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रैग मशीन की चिंगारी से धागा फैक्ट्री में लगी आग, तोड़नी पड़ी दीवार, दमकल की 13 गाड़ियों ने पाया काबू
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पानीपत। पुराना औद्योगिक स्थित धागे की फैक्टरी में शुक्रवार की सुबह करीब 11 बजे मशीन से चिंगारी निकलने से आग लग गई। आग लगते ही फैक्टरी में हड़कंप मच गया। फैक्टरी में काम कर रहे कर्मचारियों ने फायर सेफ्टी सिलेंडर से आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन आग पर काबू नहीं पा सके। दमकल विभाग को सूचना दी गई। दमकल की कुल 13 गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग बुझाने में जुटी गई। करीब छह घंटे बाद आग को कंट्रोल किया गया, लेकिन धागे की गांठ में लगी आग देर रात तक धधकती रही।
मालिक अमित जिंदल ने बताया कि उसकी जिंदल यार्न के नाम से धागा बनाने की फैक्टरी है। फैक्टरी में सुबह कर्मचारी काम कर रहे थे, करीब 11 बजे रैग मशीन से चिंगारी निकली इससे कच्चे माल में आग लग गई। कुछ ही समय में आग इतनी विकराल हो गई कि फैक्टरी में सिर्फ आग और धुएं का गुबार दिखने लगा। उन्होंने तुरंत दमकल विभाग को कॉल कर सूचना दी। आग लगने से कितना नुकसान हुआ अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता लेकिन उनकी इंपोर्टेंट मशीन, तैयार माल और कच्चा माल सब जलकर राख हो गया। आग की वजह कोई जान की हानि नहीं हुई, सभी कर्मचारी सुरक्षित है। आग इतना भयानक रूप ले चुकी है कि दमकल कर्मियों को अंदर जाने का मौका तक नहीं मिल रहा था। इसी वजह से आसपास की फैक्ट्रियों की बिल्डिंग पर चढ़कर दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का प्रयास किया। इसके अलावा फैक्टरी की अगली एक दीवार को हाइड्रा क्रेन की मदद से तोड़ा गया और उसके बाद पानी डाला गया।
बाक्स
पुलिस ने खाली कराई आस पास की भी फैक्टरी
आग लगने की सूचना मिलते ही पुराना औद्योगिक थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बलराज सिंह ने मौके पर पहुंचकर फैक्टरी के कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके अलावा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आस पास की फैक्टरियों को भी खाली कराया। आग की वजह से आस पास की फैक्टरी की दीवार तोड़नी पड़ी, लेकिन गनीमत रही कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
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फैक्टरी में सिर्फ एक गेट
फैक्टरी में सिर्फ एक मुख्य दरवाजा था, जबकि नियम यह है कि फैक्टरी में दो से तीन गेट होने चाहिए, ताकि आगजनी होने पर कर्मचारी निकलने में वैकल्पिक रास्ता प्रयोग कर सके और दमकल कर्मी भी वैकल्पिक रास्ते से अंदर जाकर आग बुझा सके। इसके अलावा फैक्टरी में पानी का स्टॉक भी नहीं मिला, दमकल की गाड़ियों को दूसरी जगह से पानी लाना पड़ा।
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चार फोम टेंडर समेत 13 गाड़िया आग बुझाने में जुटी रहीं
दमकल विभाग की 13 गाड़ियां आग बुझाने में जुटी थी। जिनमें चार गाड़िया फोम टेंडर की थी। 13 गाड़ियों में एक समालखा, एक एनएफएल, एक थर्मल से मंगाई गई थी। जबकि छह गाड़ियां हेड ऑफिस, दो हुडा और दो लालबत्ती स्थित ऑफिस से मंगाई गई थी। गाड़ियों ने आस पास की फैक्टरियों से पानी भरा और कुछ गाड़िया मुख्यालय से पानी लेकर लाई।
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मालिक अमित जिंदल ने बताया कि उसकी जिंदल यार्न के नाम से धागा बनाने की फैक्टरी है। फैक्टरी में सुबह कर्मचारी काम कर रहे थे, करीब 11 बजे रैग मशीन से चिंगारी निकली इससे कच्चे माल में आग लग गई। कुछ ही समय में आग इतनी विकराल हो गई कि फैक्टरी में सिर्फ आग और धुएं का गुबार दिखने लगा। उन्होंने तुरंत दमकल विभाग को कॉल कर सूचना दी। आग लगने से कितना नुकसान हुआ अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता लेकिन उनकी इंपोर्टेंट मशीन, तैयार माल और कच्चा माल सब जलकर राख हो गया। आग की वजह कोई जान की हानि नहीं हुई, सभी कर्मचारी सुरक्षित है। आग इतना भयानक रूप ले चुकी है कि दमकल कर्मियों को अंदर जाने का मौका तक नहीं मिल रहा था। इसी वजह से आसपास की फैक्ट्रियों की बिल्डिंग पर चढ़कर दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का प्रयास किया। इसके अलावा फैक्टरी की अगली एक दीवार को हाइड्रा क्रेन की मदद से तोड़ा गया और उसके बाद पानी डाला गया।
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पुलिस ने खाली कराई आस पास की भी फैक्टरी
आग लगने की सूचना मिलते ही पुराना औद्योगिक थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बलराज सिंह ने मौके पर पहुंचकर फैक्टरी के कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके अलावा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आस पास की फैक्टरियों को भी खाली कराया। आग की वजह से आस पास की फैक्टरी की दीवार तोड़नी पड़ी, लेकिन गनीमत रही कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
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फैक्टरी में सिर्फ एक गेट
फैक्टरी में सिर्फ एक मुख्य दरवाजा था, जबकि नियम यह है कि फैक्टरी में दो से तीन गेट होने चाहिए, ताकि आगजनी होने पर कर्मचारी निकलने में वैकल्पिक रास्ता प्रयोग कर सके और दमकल कर्मी भी वैकल्पिक रास्ते से अंदर जाकर आग बुझा सके। इसके अलावा फैक्टरी में पानी का स्टॉक भी नहीं मिला, दमकल की गाड़ियों को दूसरी जगह से पानी लाना पड़ा।
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चार फोम टेंडर समेत 13 गाड़िया आग बुझाने में जुटी रहीं
दमकल विभाग की 13 गाड़ियां आग बुझाने में जुटी थी। जिनमें चार गाड़िया फोम टेंडर की थी। 13 गाड़ियों में एक समालखा, एक एनएफएल, एक थर्मल से मंगाई गई थी। जबकि छह गाड़ियां हेड ऑफिस, दो हुडा और दो लालबत्ती स्थित ऑफिस से मंगाई गई थी। गाड़ियों ने आस पास की फैक्टरियों से पानी भरा और कुछ गाड़िया मुख्यालय से पानी लेकर लाई।