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डिजिटल क्रॉप सर्वे : तकनीकी खामियों से तहसीलों में थमा काम
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धान के खेतों में लोकेशन लेते एसडीएम पानीपत मनदीप कुमार।सोशल मीडिया
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जगमहेंद्र सरोहा
पानीपत। फसलों के सटीक आंकड़े जुटाने के लिए शुरू किया गया डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) तकनीकी खामियों और मैदानी दिक्कतों के कारण अटक गया है। पानीपत, बापौली, इसराना, मतलौडा और समालखा तहसीलों में अधिकारियों और राजस्व टीमों के मौका निरीक्षण में कमजोर मोबाइल नेटवर्क, जीपीएस लोकेशन का भटकना, बैटरी की समस्या और ऐप में मिसमैच जैसी दिक्कतें सामने आईं। खेतों में जलभराव, घनी गन्ने की फसल, कंटीले तार और सांप समेत जहरीले जीवों का खतरा भी सर्वे में बाधा बन रहा है।
राजस्व पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन इन्हीं समस्याओं को लेकर पिछले 10 दिन से सांकेतिक हड़ताल पर है। प्रदेश सरकार ने एसडीएम और तहसीलदारों को गांवों का निरीक्षण कर मौका रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। एसोसिएशन के जिला प्रधान प्रवीण रावल ने कहा कि पटवारी और कानूनगो की मांग जायज हैं। अधिकारियों की मौका रिपोर्ट में भी समस्याओं की पुष्टि हो गई है। सरकार को इनका समाधान करना चाहिए।
डिजिटल क्रॉप सर्वे में सामने आई प्रमुख समस्याएं
कमजोर नेटवर्क के कारण जीपीएस लोकेशन लॉक नहीं हो रही। ऐप में लोकेशन दाएं-बाएं घूमने और सर्वर एरर की समस्या है।
मतलौडा तहसील के 30 गांवों में खसरा लोकेशन और खसरा-प्लॉट मैपिंग में मिसमैच मिला।
एक ही फसल की बार-बार एंट्री करनी पड़ रही है। बल्क एंट्री की सुविधा नहीं है।
डेटा अपलोड होने के बाद उसमें सुधार या उसे डिलीट करने का विकल्प नहीं है।
जलभराव, घनी गन्ने की फसल, कंटीले तार और जहरीले जीवों का खतरा मैदानी अमले के लिए चुनौती है।
अलग-अलग तहसीलों में आईं दिक्कतें
पानीपत: एसडीएम मनदीप कुमार और तहसीलदार नरेंद्र कुमार ने सौदापुर गांव का निरीक्षण किया। सर्वे के लिए हर किले के भीतर जाना जरूरी है। गन्ने या धान के खेत में तीन-चार मीटर अंदर जाने पर ही सही लोकेशन दिखाई देती है। गन्ने के खेतों में कंटीले तार और झटका तार जानलेवा साबित हो सकते हैं। एक घंटे में केवल 15 से 20 नंबर का सर्वे हो पा रहा है। पहले एक किसान की एक जैसी फसल होने पर बल्क में पूरी रिपोर्ट भरी जा सकती थी।
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बापौली: बेगमपुर ताहरपुर में एसडीएम समालखा अमित कुमार और तहसीलदार बापौली जसबीर मलिक ने निरीक्षण किया। यहां कमजोर नेटवर्क के कारण जीपीएस लॉक नहीं हो पाया। धान के खेतों में पानी, गन्ने की फसल और कंटीली तारों के कारण सांप व अन्य जहरीले जीवों का खतरा भी सामने आया।
इसराना: एसडीएम नवदीप नैन ने नायब तहसीलदार के साथ इसराना गांव का निरीक्षण किया। कमजोर नेटवर्क के कारण जीपीएस लॉक नहीं हो रहा और ऐप में लोकेशन खेत के बजाय दाएं-बाएं घूमती रहती है। मैपिंग की समस्या के कारण कई फसलों का सर्वे अटका हुआ है। मुरब्बा नंबर 47/18 के बीच 47/26 होने से खेत के मध्य पहुंचना भी मुश्किल है।
मतलौडा: तहसीलदार वीरेंद्र गिल ने भंडारी और उरलाना खुर्द का निरीक्षण किया। 36 में से 30 गांवों में गलत जियो-रेफरेंसिंग के कारण मिसमैच की समस्या मिली, जिससे सर्वे ठप है। बल्क एंट्री नहीं होने से एक किसान के लगातार 10 खसरा नंबरों में एक ही फसल होने पर भी प्रत्येक खसरे की अलग-अलग डिटेल भरनी पड़ रही है। बैटरी, एआई एरर और कंटीले तार भी काम की रफ्तार घटा रहे हैं।
समालखा: तहसीलदार ने पट्टीकल्याणा गांव का दौरा किया। सर्वे के दौरान जीपीएस लगातार ऑन रहने से मोबाइल की बैटरी तेजी से खत्म हो रही है। तेज धूप में स्क्रीन की विजिबिलिटी कम होने से भी परेशानी हो रही है। ऐप के एआई फीचर में फोटो की गुणवत्ता और सटीकता मैच करने में दिक्कत आ रही है। एक खेत के पांच ततीमे होने पर प्रत्येक की दो-तीन फोटो लेने में काफी समय लग रहा है।
वर्जन
डिजिटल क्रॉप सर्वे को धरातल पर देखा गया है। इसमें कुछ कमियां सामने आई हैं। इनकी रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को भेज दी है। -मनदीप कुमार, एसडीएम, पानीपत
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पानीपत। फसलों के सटीक आंकड़े जुटाने के लिए शुरू किया गया डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) तकनीकी खामियों और मैदानी दिक्कतों के कारण अटक गया है। पानीपत, बापौली, इसराना, मतलौडा और समालखा तहसीलों में अधिकारियों और राजस्व टीमों के मौका निरीक्षण में कमजोर मोबाइल नेटवर्क, जीपीएस लोकेशन का भटकना, बैटरी की समस्या और ऐप में मिसमैच जैसी दिक्कतें सामने आईं। खेतों में जलभराव, घनी गन्ने की फसल, कंटीले तार और सांप समेत जहरीले जीवों का खतरा भी सर्वे में बाधा बन रहा है।
राजस्व पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन इन्हीं समस्याओं को लेकर पिछले 10 दिन से सांकेतिक हड़ताल पर है। प्रदेश सरकार ने एसडीएम और तहसीलदारों को गांवों का निरीक्षण कर मौका रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। एसोसिएशन के जिला प्रधान प्रवीण रावल ने कहा कि पटवारी और कानूनगो की मांग जायज हैं। अधिकारियों की मौका रिपोर्ट में भी समस्याओं की पुष्टि हो गई है। सरकार को इनका समाधान करना चाहिए।
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डिजिटल क्रॉप सर्वे में सामने आई प्रमुख समस्याएं
कमजोर नेटवर्क के कारण जीपीएस लोकेशन लॉक नहीं हो रही। ऐप में लोकेशन दाएं-बाएं घूमने और सर्वर एरर की समस्या है।
मतलौडा तहसील के 30 गांवों में खसरा लोकेशन और खसरा-प्लॉट मैपिंग में मिसमैच मिला।
एक ही फसल की बार-बार एंट्री करनी पड़ रही है। बल्क एंट्री की सुविधा नहीं है।
डेटा अपलोड होने के बाद उसमें सुधार या उसे डिलीट करने का विकल्प नहीं है।
जलभराव, घनी गन्ने की फसल, कंटीले तार और जहरीले जीवों का खतरा मैदानी अमले के लिए चुनौती है।
अलग-अलग तहसीलों में आईं दिक्कतें
पानीपत: एसडीएम मनदीप कुमार और तहसीलदार नरेंद्र कुमार ने सौदापुर गांव का निरीक्षण किया। सर्वे के लिए हर किले के भीतर जाना जरूरी है। गन्ने या धान के खेत में तीन-चार मीटर अंदर जाने पर ही सही लोकेशन दिखाई देती है। गन्ने के खेतों में कंटीले तार और झटका तार जानलेवा साबित हो सकते हैं। एक घंटे में केवल 15 से 20 नंबर का सर्वे हो पा रहा है। पहले एक किसान की एक जैसी फसल होने पर बल्क में पूरी रिपोर्ट भरी जा सकती थी।
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बापौली: बेगमपुर ताहरपुर में एसडीएम समालखा अमित कुमार और तहसीलदार बापौली जसबीर मलिक ने निरीक्षण किया। यहां कमजोर नेटवर्क के कारण जीपीएस लॉक नहीं हो पाया। धान के खेतों में पानी, गन्ने की फसल और कंटीली तारों के कारण सांप व अन्य जहरीले जीवों का खतरा भी सामने आया।
इसराना: एसडीएम नवदीप नैन ने नायब तहसीलदार के साथ इसराना गांव का निरीक्षण किया। कमजोर नेटवर्क के कारण जीपीएस लॉक नहीं हो रहा और ऐप में लोकेशन खेत के बजाय दाएं-बाएं घूमती रहती है। मैपिंग की समस्या के कारण कई फसलों का सर्वे अटका हुआ है। मुरब्बा नंबर 47/18 के बीच 47/26 होने से खेत के मध्य पहुंचना भी मुश्किल है।
मतलौडा: तहसीलदार वीरेंद्र गिल ने भंडारी और उरलाना खुर्द का निरीक्षण किया। 36 में से 30 गांवों में गलत जियो-रेफरेंसिंग के कारण मिसमैच की समस्या मिली, जिससे सर्वे ठप है। बल्क एंट्री नहीं होने से एक किसान के लगातार 10 खसरा नंबरों में एक ही फसल होने पर भी प्रत्येक खसरे की अलग-अलग डिटेल भरनी पड़ रही है। बैटरी, एआई एरर और कंटीले तार भी काम की रफ्तार घटा रहे हैं।
समालखा: तहसीलदार ने पट्टीकल्याणा गांव का दौरा किया। सर्वे के दौरान जीपीएस लगातार ऑन रहने से मोबाइल की बैटरी तेजी से खत्म हो रही है। तेज धूप में स्क्रीन की विजिबिलिटी कम होने से भी परेशानी हो रही है। ऐप के एआई फीचर में फोटो की गुणवत्ता और सटीकता मैच करने में दिक्कत आ रही है। एक खेत के पांच ततीमे होने पर प्रत्येक की दो-तीन फोटो लेने में काफी समय लग रहा है।
वर्जन
डिजिटल क्रॉप सर्वे को धरातल पर देखा गया है। इसमें कुछ कमियां सामने आई हैं। इनकी रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को भेज दी है। -मनदीप कुमार, एसडीएम, पानीपत