदीप और 1:22 बजे रेरकलां निवासी पूजा पत्नी प्रदीप ने बच्चे को जन्म दिया था। रितु को जो बच्ची दी गई, उसके टैग पर पूजा पत्नी प्रदीप मेल यानी लड़का लिखा था। वजन भी तीन किलोग्राम लिखा था। स्टाफ नर्सों ने लड़का पूजा पत्नी प्रदीप को दे दिया। अब इसराना की रितु का आरोप है कि कर्मचारियों ने उसके बच्चे को बदल दिया। उन्हें शक है कि जो बच्चा पूजा को दिया गया वह उनका था।
पुलिस कराएगी डीएनए टेस्ट
प्रदीप कुमार पुत्र पालेराम ने पीएमओ और सिटी थाने की पुलिस को शिकायत दी। पीएमओ से मामले की जांच कराने के साथ ही सिटी थाने की पुलिस से रितु, पूजा और बच्चों का डीएनए टेस्ट कराने की मांग की है।
डीएनए टेस्ट में साफ हो जाएगा कि कौन सा बच्चा किसका
मामले की जांच के लिए दो एसएमओ की टीम का गठन कर दिया गया है। टीम मामले की गहन जांच कर रही है। रिकॉर्ड भी जांचा जा रहा है। एक पक्ष की मांग है कि मामले में डीएनए टेक्स कराया जाए। अब डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट में स्पष्ट हो जाएगा कि कौन सा बच्चा किसका है।
- डॉ. संजीव ग्रोवर, पीएमओ सिविल अस्पताल