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एनडीसी के लिए भटक रहे दिव्यांग ने सुनाया दर्द तो बिफरे पार्षद
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मौके पर नीचे बुलाए गए जेडटीओ के साथ होती बहसबाजी।
- फोटो : Panipat
पानीपत। शहर में प्रॉपर्टी टैक्स, एनडीसी और लेटलतीफी को लेकर एक बार फिर बुधवार को निगम कार्यालय में पार्षद बिफर पड़े। इस मौके पर निगम कार्यालय में पिछले पांच महीनों से चक्कर काट रहे एक बुजुर्ग दिव्यांग ने पार्षदों को अपनी पीड़ा सुनाई, जिस पर पार्षद बिफर गए और मौके पर ही जेडटीओ को बुला लिया।
दिव्यांग बुजुर्ग ने कहा कि उनके दोनों पैर नहीं हैं। अपने रिक्शा से रोज निगम आते हैं और दोनों कार्यालयों में चक्कर काटकर चले जाते हैं। रोज छह घंटे बर्बाद होते हैं। निगम आने से छह घंटे पहले पानी पीना बंद कर देते हैं और छह घंटे निगम में लग जाते हैं। इन 12 घंटों में पानी नहीं पीते। डर रहता है कि टॉयलेट जाना पड़ा तो का क्या करेंगे। इसके बाद भी निगम अधिकारियों को तरस नहीं आता।
बृहस्पतिवार को निगम आयुक्त से मिलने के बाद सीढ़ियों से उतरे पार्षद लोकेश नांगरू ने दिव्यांग बुजुर्ग को देखकर उनकी परेशानी पूछी। इसके बाद पार्षद ने निगम के क्षेत्रीय कराधान अधिकारी को बुलाया, लेकिन वह नहीं आए। पार्षद ने फिर आयुक्त को कॉल कर जेडटीओ को भेजने का आग्रह किया। कुछ देर बाद जेडटीओ आए। उनसे चेतावनी भरे लहजे में कहा गया कि बुजुर्ग का काम करा दो, नहीं तो अगली बार वह खुद आएंगे।
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बोले पार्षद- जेडटीओ की वजह से लोग हो रहे परेशान
पार्षद लोकेश नांगरू के साथ ही पार्षद अश्वनी धींगड़ा, विजय जैन, अंजलि शर्मा, चंचल डावर, रविंद्र भोला भी निगम पहुंचे और जेडटीओ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वे अचानक आयुक्त के पीए कैसे बना दिए गए। उनकी वजह से निगम के सभी काम रुके हुए हैं। दलालों के काम करने का आरोप लगाया। कहा कि अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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दिव्यांग बुजुर्ग ने कहा कि उनके दोनों पैर नहीं हैं। अपने रिक्शा से रोज निगम आते हैं और दोनों कार्यालयों में चक्कर काटकर चले जाते हैं। रोज छह घंटे बर्बाद होते हैं। निगम आने से छह घंटे पहले पानी पीना बंद कर देते हैं और छह घंटे निगम में लग जाते हैं। इन 12 घंटों में पानी नहीं पीते। डर रहता है कि टॉयलेट जाना पड़ा तो का क्या करेंगे। इसके बाद भी निगम अधिकारियों को तरस नहीं आता।
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बृहस्पतिवार को निगम आयुक्त से मिलने के बाद सीढ़ियों से उतरे पार्षद लोकेश नांगरू ने दिव्यांग बुजुर्ग को देखकर उनकी परेशानी पूछी। इसके बाद पार्षद ने निगम के क्षेत्रीय कराधान अधिकारी को बुलाया, लेकिन वह नहीं आए। पार्षद ने फिर आयुक्त को कॉल कर जेडटीओ को भेजने का आग्रह किया। कुछ देर बाद जेडटीओ आए। उनसे चेतावनी भरे लहजे में कहा गया कि बुजुर्ग का काम करा दो, नहीं तो अगली बार वह खुद आएंगे।
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बोले पार्षद- जेडटीओ की वजह से लोग हो रहे परेशान
पार्षद लोकेश नांगरू के साथ ही पार्षद अश्वनी धींगड़ा, विजय जैन, अंजलि शर्मा, चंचल डावर, रविंद्र भोला भी निगम पहुंचे और जेडटीओ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वे अचानक आयुक्त के पीए कैसे बना दिए गए। उनकी वजह से निगम के सभी काम रुके हुए हैं। दलालों के काम करने का आरोप लगाया। कहा कि अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।