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समालखा:समालखा में दूसरे दिन भी जारी रहा सरपंचों का धरना
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समालखा। बीडीपीओ कार्यालय में दूसरे दिन भी सरपंच धरने पर रहे। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विभाग के मंत्री और सीएम के खिलाफ नारेबाजी की। इसके साथ ही चेतावनी दी कि जब तक सरकार की आंख नहीं खुलती, तब तक धरना चलता रहेगा। सरपंच एसोसिएशन की उपप्रधान सुखबीरी देवी ने कहा कि जिस तरह सरकार में शामिल विधायकों और मंत्रियों को जनता ने चुना है।
उसी तरह गांव की जनता ने उन्हें भी चुना है, लेकिन सरकार उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। दो लाख की धनराशि से गांव का विकास नहीं हो सकता। सरकार को पिछली सरकारों की तरह ही 20 लाख की धनराशि विकास कार्यों के लिए जारी करनी चाहिए। यदि सरकार ऐसा नही करेंगी तो उनका प्रदर्शन चलता रहेगा। सरपंच दिलबाग ने कहा कि पंचायतें गांवों की छोटी नहीं, बल्कि बड़ी सरकार होती है। जमीनी स्तर पर पंचायत ही प्रस्ताव बनाकर गांव के विकास को गति देती हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से पंचायतों को सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ई-टेंडरिंग प्रणाली को बंद करें, पंचायतों की शक्ति दो लाख से बढ़ाकर 25 लाख करें और राइट टू रिकाल को भी वापस लें। इस मौके पर प्रधान जयपाल देशवाल, सरपंच रमेश छदिया, सुनील कुमार, नवीन बिलासपुर और कृष्ण मुरारी मौजूद रहे।
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उसी तरह गांव की जनता ने उन्हें भी चुना है, लेकिन सरकार उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। दो लाख की धनराशि से गांव का विकास नहीं हो सकता। सरकार को पिछली सरकारों की तरह ही 20 लाख की धनराशि विकास कार्यों के लिए जारी करनी चाहिए। यदि सरकार ऐसा नही करेंगी तो उनका प्रदर्शन चलता रहेगा। सरपंच दिलबाग ने कहा कि पंचायतें गांवों की छोटी नहीं, बल्कि बड़ी सरकार होती है। जमीनी स्तर पर पंचायत ही प्रस्ताव बनाकर गांव के विकास को गति देती हैं।
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प्रदेश सरकार की ओर से पंचायतों को सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ई-टेंडरिंग प्रणाली को बंद करें, पंचायतों की शक्ति दो लाख से बढ़ाकर 25 लाख करें और राइट टू रिकाल को भी वापस लें। इस मौके पर प्रधान जयपाल देशवाल, सरपंच रमेश छदिया, सुनील कुमार, नवीन बिलासपुर और कृष्ण मुरारी मौजूद रहे।
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