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जिला नागरिक अस्पताल : बेंच पर बैठ रहे लावारिस कुत्ते और फर्श पर तीमारदार
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प्रसूता वार्ड में ठंडे फर्श पर बैठे तीमारदार। संवाद
पानीपत। नगर निगम की ओर से लावारिस कुत्ते पकड़े जाने के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल के ओपीडी ब्लॉक में अंदर तक कुत्ते पहुंच रहे हैं। इतना ही नहीं ये कुत्ते मरीजों की बेंच पर बैठ जाते हैं और अस्पताल में आने वाले मरीज और तीमारदार इनके डर से फर्श पर बैठने को मजबूर हैं। अस्पताल में ओपीडी ब्लॉक के साथ लावारिस कुत्ते पूरे अस्पताल में घूमते रहते हैं, इससे मरीजों को काटने का डर भी सताता रहता है। इलाज के लिए आ रहे मरीज स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, उन्हें हर समय कुत्तों का डर सताता रहता है। स्वास्थ्य विभाग कोई कदम उठाने की बजाय नगर निगम को पत्र लिखने तक ही सीमित है।
बढ़ती ठंड में अस्पताल में मरीजों के साथ रहने वाले तीमारदार ठंडे फर्श पर बैठने को मजबूर हैं। लावारिस कुत्ते बेंच पर सोते रहते हैं। ब्लॉक-बी में प्रसूता वार्ड के बाहर व अंदर मरीजों के साथ पहुंचे तीमारदार स्वयं के कंबलों के सहारे ठंडे फर्श पर बिछाकर बैठने को मजबूर हैं, उनको वहां बैठने के लिए बेंच भी नहीं मिल पा रहे हैं और ब्लॉक-बी में ही धरातल तल पर लिफ्ट के पास बेंच अधिक मात्रा में रखे गए हैं जहां वे आधे से ज्यादा खाली भी पड़े रहते हैं जो लावारिस कुत्तों के बैठने का ठिकाना बने हुए हैं। नगर निगम की ओर से कुत्ते पकड़े जाने थे लेकिन अस्पताल में घूमती लावारिस कुत्तों की फौज उनके कुत्ते पकड़ने के दावों की सच्चाई दिखा रही है।
कुत्ते के काटने के हर रोज आ रहे 30 से 40 मरीज
जिला नागरिक अस्पताल में हर रोज कुत्ता द्वारा काटे जाने के 30 से 40 नए मरीज पहुंच रहे हैं, वहीं मरीज और तीमारदार स्वयं को अस्पताल के अंदर भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। अस्पताल में लावारिस कुत्तों की फौज घूमती रहती है लेकिन अस्पताल में अधिकारियों व कर्मचारियों का इनकी तरफ कोई ध्यान नहीं है। अस्पताल की व्यवस्था पर उठते सवालों के बाद भी अधिकारी नींद से नहीं जग रहे हैं।
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अस्पताल से लावारिस कुत्तों को पकड़ने के लिए नगर निगम को पत्र लिखा गया है। जल्द ही नगर निगम अस्पताल से इन लावारिस कुत्तों को पकड़ने का काम शुरू करेगा। अस्पताल के अंदर कर्मचारी भी लावारिस कुत्तों को दाखिल होने से रोक रहे हैं।
- डॉ. श्यामलाल, एमएस जिला नागरिक अस्पताल।
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बढ़ती ठंड में अस्पताल में मरीजों के साथ रहने वाले तीमारदार ठंडे फर्श पर बैठने को मजबूर हैं। लावारिस कुत्ते बेंच पर सोते रहते हैं। ब्लॉक-बी में प्रसूता वार्ड के बाहर व अंदर मरीजों के साथ पहुंचे तीमारदार स्वयं के कंबलों के सहारे ठंडे फर्श पर बिछाकर बैठने को मजबूर हैं, उनको वहां बैठने के लिए बेंच भी नहीं मिल पा रहे हैं और ब्लॉक-बी में ही धरातल तल पर लिफ्ट के पास बेंच अधिक मात्रा में रखे गए हैं जहां वे आधे से ज्यादा खाली भी पड़े रहते हैं जो लावारिस कुत्तों के बैठने का ठिकाना बने हुए हैं। नगर निगम की ओर से कुत्ते पकड़े जाने थे लेकिन अस्पताल में घूमती लावारिस कुत्तों की फौज उनके कुत्ते पकड़ने के दावों की सच्चाई दिखा रही है।
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कुत्ते के काटने के हर रोज आ रहे 30 से 40 मरीज
जिला नागरिक अस्पताल में हर रोज कुत्ता द्वारा काटे जाने के 30 से 40 नए मरीज पहुंच रहे हैं, वहीं मरीज और तीमारदार स्वयं को अस्पताल के अंदर भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। अस्पताल में लावारिस कुत्तों की फौज घूमती रहती है लेकिन अस्पताल में अधिकारियों व कर्मचारियों का इनकी तरफ कोई ध्यान नहीं है। अस्पताल की व्यवस्था पर उठते सवालों के बाद भी अधिकारी नींद से नहीं जग रहे हैं।
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अस्पताल से लावारिस कुत्तों को पकड़ने के लिए नगर निगम को पत्र लिखा गया है। जल्द ही नगर निगम अस्पताल से इन लावारिस कुत्तों को पकड़ने का काम शुरू करेगा। अस्पताल के अंदर कर्मचारी भी लावारिस कुत्तों को दाखिल होने से रोक रहे हैं।
- डॉ. श्यामलाल, एमएस जिला नागरिक अस्पताल।

प्रसूता वार्ड में ठंडे फर्श पर बैठे तीमारदार। संवाद