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Panipat News: करोड़ों खर्च के बाद भी अंधेरे में आधा शहर
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पानीपत। एक बार फिर से नगर निगम ने शहर में करोड़ों रुपये से नई स्ट्रीट लाइटों की इंस्टॉलेशन को शुरू तो करा दिया है लेकिन अब भी शहर में लगी ज्यादातर पुरानी लाइटें बंद पड़ी हैं। निगम के पास खुद की मैनपावर तो है लेकिन इसमें से आधे कर्मचारी निगम की दूसरी ब्रांच में तैनात हैं। निगम के पास सामान खरीदने के लिए तीन एजेंसी तो हैं लेकिन आचार संहिता के चलते इनका वर्क ऑर्डर बकाया है। निगम अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पुरानी लाइटों को ठीक करने का काम शुरू कराया जाएगा।
गौरतलब है कि इस समय शहर में करीब 25 हजार पुरानी लाइटें हैं। इनमें करीब 40 प्रतिशत यानी करीब दस हजार के आसपास लाइटें खराब, बंद या कनेक्शन न होने की वजह से ठप पड़ी हैं। जिसका खामियाजा शहर के लोगों को रात के समय भुगतना पड़ता है। वही, निगम ने शहर में लगने वाली नई 16000 ब्रांडेड लाइटों में से पहली खेप की 2800 लाइटों की इंस्टॉलेशन का काम शुरू करवा दिया है। इस काम पर निगम करीब सवा करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। ये लाइटें मुख्य रूप से शहरी विधानसभा के अंतर्गत आने वाले निगम एरिया में लगाई जाएंगी। इनकी लोकेशन शहरी विधायक एवं निवर्तमान पार्षदों से मांगी गई है। इनकी लोकेशन के हिसाब से लाइटों को लगाने का काम किया जाएगा।
वहीं, करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सेक्टर 25-29 में निगम की ओर से लगाई गई डेकारेटिव पोल और फैंसी लाइटें कनेक्शन के बिना आज तक चालू नहीं हो पाई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिस ठेकेदार के पास इन लाइटाें को लगाने का काम था, उसने काम लेट शुरू किया। अब इस काम को शुरू करवा दिया गया है। जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
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अधिकारियों ने कहा कि शहर में सोडियम, ब्लब और ट्यूब वाली पुरानी खराब लाइटों को बदल कर उनकी जगह एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। ये वे लाइटें हैं जो शहर में पिछले आठ से दस साल से लगी हैं। इनमें बिजली की खपत ज्यादा है। इनके रखरखाव का भी खर्चा ज्यादा है जबकि एलईडी की तुलना में रोशनी कम है। इसलिए पुरानी कंडम लाइटों को नई से बदला जाएगा। जो लाइटों पिछले दो से तीन साल में लगी हैं और एलईडी हैं उनको रिपेयर करवाया जाएगा।
वर्जन:
फिलहाल शहर में नई लाइटें लगाने का काम शुरू किया गया है। पुरानी लाइटाें की रिपेयरिंग का काम भी जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
गौरव कुमार, जेई, इलेक्टि्रकल विंग, नगर निगम।
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गौरतलब है कि इस समय शहर में करीब 25 हजार पुरानी लाइटें हैं। इनमें करीब 40 प्रतिशत यानी करीब दस हजार के आसपास लाइटें खराब, बंद या कनेक्शन न होने की वजह से ठप पड़ी हैं। जिसका खामियाजा शहर के लोगों को रात के समय भुगतना पड़ता है। वही, निगम ने शहर में लगने वाली नई 16000 ब्रांडेड लाइटों में से पहली खेप की 2800 लाइटों की इंस्टॉलेशन का काम शुरू करवा दिया है। इस काम पर निगम करीब सवा करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। ये लाइटें मुख्य रूप से शहरी विधानसभा के अंतर्गत आने वाले निगम एरिया में लगाई जाएंगी। इनकी लोकेशन शहरी विधायक एवं निवर्तमान पार्षदों से मांगी गई है। इनकी लोकेशन के हिसाब से लाइटों को लगाने का काम किया जाएगा।
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वहीं, करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सेक्टर 25-29 में निगम की ओर से लगाई गई डेकारेटिव पोल और फैंसी लाइटें कनेक्शन के बिना आज तक चालू नहीं हो पाई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिस ठेकेदार के पास इन लाइटाें को लगाने का काम था, उसने काम लेट शुरू किया। अब इस काम को शुरू करवा दिया गया है। जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
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अधिकारियों ने कहा कि शहर में सोडियम, ब्लब और ट्यूब वाली पुरानी खराब लाइटों को बदल कर उनकी जगह एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। ये वे लाइटें हैं जो शहर में पिछले आठ से दस साल से लगी हैं। इनमें बिजली की खपत ज्यादा है। इनके रखरखाव का भी खर्चा ज्यादा है जबकि एलईडी की तुलना में रोशनी कम है। इसलिए पुरानी कंडम लाइटों को नई से बदला जाएगा। जो लाइटों पिछले दो से तीन साल में लगी हैं और एलईडी हैं उनको रिपेयर करवाया जाएगा।
वर्जन:
फिलहाल शहर में नई लाइटें लगाने का काम शुरू किया गया है। पुरानी लाइटाें की रिपेयरिंग का काम भी जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
गौरव कुमार, जेई, इलेक्टि्रकल विंग, नगर निगम।