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Panipat News: सुबह छाई रही घनी धुंध, कल बारिश के आसार
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सुबह के समय खेतों में छाई धुंध। संवाद
पानीपत। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से जिले में तीन दिन बारिश के बाद शनिवार को सुबह घनी धुंध छाई गई। अचानक हुए मौसम में बदलाव से दृश्यता पांच से सात मीटर रहने पर वाहन चालकों को रेंग-रेंगकर चलना पड़ा। दिन के समय धूप निकलने से अधिकतम तापमान एक डिग्री बढ़ा। मौसम विशेषज्ञ ने सोमवार को फिर से बारिश के आसार जताए हैं।
जिले में बुधवार शाम से शुक्रवार तक रुक-रुककर बारिश होने से जन-जीवन प्रभावित हुआ वहीं कुछ क्षेत्रों में गेहूं की फसल कुछ प्रतिशत नुकसान भी हुआ है। शनिवार को सुबह धुंध या गई। इससे आवाजाही प्रभावित हुई। वाहनों की रफ्तार कम हुई। दिन में धूप निकलने से अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार दोपहर बाद 16 किलोमीटर प्रति घंटा हुई जिससे शाम को ठंड महसूस की गई। परढ़ाना निवासी सुनील सांगवान ने बताया कि यह समय गेहूं की फसल पकने का है तो फसल को हल्की ठंड के साथ धूप भी जरूरी है। तीन दिन लगातार बारिश होने से कुछ क्षेत्रों में तो फसल जमीन पर बिछ गई है जिससे उनका उत्पादन 30 प्रतिशत तक कम हो गया है। यदि अब आगे भी बारिश होती है तो फसलों को ज्यादा नुकसान हो सकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि सोमवार को फिर से बारिश हो सकती है। इस समय बारिश के साथ हवा की रफ्तार बढ़ने से फसलों को नुकसान हो सकता है क्योंकि गेहूं की फसल को इस समय हल्की नमी की जरूरत होती है लेकिन बारिश से ज्यादा नमी हो जाती है जो फसल की पैदावार को प्रभावित करती है। इसी प्रकार सरसों की फसल पककर तैयार हो गई है कई क्षेत्रों में तो कटाई भी शुरू हो गई है यदि इस समय तेज हवा चलती है तो सरसों की बालियां झड़ जाएंगी। ब्यूरो
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जिले में बुधवार शाम से शुक्रवार तक रुक-रुककर बारिश होने से जन-जीवन प्रभावित हुआ वहीं कुछ क्षेत्रों में गेहूं की फसल कुछ प्रतिशत नुकसान भी हुआ है। शनिवार को सुबह धुंध या गई। इससे आवाजाही प्रभावित हुई। वाहनों की रफ्तार कम हुई। दिन में धूप निकलने से अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार दोपहर बाद 16 किलोमीटर प्रति घंटा हुई जिससे शाम को ठंड महसूस की गई। परढ़ाना निवासी सुनील सांगवान ने बताया कि यह समय गेहूं की फसल पकने का है तो फसल को हल्की ठंड के साथ धूप भी जरूरी है। तीन दिन लगातार बारिश होने से कुछ क्षेत्रों में तो फसल जमीन पर बिछ गई है जिससे उनका उत्पादन 30 प्रतिशत तक कम हो गया है। यदि अब आगे भी बारिश होती है तो फसलों को ज्यादा नुकसान हो सकता है।
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कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि सोमवार को फिर से बारिश हो सकती है। इस समय बारिश के साथ हवा की रफ्तार बढ़ने से फसलों को नुकसान हो सकता है क्योंकि गेहूं की फसल को इस समय हल्की नमी की जरूरत होती है लेकिन बारिश से ज्यादा नमी हो जाती है जो फसल की पैदावार को प्रभावित करती है। इसी प्रकार सरसों की फसल पककर तैयार हो गई है कई क्षेत्रों में तो कटाई भी शुरू हो गई है यदि इस समय तेज हवा चलती है तो सरसों की बालियां झड़ जाएंगी। ब्यूरो
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