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सीएम अनाउंसमेंट पेमेंट नहीं आई तो इनके विकास कार्यों की एमसी फंड से कर दी गई पेमेंट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 10 Jul 2021 12:48 AM IST
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Development works of CM Announcement were paid from MC Fund, not even the sign of junior officers
नगर निगम की ओर से चार दिन में की गई करीब साढ़े 23 करोड़ की पेमेंट पर अब और सवाल उठने लगे हैं। निगम की ओर से सीएम अनाउंसमेंट के कामों की पेमेंट एमसी फंड से की गई है। वहीं, ज्यादातर फाइलों पर अनुभाग विभाग के अधिकारियों के हस्ताक्षर तक नहीं है। पेमेंट फाइलों पर सीनियर अकाउंट अफसर के हस्ताक्षर से ही पूरी पेमेंट का भुगतान किया गया है। चार दिन में साढ़े 23 करोड़ की पेमेंट के बाद निगम ने इससे अलग करीब 9 करोड़ की पेमेंट और रिलीज कर दी है।
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वहीं अब नई फाइलों पर अधिकारी अपने प्रमाणपत्र संलग्न करने लगे हैं। हालांकि पेमेंट देने संबंधित पूरे मामले की जांच खुद शहरी विधायक करवा रहे हैं। वहीं, अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए दिलबाग देशवाल इसकी शिकायत सीएम व गृहमंत्री तक को कर चुके हैं। मामले की जांच सीबीआई से करवाने तक की मांग की जा रही है। आरोप है कि जो भी विकास कार्य निगम ने करवाएं हैं उनमें कई प्रकार से अनियमितताएं बरती गई हैं। थर्ड पार्टी जांच में भी ऑब्जेशन के बाद पेमेंट को जारी किया गया है।
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शहर का क्षेत्र ज्यादा लेकिन पेमेंट ग्रामीण की ज्यादा
बता देें निगम क्षेत्र के अंतर्गत करीब 80 प्रतिशत एरिया शहरी विधानसभा के अंतर्गत आता है, केवल 20 प्रतिशत एरिया ही ग्रामीण विधानसभा का है। इसके विपरीत कुल की गई पेमेंट में से करीब 75 प्रतिशत पेमेंट ग्रामीण विधानसभा के विकास कार्यों की हुई है, जबकि शहरी विधानसभा का बजट आने के बाद भी इनकी पेमेंट केवल 25 प्रतिशत ही हो पाई है।
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निगम अधिकारियों में मचा हड़कंप
शहरी विधायक प्रमोद विज की ओर से नगर निगम से पेमेंट का पूरा ब्योरा मांगे जाने पर नगर निगम में हड़कंप मचा है। अधिकतर पेमेंट की फाइलों पर निगम के एक्सईएन, एमई ओर जेई ने नियमानुसार अपना प्रमाणपत्र नहीं दिया है। पेमेंट डिटेल के साथ अनियमितताओं की अंदर खाते जांच तक शुरू हो चुकी है।
विकास कार्यों में भी गड़बड़ी के आरोप
निगम की ओर से जारी की गई पेमेंट में कुछ ऐसे काम भी बताए जा रहे हैं, जिनकी थर्ड पार्टी जांच में ऑब्जेक्शन लगा था। इसके बाद भी निगम ने पेमेंट को रिलीज कर दिया। वहीं, बिना आईएसआई मार्का की टाइलें, टाइलों के साइज में अंतर व सड़क निर्माण में बेड में डाला गया रोड़ा तक जांच का विषय बन चुका है।
अधिकारी बोले- हमारे साइन नहीं हुए
विभाग के एसओ प्रवीण अरोड़ा और सुरेंद्र नांदल ने बताया कि उन्होंने सिर्फ उन फाइलों पर साइन किए हैं जो आफिस समय में उनके पास भेजी गईं थीं। इसके अलावा उन्होंने किसी भी प्रकार के पेमेंट पर साइन नहीं किए हैं।
यह होती है प्रक्रिया
नगर निगम की किसी भी पेमेंट के लिए पहले सभी प्रमाणपत्र पूरे होने के बाद फाइल को ऑडिट के लिए भेजा जाता है। यहां से ऑडिट होने के बाद अनुभाग विभाग के अधिकारी फाइल पर हस्ताक्षर कर अप्रूवल देते हैं। इसके बाद निगम के सीनियर अकाउंट अफसर के हस्ताक्षर के बाद पेमेंट रिलीज की जाती है। लेकिन इस दौरान की गई अधिकतर फाइलों में अनुभाग विभाग के अधिकारियों के हस्ताक्षर ही नहीं हैं।

कंपीटेंट अथॉरिटी के पास ज्यादा पावर होती है। वे चाहें तो सीएम अनाउंसमेंट के कामों की पेेमेंट एमसी फंड से करवा सकते हैं। वहीं, कई बार अनुभाग विभाग के अधिकारी साइन करने में आनाकानी करते हैं तो ऐसे में डीडीओ और अकाउंटेंट के अधिकारी के साइन मान्य होते हैं। इससे काम चल जाता है।
-सुनील दहिया, सीनियर अकाउंट अफसर, नगर निगम, पानीपत।
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