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Panipat News: दमा रोगियों के सांसों पर संकट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 05 Nov 2024 04:10 AM IST
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Difficulty in breathing of asthma patients
पानीपत। शहर में पर्यावरण प्रदूषण लगातार बिगड़ता जा रहा है। पिछले पांच दिन से एयर क्वालिटी इंडेक्स ऑरेंज व यलो जोन में है। वहीं हवा में पीएम-2.5 की मात्रा दो गुना तक बढ़ गई है। सोमवार को सीपीसीबी के समीर ऐप में शहर का एक्यूआई 187 दर्ज किया गया है। सोमवार को पीएम 2.5 न्यूनतम 163 औसतन 170 और अधिकतम 173 रहा। पीएम-10 न्यूनतम 185 औसत- 187 और अधिकतम 188 रहा।
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निजी एजेंसियों के अनुसार पानीपत का एक्यूआई 300 से अधिक है। 2.5 की मात्रा 300 से अधिक है। ये स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। इससे दमा रोगियों की मुश्किलें और बढ़ गई है। जिला नागरिक अस्पताल में फिलहाल दमा रोगियों की ओपीडी 30 से अधिक हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल प्रदूषण से राहत की उम्मीद नहीं है। स्मॉग के चलते रात और सुबह की दृश्यता घट गई है। बढ़ते प्रदूषण संग विभागीय लापरवाही भी शहरवासियों पर भारी पड़ रही है। इस बावत स्थिति यह है कि एक्यूआई ऑरेंज जोन के पास पहुंच गया है, लेकिन नगर निगम, पीडब्ल्यूडी व एनएचएआई ने सड़कों के किनारे पानी का छिड़काव शुरू नहीं किया है। इस कारण पीएम- 2.5 की मात्रा दो गुना तक बढ़ी है।
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माना जा रहा है कि दिल्ली का एक्यूआई अगर 400 से ऊपर पहुंचा तो सख्त पाबंदियां लागू हो सकती हैं, जिसके तहत स्कूलों को भी बंद किया जा सकता है। उद्योगों के संचालन पर रात को रोक लगाई जा सकती है। इससे टेक्सटाइल नगरी को करोड़ों का नुकसान होगा। फिलहाल प्रशासन स्कूलों की छुट्टी नहीं कर रहा है। प्रशासन इसको लेकर अन्य कदम उठा रहा है।
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आने वाले दिनों में और खराब हो सकती है शहर की हवा



हवा का दबाव बढ़ रहा है। तापमान में गिरावट आ रही है। स्मॉग की चादर बनने का ये बड़ा कारण है। बरसात में स्मॉग की परत टूटेगी। आने वाले दिनों में एक्यूआई और अधिक बढ़ेगा। एक्यूआई में बढ़ोतरी होगी तो सांस लेने में और आंखों में दिक्कत और बढ़ेगी। प्रशासन को एक्यूआई कंट्रोल करने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे।




----डॉ. राजेंद्र सिंह, पर्यावरण संबंधी मामले के विशेषज्ञ








बढ़ता प्रदूषण दमा रोगियों के लिए बना संकट



बढ़ता प्रदूषण दमा रोगियों के लिए बड़ा संकट बन गया है। यही कारण है कि सांस रोगियों की ओपीडी में तेजी से इजाफा हो रहा है। यह पहले की अपेक्षा दोगुनी से भी अधिक हो गई है। बुजुर्ग इससे बहुत अधिक परेशान हैं। लोगों से अपील है कि वो आवश्यक एहतियात बरतें और सुबह-शाम सैर करने से बचें।



डॉ. जितेंद्र त्यागी, सीनियर कंसल्टेंट स्वास्थ्य विभाग
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