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ध्वस्तीकरण शुरू, लोगों ने हटाने शुरू किए कब्जे
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पानीपत। आशियाना को खोने का गम:- सिचाई विभाग की जमीन पर मॉडल टाउन में बने अवैध मकान को तोड़ने का नोट?
- फोटो : Panipat
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पानीपत। मॉडल टाउन में बाल विकास स्कूल से नहरी विभाग ने एक बार फिर से अपने ध्वस्तीकरण अभियान की शुरुआत सोमवार से कर दी है। इस बार विभाग ने पहले अपने ही क्वार्टर को गिराना शुरू कर दिया है। सबसे पहले बाल विकास स्कूल से सिंचाई विभाग के पास बने अपने दफ्तर को गिरा दिया है। इसके बाद आगे क्वार्टर को भी खाली करवाया जा रहा है।
दूसरी तरफ जाटल रोड की ओर से इस जमीन पर बने मकानों को लोग खुद ध्वस्त करने लगे हैं। इन मकानों से कुछ लोग अपना सामान निकाल रहे हैं तो कुछ मलबा लाद रहे हैं। मौके पर जमीन पर बनाए मंदिर को भी खाली किया जा रहा है। वहीं, मंदिर के ऊपर बनाए गए मकान से भी सामान निकाला जा रहा है। वहीं, कुछ लोगों ने एक बार फिर से नहरी विभाग के अधिकारियों से गुजारिश की लेकिन अधिकारियों ने कहा कि ये ध्वस्तीकरण तो होकर ही रहेगा। इसमें वे भी कुछ नहीं कर सकते।
गौरतलब है कि पानीपत माइनर की इस जमीन पर 52 फीट चौड़ी सड़क बनना प्रस्तावित है। यह सड़क बाल विकास स्कूल से जाटल रोड तक यहां से गोहाना रोड तक जाएगी। इस जमीन पर करीब 112 लोगों के कब्जे हैं। इनमें मकान मालिकों समेत किरायेदारों के करीब तीन सौ परिवार रहते हैं। विभाग ने अपनी जमीन को कब्जा मुक्त करवाने के लिए इनको नोटिस दे रखे हैं। वीरवार को चले ध्वस्तीकरण अभियान के विरोध के बाद इसे रोक दिया गया था। इसके बाद डीसी और विधायक के संज्ञान में मामला लाया गया। उन्होंने कोर्ट के आदेशों का हवाला देेते हुए लोगों की मदद से इनकार कर दिया।
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खुद ही तोड़ रहे अपने आशियाने
जाटल रोड पर शिव मंदिर के पीछे लोगों ने अपने मकानों को खाली करने के बाद खुद ही गिराना शुरू कर दिया है। इनके मलबे से निकलने वाले ईंटों को इकट्ठा किया जा रहा है ताकि जब भी ये लोग अपना दूसरा मकान बनाएं तो ये सामान उसमें काम आ सके। मकानों से घर की जरूरत का सामान निकाला जा रहा है। लोगों का कहना है कि विभाग जब तक क्वार्टरों को गिराकर इन मकानों तक आएगा वे अपना मलबा उठा चुके होंगे।
आधे कच्चे तो आधे मकान है पक्के
सिंचाई विभाग की इस जमीन पर आधे मकान कच्चे हैं। इनमें कुछ झुग्गी झोपड़ियां तक शामिल हैं। जबकि कुछ लोगों ने यहां पर पक्के लेंटर वाले मकान तक बना रखे हैं। यहां दो मंदिर भी बने हैं। एक मंदिर जाटल रोड पर है तो दूसरा मंदिर मॉडल टाउन एरिया की तरफ है। मंदिर के आगे पीछे वाली जमीन पर भी मकान बने हुए हैं। इन सभी पर अब विभाग का पीला पंजा चलेगा।
... और नगर निगम लगवा रहा ट्यूबवेल
हैरानी की बात ये है कि जिस जमीन पर इतना बवाल मचा हुआ है वहीं नगर निगम ट्यूबवेल लगवाने का काम जोरों से करवा रहा है। विभाग अधिकारियों ने मौके पर जाकर निगम कर्मचारियों को टोका और कहा कि वे काम बंद कर दें। इस ट्यूबवेल को भी अवैध तरीके से लगाया जा रहा है। इस पर भी नहरी विभाग की कार्रवाई में पीला पंजा चलेगा।
कार्यालय तोड़कर की अभियान की शुरुआत
विभाग ने अपने कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को अभियान के चलते अपने ही विभाग के कार्यालय को तोड़ा गया है। इसके सामान को पहले ही शिफ्ट कर दिया गया था। बाकी क्वार्टरों को भी खाली करवाया जा रहा है। जल्द ही पूरी जमीन को कब्जा मुक्त करवा दिया जाएगा। -सुरेश सैनी, एक्सईएन, सिंचाई विभाग, पानीपत।
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दूसरी तरफ जाटल रोड की ओर से इस जमीन पर बने मकानों को लोग खुद ध्वस्त करने लगे हैं। इन मकानों से कुछ लोग अपना सामान निकाल रहे हैं तो कुछ मलबा लाद रहे हैं। मौके पर जमीन पर बनाए मंदिर को भी खाली किया जा रहा है। वहीं, मंदिर के ऊपर बनाए गए मकान से भी सामान निकाला जा रहा है। वहीं, कुछ लोगों ने एक बार फिर से नहरी विभाग के अधिकारियों से गुजारिश की लेकिन अधिकारियों ने कहा कि ये ध्वस्तीकरण तो होकर ही रहेगा। इसमें वे भी कुछ नहीं कर सकते।
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गौरतलब है कि पानीपत माइनर की इस जमीन पर 52 फीट चौड़ी सड़क बनना प्रस्तावित है। यह सड़क बाल विकास स्कूल से जाटल रोड तक यहां से गोहाना रोड तक जाएगी। इस जमीन पर करीब 112 लोगों के कब्जे हैं। इनमें मकान मालिकों समेत किरायेदारों के करीब तीन सौ परिवार रहते हैं। विभाग ने अपनी जमीन को कब्जा मुक्त करवाने के लिए इनको नोटिस दे रखे हैं। वीरवार को चले ध्वस्तीकरण अभियान के विरोध के बाद इसे रोक दिया गया था। इसके बाद डीसी और विधायक के संज्ञान में मामला लाया गया। उन्होंने कोर्ट के आदेशों का हवाला देेते हुए लोगों की मदद से इनकार कर दिया।
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खुद ही तोड़ रहे अपने आशियाने
जाटल रोड पर शिव मंदिर के पीछे लोगों ने अपने मकानों को खाली करने के बाद खुद ही गिराना शुरू कर दिया है। इनके मलबे से निकलने वाले ईंटों को इकट्ठा किया जा रहा है ताकि जब भी ये लोग अपना दूसरा मकान बनाएं तो ये सामान उसमें काम आ सके। मकानों से घर की जरूरत का सामान निकाला जा रहा है। लोगों का कहना है कि विभाग जब तक क्वार्टरों को गिराकर इन मकानों तक आएगा वे अपना मलबा उठा चुके होंगे।
आधे कच्चे तो आधे मकान है पक्के
सिंचाई विभाग की इस जमीन पर आधे मकान कच्चे हैं। इनमें कुछ झुग्गी झोपड़ियां तक शामिल हैं। जबकि कुछ लोगों ने यहां पर पक्के लेंटर वाले मकान तक बना रखे हैं। यहां दो मंदिर भी बने हैं। एक मंदिर जाटल रोड पर है तो दूसरा मंदिर मॉडल टाउन एरिया की तरफ है। मंदिर के आगे पीछे वाली जमीन पर भी मकान बने हुए हैं। इन सभी पर अब विभाग का पीला पंजा चलेगा।
... और नगर निगम लगवा रहा ट्यूबवेल
हैरानी की बात ये है कि जिस जमीन पर इतना बवाल मचा हुआ है वहीं नगर निगम ट्यूबवेल लगवाने का काम जोरों से करवा रहा है। विभाग अधिकारियों ने मौके पर जाकर निगम कर्मचारियों को टोका और कहा कि वे काम बंद कर दें। इस ट्यूबवेल को भी अवैध तरीके से लगाया जा रहा है। इस पर भी नहरी विभाग की कार्रवाई में पीला पंजा चलेगा।
कार्यालय तोड़कर की अभियान की शुरुआत
विभाग ने अपने कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को अभियान के चलते अपने ही विभाग के कार्यालय को तोड़ा गया है। इसके सामान को पहले ही शिफ्ट कर दिया गया था। बाकी क्वार्टरों को भी खाली करवाया जा रहा है। जल्द ही पूरी जमीन को कब्जा मुक्त करवा दिया जाएगा। -सुरेश सैनी, एक्सईएन, सिंचाई विभाग, पानीपत।

पानीपत। लोगों के आंसू बया कर रहै सब कुछ:- सिचाई विभाग के क्वार्टर से थोड़ी दूर बने मकान को खाली करन?- फोटो : Panipat

पानीपत। घर के अंदर से अपना सामान निकालते हुए लोग।- फोटो : Panipat

पानीपत। अपने कार्यालय की दीवार को तोड़कर सिचाई विभाग द्वारा शुरू की गई कारवाई, जेसीबी दीवार को गि- फोटो : Panipat

पानीपत। सीचाई विभाग द्वारा दिए गए नोटीस के बाद लोगों द्वारा खुद ही अपने मकान को तुड़वाना कीया शुर- फोटो : Panipat