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दिव्यांग विद्यार्थी पर्वतारोहण सीखेंगे, आज रवाना होगी टीम
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पानीपत। शिक्षा विभाग बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयासरत है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों के दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए पहली बार 12 दिवसीय पर्वतारोहण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। 29 सितंबर से शुरू होने वाले पर्वतारोहण शिविर में स्कूल शिक्षा विभाग प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों को पर्वतारोहण के गुर सिखाएगा।
कैंप के लिए विभाग की ओर से हिमाचल के लाहौल क्षेत्र में 6111 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बर्फीली पहाड़ियों से घिरी यूनम पीक का चयन किया गया है। जहां पर दिव्यांग अन्य स्कूली बच्चों के साथ 12 दिन तक चलने वाले इस पर्वतारोहण शिविर में अनेक प्रकार की वातावरण गतिविधियों का हिस्सा बनेंगे। शिविर में भाग लेने के लिए कक्षा नौंवी से 12वीं तक के बच्चों का चयन किया गया है।
पीटीआई महेंद्र सिंह ने बताया कि पानीपत से चयनित मनाना गांव के दो विद्यार्थियों व दिव्यांग विद्यार्थी की टीम बुधवार सुबह रवाना होगी। पानीपत से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मनाना से मोहित कुमार और राष्ट्रीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मनाना से साक्षी हिस्सा ले रहीं हैं।
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बता दें कि आजादी के अमृत महोत्सव और आजादी के 75 वें वर्ष को ध्यान में रखते हुए 75 प्रतिभागी बच्चे इस पर्वतारोहण अभियान में हिस्सा लेंगे जो चोटी पर पहुंच कर 75 मीटर की लंबाई वाला तिरंगा लहराएंगे। 29 सितंबर से लेकर 10 अक्तूबर तक चलने वाले 12 दिवसीय इस शिविर में भाग लेने के लिए हर जिले से एक लड़की व एक लड़के का चयन किया गया है। जिन्होंने स्टेट लेवल पर आयोजित किसी भी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान या गोल्ड मेडल हासिल किया हो। वहीं इनके अलावा हर जिले से एक-एक दिव्यांग छात्र का चयन भी किया गया है। चयनित छात्र-छात्राओं को अपने माता-पिता की लिखित अनुमति के साथ-साथ मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र भी देना होगा। इन बच्चों के साथ राज्य से तीन महिला व तीन पुरुष अध्यापक स्कार्ट टीचर के रूप में भाग लेंगे।
शिविर में इन गतिविधियों को किया गया शामिल
शिविर में स्कूली बच्चे पर्वतारोहण के साथ-साथ ट्रैकिग, राक क्लाइंबिंग, रैपलिंग, रिवर क्रॉसिंग, ग्लेशियर वॉकिंग, फ्रंट प्वाइंट क्लाइबिग, आइस क्लाइंबिंग के अलावा पर्वतारोहण की अलग-अलग प्रकार की तकनीक सीखेंगे। यह पहली बार है कि दिव्यांग छात्र-छात्राएं इतने बड़े पर्वतारोहण अभियान का हिस्सा बनने जा रहे है जोकि एक विश्व रिकार्ड बन सकता है।
- शिक्षा विभाग बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव प्रयासरत है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए विभाग समय-समय पर बच्चों के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है जिससे बच्चों के सर्वागीण विकास के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान भी हासिल हो। यह पहली बार है कि जब सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चे किसी पर्वतारोहण अभियान का हिस्सा बनेंगे। - रमेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
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कैंप के लिए विभाग की ओर से हिमाचल के लाहौल क्षेत्र में 6111 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बर्फीली पहाड़ियों से घिरी यूनम पीक का चयन किया गया है। जहां पर दिव्यांग अन्य स्कूली बच्चों के साथ 12 दिन तक चलने वाले इस पर्वतारोहण शिविर में अनेक प्रकार की वातावरण गतिविधियों का हिस्सा बनेंगे। शिविर में भाग लेने के लिए कक्षा नौंवी से 12वीं तक के बच्चों का चयन किया गया है।
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पीटीआई महेंद्र सिंह ने बताया कि पानीपत से चयनित मनाना गांव के दो विद्यार्थियों व दिव्यांग विद्यार्थी की टीम बुधवार सुबह रवाना होगी। पानीपत से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मनाना से मोहित कुमार और राष्ट्रीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मनाना से साक्षी हिस्सा ले रहीं हैं।
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बता दें कि आजादी के अमृत महोत्सव और आजादी के 75 वें वर्ष को ध्यान में रखते हुए 75 प्रतिभागी बच्चे इस पर्वतारोहण अभियान में हिस्सा लेंगे जो चोटी पर पहुंच कर 75 मीटर की लंबाई वाला तिरंगा लहराएंगे। 29 सितंबर से लेकर 10 अक्तूबर तक चलने वाले 12 दिवसीय इस शिविर में भाग लेने के लिए हर जिले से एक लड़की व एक लड़के का चयन किया गया है। जिन्होंने स्टेट लेवल पर आयोजित किसी भी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान या गोल्ड मेडल हासिल किया हो। वहीं इनके अलावा हर जिले से एक-एक दिव्यांग छात्र का चयन भी किया गया है। चयनित छात्र-छात्राओं को अपने माता-पिता की लिखित अनुमति के साथ-साथ मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र भी देना होगा। इन बच्चों के साथ राज्य से तीन महिला व तीन पुरुष अध्यापक स्कार्ट टीचर के रूप में भाग लेंगे।
शिविर में इन गतिविधियों को किया गया शामिल
शिविर में स्कूली बच्चे पर्वतारोहण के साथ-साथ ट्रैकिग, राक क्लाइंबिंग, रैपलिंग, रिवर क्रॉसिंग, ग्लेशियर वॉकिंग, फ्रंट प्वाइंट क्लाइबिग, आइस क्लाइंबिंग के अलावा पर्वतारोहण की अलग-अलग प्रकार की तकनीक सीखेंगे। यह पहली बार है कि दिव्यांग छात्र-छात्राएं इतने बड़े पर्वतारोहण अभियान का हिस्सा बनने जा रहे है जोकि एक विश्व रिकार्ड बन सकता है।
- शिक्षा विभाग बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव प्रयासरत है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए विभाग समय-समय पर बच्चों के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है जिससे बच्चों के सर्वागीण विकास के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान भी हासिल हो। यह पहली बार है कि जब सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चे किसी पर्वतारोहण अभियान का हिस्सा बनेंगे। - रमेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।